John McAfee: जेल में मृत मिले सेक्स वर्कर पत्नी के पति और धनी व्यवसायी

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कंप्यूटर सुरक्षा से संबंधित पहले साफ्टवेयर का निर्माण करने वाले 75 वर्षीय जॉन डेविड मैकेफी स्पेन की जेल में मृत पाये गये हैं| उनके वकील जेवियर विलाब्ला ने बताया कि नौ महीनों से वे जेल में सज़ा काट रहे थे जिसने उनको निराशावादी बना दिया और उन्होंने तंग आ कर आत्महत्या कर ली| इतने बड़े सॉफ्टवेयर निर्माता का आत्महत्या कर लेना थोड़ा विचित्र है, पर जितना सफल व्यापार उतने ही गहरे राज़ होते हैं|

सेक्स वर्कर पत्नी

71 वर्ष की आयु में मैकेफ ने वर्ष 2013 में 34 वर्षीय जेनिस डायसन से तीसरा विवाह किया था| हैरत की बात है कि जेनिस एक रेस्टोरेंट में काम करती थी और मुख्य रूप से सेक्स वर्कर थी| उनदोनों कीपहली मुलाकात (बतौर कॉल गर्ल) भी इसी सिलसिले में ही हुई थी जिसके बाद उन्होंने जेनिस डाय़सन से विवाह कर लिया|

मैकेफ के करियर की शुरूआत

ब्रिटेन(इंग्लैण्ड) के ग्लूसेस्टरशायर में सन् 1945 को जन्मे जॉन डेविड मैकेफ ने साल 1987 में ‘मैकेफ एसोसिएट्स’ की नींव रखी| सन 1990 में इस कंपनी का नाम “मैकेफ” रखा गया था | उन्होंने पहला कॉमर्शियल एंटी वायरस सॉफ्टवेयर “मैकेफ’ (MACAFEE Antivirus Software) वर्ष 1987 में बनाया था. उनकी कंपनी व्यापारिक संस्थानों,प्रतिष्ठानों,सरकारी कार्यालयों और घरेलू उपभोक्ताओं को सॉफ्टवेयर और सेवाएँ प्रदान करती है| इस मैकेफ कंपनी का मुख्य कार्यालय सेंटा क्लोरा,कैलिफोर्निया में स्थित है|

सफलता का दौर

साल 2011 में इस सॉफ्टवेयर कंपनी को 7.68 अरब डॉलर(5 बिलियन पाउंड) में कैलिफोर्निया की चिप मेकर कंपनी “इंटेल” को बेच दिया तथा इसी कंपनी के एक हिस्से को  सुरक्षा संबंधी रूप में सुरक्षित रखा|इसके बाद भी कंपनी ‘मेकैफ’ के नाम से चलती रही| यही ब्रेंड नेम आज भी जारी और विश्व प्रसिद्ध  है| सन्1994 में इस्तीफा देने के पश्चात भी वो बिज़नेस से जुड़े रहे| व्यक्तिगत कंप्यूटर के यूज़र कीअत्यधिक संख्या में होने के कारण बाज़ार में इनकी मोनोपोली हो गई| उस दौर में सौ से भी अधिक कंपनियाँ  ‘मैकेफ’ सॉफटवेयर का उपयोग कर रही थी|पूरे विश्व में इस सॉफ्टवेयर के 50 करोड़ से अधिक यूज़र हैं|
मैकेफी क्रिप्टोकरेंसी विज्ञ माने जाते थे| सन्  2017 में मैकेफ एमजीटी कैपीटल  इन्वेस्टमेंट के सीईओ बन गए थे | बिटकॉइन माइनिंग बिजनेस के जरिए इसे एक मुनाफे वाली साइबर सिक्योरिटी कंपनी बनाने का विचार था उनका| अपनी चतुर सोच व समझ-बूझ से वे जल्द ही क्रिप्टोकरेंसी कंपनी Luxcore के सीईओ बन गए| जॉन मैकेफी ने NASA, Xerox और लॉकहीड मार्टिन जैसी कंपनियों के लिए काम किया था.

