Afghanistan: त्याग दिया काबुल अमेरिका ने, चली गईं फौजें वापिस

अमेरिका ने तालिबानी "डेडलाईन' से पहले ही अपने नागरिकों को अफगानिस्तान से सुरक्षित निकाल लिया.  काबुल सीरियल बम धमाके मे शहीद हुए उन 13 अमरीकी सैनिकों के अलावा और किसी अमेरिकी नागरिक  की जान नही गई..

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अफगानिस्तान से खत्म हुआ अमेरिका का दाना-पानी. बीस वर्षों तक अपने सैन्य बल सेवा अभियान के  उपरांत 30 अगस्त सोमवार को अमेरिकी सैनिकों को ले जाने वाले आखरी एयर क्राफ्ट C-17  ने दोपहर  3:29 मिनट पर  काबुल के हामिद करजई हवाई अड्डे से उड़ान भरी.
इस तरह अफगानिस्तान में आखिरकार एक युग का अंत हो गया. अमेरिका ने तालिबानी “डेडलाईन’ से पहले ही अपने नागरिकों को अफगानिस्तान से सुरक्षित निकाल लिया.  काबुल सीरियल बम धमाके मे शहीद हुए उन 13 अमरीकी सैनिकों के अलावा और किसी अमेरिकी नागरिक  की जान नही गई. दिवंगत सैनिकों की मौत का बदला भी अमेरीका ने किलर ड्रोन स्ट्राइक और रॉकेट स्ट्राइक द्वारा ले लिया.
अमेरिकी कमांडरों की  वापसी के साथ-साथ अफगानिस्तान में उनकी सैन्य और राजनयिक उपस्थिति का भी अंत हो गया.
अमेरिकी  राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि “अब अफगानिस्तान में हमारी 20 साल की सैन्य उपस्थिति खत्म हो गई है. मैं अपने कमांडरों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि बिना किसी और अमेरिकी की जान गंवाए उन्होंने अफगानिस्तान से खतरनाक निकासी को पूरा किया जैसा कि 31 अगस्त सुबह की डेडलाइन निर्धारित की गई थी.”
अफगानिस्तान से वापसी करते अमेरिकी सैनिक- मेजर जनरल क्रिस डोनह्यू ने बताया कि ये अमेरिका के इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा एयरलिफ्ट है.
बाइडेन ने दावा किया कि “पिछले 17 दिनों में हमारे सैनिकों ने अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़े एयरलिफ्ट को अंजाम दिया. उन्होंने 1,20,000 से अधिक अमेरिकी नागरिकों, हमारे सहयोगियों के नागरिकों और संयुक्त राज्य अमेरिका के अफगान सहयोगियों को सुरक्षित निकाला है.” उन्होंने आगे कहा कि “मैंने अपने विदेश मंत्री से कहा है कि वे अपने अंतरराष्ट्रीय पार्टनर्स के साथ लगातार को-ऑर्डिनेट करें ताकि किसी भी अमेरिकी, अफगान भागीदारों और विदेशी नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जा सके जो अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं.”
राष्ट्रपति जो बाइडेन  आज अमेरीका को संबोधित करेंगे . राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने बयान में कहा- ”कल दोपहर मंगलवार को मैं अफगानिस्तान में हमारी उपस्थिति को 31 अगस्त से आगे नहीं बढ़ाने के अपने निर्णय पर लोगों को संबोधित करूंगा। योजना के अनुसार अफगानिस्तान में हमारे एयरलिफ्ट मिशन को समाप्त करने के लिए वहां ग्राउंड पर मौजूद हमारे सभी कमांडरों और जॉइंट्स चीफ्स की सर्वसम्मत सिफारिश थी.”
अफगानिस्तान से अमेरिकी दूतावास  को  कतर शिफ्ट कर दिया गया.
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बताया कि “अमेरिका हर उस अमेरिकी की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है जो अफगानिस्तान छोड़ना चाहता है. अफगानिस्तान में अमेरिका का काम जारी है, हमारे पास एक योजना है. हम शांति बनाए रखने पर अथक रूप से केंद्रित रहेंगे.. इसमें हमारे समुदाय में हजारों लोगों का स्वागत करना भी शामिल है, जैसा कि हमने पहले भी किया है.”
अमेरिकी सेना की वापसी के समय काबुल से कुछ और लोगों को  भी वहाँ से सुरक्षित बाहर निकाला गया.  इन्हीं गतिविधियों के मध्य आतंकी संगठन ISIS-K ने काबुल एयरपोर्ट पर रॉकेट हमलों की जिम्मेदारी  स्वयं ले ली है. सूत्रों के अनुसार रॉकेट हमलों में अमेरीका के किसी भी नागरिक  को किसी प्रकार  की क्षति नहीं पहुँची है.
अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के पश्चात अमेरिकी सैन्य अभियान समाप्ति की घोषणा यूएस जनरल केनेथ एफ मैकेंजी ने कर दी है.

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