सावधान, India ! चोरी-चोरी China बना रहा है खतरनाक भूमिगत Ballistic Missiles

ये जानकारी अमेरिका से चल कर आई है, सैटेलाइट तस्वीरों की मदद से अमेरिका ने खोली है चीन की पोल और बताया है कि चीन चोरी चोरी 16 भूमिगत बैलिस्टिक मिसाइलें बना रहा है..

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भारत यदि अपना डिफेन्स मजबूत कर रहा है तो यह अनिवार्य रूप से देश की सुरक्षा की आवश्यकता है. अमेरिका से आई इस खबर ने भारत के लिए इस तथ्य को सिद्ध कर दिया है. अमेरिका की सैटेलाइट सेवा ने खोली है चीन की पोल और उसके माध्यम से पता चला है कि चीन संभवत: 16 नई भूमिगत अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) साइलो के निर्माण में जुटा हुआ है.

अमेरिकन परमाणु विशेषज्ञ ने किया दावा

अचानक अमेरिकी सैटेलाइट सेवा को जब चीनी धरातल पर कुछ संदेहास्पद गतिविधि होती महसूस हुई तो उन्होंने पूरा ध्यान इस के खुलासे पर लगा दिया और अंततः पाया कि चीन अब भूमिगत मिसाइलों का निर्माण करने में लगा हुआ है. हाल ही में अमेरिका के परमाणु विशेषज्ञ ने चीनी मिसाइल प्रक्षेपण क्षेत्र में चल रहे निर्माण से संबंधित सैटेलाइट चित्रों के विश्लेषण के आधार पर यह दावा किया है.

लम्बे समय से रख रहे हैं नज़र

अमेरिका के ये परमाणु विशेषज्ञ हैं हैंस क्रिस्टेनसन जो कि ‘फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट’ से जुड़े हुए हैं. हैंस क्रिस्टेनसन एक लंबे अरसे से अमेरिका, रूस और चीन की परमाणु ताकत पर नजर जमाये हुए हैं. उनका कहना है कि ऐसा लगता है कि चीन भूमिगत साइलो के माध्यम से नई परमाणु मिसाइलों के प्रक्षेपण की क्षमता विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. इसका उद्देश्य ये है कि यदि उस पर कोई भी परमाणु हमला हो तो वह तुरंत जवाबी कार्रवाई करने की अपनी क्षमता में सुधार ला सके.

अमेरिका को भी है खतरा

क्रिस्टेन्सन का कहना है कि चीन की विध्वंसक चोरी की हरकत से खतरा सिर्फ भारत को ही नहीं, अमेरिका को भी है. उन्होंने बताया कि पाई गई सैटेलाइट तस्वीरें संकेत दे रही हैं कि चीन अमेरिका से बढ़ते टकराव का मुकाबला करने की तैयारी में जुटा हुआ है. अगले दो दशक में अमेरिका अपने नए परमाणु शस्त्रागार के निर्माण हेतु सैकड़ों अरबों डॉलर के खर्च को उचित ठहरा रहा है और इसके पीछे चीन चीन के परमाणु आधुनिकीकरण को कारण बता रहा है.

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