मां सीता की जन्मभूमि Nepal की यात्रा पर आ रहे हैं PM Modi

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अब ग्लासगो यात्रा के उपरांत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कर सकते हैं नेपाल दौरा. ग्लासगो में हुई नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देवा से भेंट में नेपाल आने के निमंत्रण को पीएम नरेन्द्र मोदी ने सहर्ष स्वीकार किया.

रोटी-बेटी का संबंध

भारत और नेपाल का रोटी-बेटी का ये संबंध वर्षों से चला आ रहा है जिसमें पिछले कुछ वर्षों में भारत के नेपाल के साथ पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली की सरकार के दौरान काफी खट्टे-मीठे अनुभव रहे हैं.

विवाह-पंचमी पर होगी नेपाल यात्रा

विदेश मंत्रालय की जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेपाल दौरा विवाह पंचमी को कर सकते हैं जो कि इस वर्ष 8 दिसंबर को है. इसके पूर्व भी पीएम मोदी तीन बार नेपाल आ चुके हैं

रक्सौल-काठमांडू रेलवे लाईन निर्माण परियोजना

कुछ दिनों पूर्व भारत-नेपाल के मध्य “यात्री रेल- परिचालन योजना” पर म्युचुअल स्वीकृति से हस्ताक्षर किए गए थे . इस बार के दौरे का विशेष प्रयोजन रक्सौल से राजधानी काठमांडू तक रेल निर्माण योजना भी है. आपको बता दें कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेपाल के लिए यह चौथा दौरा रहेगा. जयनगर-जनकपुर धाम रेल-परिचालन को शुरू करने का शुभ कार्य भी इस यात्रा के एजेंडे में शामिल होगा. इस रेल परियोजना निर्माण का श्रेय भी भारत को जाता है.

मिलेगा टूरिज़्म सेक्टर को बढ़ावा

भारत के रक्सौल(बिहार) से नेपाल की राजधानी काठमांडू तक की रेल लाइन निर्माण के ऐलान से दोनों देशों के नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है. वे आशावादी और प्रसन्न है कि इस निर्णय से भारत और नेपाल के बीच के संबंध पहले की अपेक्षा अधिक मजबूत होंगे. दोनों तरफ के लोगों की सुगम आवाजाही से टूरिज़्म सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा साथ ही साथ व्यापार बढ़ने के भी सकारात्मक अवसर होगें. इसीलिए इस घोषणा के बाद लोगों में ये उम्मीद जगी है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस बार की नेपाल यात्रा के दौरान रक्सौल- काठमांडू रेलवे लाईन निर्माण परियोजना का शिलान्यास भी कर सकते हैं.

युग पुरूष की आस्था

अयोध्या में फिर से रामलला को मंदिर में स्थापित कराने वाले युगपुरुष पीएम नरेन्द्र मोदी के लिए देश व धर्म सदैव सर्वोपरि रहा है. नेपाल की हर यात्रा में उन्होंने हिंदू धर्म से जुड़े नेपाल के प्राचीन भव्य धार्मिक स्थलों का दर्शन किया है.

लुम्बिनी बनेगा पर्यटन हब

पहली नेपाल यात्रा में उन्होंने “पशुपतिनाथ” के दर्शन किए. दूसरे दौरे में “मुक्तिनाथ” , तीसरे दौरे का आगाज ही जनकपुरधाम रहा और अब यह उम्मीद की जा रही है कि इस बार वे “लुम्बिनी” भ्रमण कर सकते हैं क्योंकि बौद्धिक क्षेत्रों को एक पर्यटन-केन्द्र के रूप में अधिक से अधिक विकसित करने पर उनकी सदा पहल रही है. हाल ही में कुशीनगर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई-अड्डे का उद्घाटन करते हुए उन्होंने भगवान बुद्ध और कपिलवस्तु के बारे में भी बात की थी.
बिहार के रक्सौल से राजधानी काठमांडू तक रेलवे लाईन बन जाने पर भविष्य में भारत-नेपाल के संबंध और अधिक ठोस व मजबूत होने की आशा जताई जा रही है.

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