दुआओं ने बचा दी जिन्दगी जब मौत से कुछ मिनटों का ही फासला था

चमत्कार को है नमस्कार! जी हाँ इसे चमत्कार ही कहेगें .वो भी जब सवाल एक या दो नही पूरे 73 ज़िन्दगियों का हो.

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चमत्कार ने बचाईं 73 लोगों की जिन्दगी और ये घटना हुई है नेपाल में

ऐसा ही कुछ घटित हुआ है नेपाल में. एक विमान के लैंडिग गियर फंस जाने के कारण प्लेन पूरे दो घंटे हवा में झूलता रहा. नेपाल की एयरलाइन बुद्धा एयर का विमान करीब दो घंटे तक हवा में ही हिचकोले खाता रहा. ऐसा लैंडिंग गियर के फँस जाने के कारण हुआ. विमान में 73 लोग यात्रा कर रहे थे.

आँखों के आगे मंडराया मौत का मंज़र

सोचकर भी रूह काँप उठती है. सोचिये क्या मंज़र रहा होगा. पूरे समय यात्री डर और मौत के खौफ से सहमे रहे. आँखों के आगे मौत नाच रही थी. सबके होंठों पर ईश्वर का नाम और जीवन को बचाने की प्रार्थनाएँ थी कि तभी चमत्कार हुआ. चलिये आपको इस चमत्कारिक घटनाक्रम की पूरी दास्तान बताते हैं.

लैंडिंग गियर फंसने से हुई समस्या

सूत्रों की जानकारी के अनुसार हुआ यूँ कि नेपाल की बुद्धा एयर का विमान सोमवार को लैंडिंग गेयर फंस जाने के कारण लगभग दो घंटों तक हवाई हिंडोले लेता रहा. पर यह कोई आनन्द का विषय नही बहुत ही डरावना था उन यात्रियों(73) के लिये जो उस विमान में सवार थे. जब विमान ने उड़ान भरी तब कोई सोच भी नहीं सकता था कि उनके साथ एक भयानक हादसा हो सकता है.

हुआ ये था

अचानक हुआ कुछ ऐसा कि जिसे जान कर पायलट्स के हाथ-पैर फूल गये. उन्हें पता चला कि लैंडिग गियर काम नहीं कर रहा है क्योंकि वो कुछ फंसा हुआ सा महसूस हुआ. हवा में जमीन से हजारों फीट की ऊंचाई पर प्लेन हवा में लटका रहा और यात्रियों के लिये हर लम्हा मौत का सामना करते हुए बिता.

जानकारी के अनुसार विमान की लैंडिंग विराटनगर होनी थी परन्तु फिर उसे काठमांडू ले जाना पड़ा. बुद्धा एयर की उड़ान संख्‍या BH 702 ATR-72 काठमांडू अंतर्राष्ट्रीय त्रिभुवन हवाई अड्डे से विराटनगर की ओर रवाना हुई थी जिसमें सवार थे 73 यात्री परन्तु लैंडिंग गेयर में समस्या आने के कारण विमान को पुन: काठमांडू लाया गया. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान यात्री दहशत में रहे.

चमत्कार ने लगाई नैया पार

आपको बता दें यदि किसी भी विमान के लैंडिंग गियर में समस्या होती है तो इसमें दो ही बातों की आशंका होती है या तो जबरन लैंडिंग कराई जाती है या दूसरी सूरत में Plain Crash हो जाता है परन्तु ऐसा कुछ भी नही हुआ. “जब सर पर हो मुरली वाले का हाथ, तो फिर डरने की क्या है बात”, एक ऐसा चमत्‍कार हुआ जिसकी किसी ने भी कल्पना नही की थी. विमान उन 73 यात्रियों सहित काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया गया.

फोर्स लैन्डिंग की कोशिश नाकाम

यात्रियों को एयर होस्टेस द्वारा ये बताया गया था कि विमान में कुछ Technical Problem हो गई है जिसके कारण विमान के Landing Gear नहीं खुल रहे. विमान को पुन: काठमांडू लौटाकर पायलट ने Force Landing की कोशिश बार-बार की जिसमें नाकामी मिली. इसी बीच यात्रियों को ये भी संतोष दिलाया गया कि विमान का ईधन खत्म किया जा रहा है जिससे प्लेन क्रैश की स्थिति उत्पन्न न हो और यात्रियों में फैली भय और चिंता थोड़ी कम हो जाए. उनका मनोबल बना रहे. Pilot द्वारा लगातार फोर्स लैंडिंग के प्रयास जारी रहे.

सेफ लैंडिंग के साथ पुख्ता इंतज़ाम

इसी बीच विमान द्वारा फोर्स लैंडिंग के प्रयास को देखते और परिस्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए रनवे पर सुरक्षा बल, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड को पहले से ही तैनात कर दिया गया. यह सब देखकर यात्रियों में खौफ और ज़्यादा भर गया. विमान का तेल भी खत्म हो चुका था. 73 लोगों की जान बचाने में प्रयासरत पायलट ने एक जांबांज सिपाही़ की तरह आखिरी अटैम्पट लिया सेफ लैंडिंग के लिए . यात्रियों को कुर्सी की पेटी कसकर बाँध लेने को कहा गया. फोर्स लैंडिंग का प्रयास एक बार फिर किया ये बिना सोचे कि सफलता मिलेगी या नही और हुआ चमत्‍कार जिसकी किसी को भी उम्मीद नही थी.

इस बार विमान के लैंड‍िंग गेयर खुल गए .पायलट को एटीसी ने सूचना दी कि अब वे सुरक्षित उतर सकते हैं रन वे पर . तत्पश्चात विमान की पूर्ण रूप से सुरक्ष‍ित हवाई अड्डे पर लैंडिंग हुई. पायलट सहित यात्रियों में खुशी की लहर दौड़ गई और सभी ने राहत की साँस ली . ये एक ऐसा अविश्वसनीय करिश्मा था जिसे देखकर ये विश्वास और भी पुख्ता हो जाता है कि ईश्वर है. यह भी बता दें कि नेपाल की डोमेस्टिक फ्लाईट बहुत छोटी होती है और अक्‍सर कम रोशनी तथा खराब मौसम की वजह से फ्लाटईटें रद्द हो जाती हैं या वापस लौट आती है परन्तु इस बार लोगों की जान पर बन आई थी. आखिरकार सभी 73 यात्रियों का जीवन बचा लिया गया.

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