गिरफ्तारी क्यूँ हुई

मैकेफ ने क्रिप्टो करेंसी व कंसल्टिंग वर्क के बल पर लाखों की कमाई की थी लेकिन कभी  इनकम टैक्स नहीं भरा| मैकेफी पर टैक्स चोरी के आरोप में टेनेसी और क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड केस न्यूयॉर्क में दर्ज हुआ था| सूत्रों के अनुसार वे सदैव अमेरिकन ऑथोरिटि से छुपते-फिरते रहे| पता चला है कि यही कारण है कि उन्होंने कुछ वक्त यॉट पर भी मजबूरीवश व्यतीत किया| पिछले वर्ष 3 अक्टूबर को उन्हें बार्सिलौना हवाई-अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया था, जब वे ब्रिटिश पासपोर्ट  से इस्तांबुल जा रहे थे|
वैसे ये कोई पहला अवसर नही था मैकेफ की गिरफ्तारी का| इसके  पूर्व भी हथियार और गोला-बारूद  डोमिनिकन रिपब्लिक देश में ले जाने के जुर्म में मैकेफ गिरफ्तार हुए थे| टेनेसी के अध्यारोपी पक्ष ने कहा कि इसके एवज़ में मैकेफ को 2014 से 2018 तक जुर्माने और ब्याज के रूप में अमेरिकी सरकार को 4,214,105 डालर की रकम चुकानी थी| यही वजह है कि वे अमेरिकन प्राधिकरण से छिपते-छिपाते रहे| उन्होंने 2019 में ये कहा भी था कि वैचारिक कारणों की वजह से आठ वर्षों से वे अमेरिकन टेक्स नही भर पाये| ध्यान देने वाली बात ये है कि यदि उन पर लगाये गये आरोप साबित हो जाते तो उन्हें 30 साल की जेल भी हो सकती थी|

मानसिक दबाव और भावनात्मक बयान

पिछले महीने में मैकेफ ने कोर्ट की सुनवाई के दौरान ये कहा था कि अगर उन्हें अमेरिका का दोषी ठहराया जाता है तो उन्हें पूरा जीवन जेल में काटना पड़ेगा|
उन्होंने भावुक होते हुए ये भी कहा था कि “मैं उम्मीद करता हूँ कि स्पेनिश कोर्ट ये अन्याय देखेगा कि अमेरिका उन्हें एक उदाहरण की तरह इस्तेमाल करना चाहता है|” शायद यही कारण रहा होगा कि वे मानसिक दबाव और भावनात्मक तौर पर कमज़ोर हो गये थे और उन्होंने आत्महत्या जैसा नकारात्मक कदम उठाया|
उनकी मृत्यु से कुछ देर पहले ही स्पेनिश हाईकोर्ट ने उन्हें अमेरीका प्रत्यार्पित करने का फैसला सुनाया था|

वायरल टैटू का सच

जॉन डेविड मैकेफ की मृत्यु के पश्चात सोशल मीडिया पर उनका टैटू बहुत वायरल हो रहा है|
2019 में उन्होंने अमेरीकी अधिकारियों से अरेस्ट वॉरेंट का संदेश मिलने पर ये बयान सोशल मीडिसा पर अपने दाहिने हाथ पर बने टैटू की तस्वीर के साथ शेयर किया था कि “अगर मैंने आत्महत्या कर ली तो मान लीजिये मैंने नही किया| मुझे झटका लगा,मेरा दाहिना हाथ चेक कीजिए|” इन सब से ये ज्ञात होता है कि क्रिप्टो करेंसी और टेनेसी घोटाला तथा टेक्स चोरी के आरोप में जेल में कैदी का जीवन बिता रहे 75 वर्षीय जॉन डेविड मैकेफ अपने जीवन से काफी निराश हो गये थे और उसी मानसिक दबाव में उन्होंने अपनी इहलीला समाप्त कर दी|
(अंजू डोकानिया)

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