Mehul Choksi: चौकसी चाचा लाये जायेंगे भारत

कांड तो कर दिया कामयाब हो गये, भाग भी लिये -फिर कामयाब रहे लेकिन अब क्या?.. 'बुरे काम का बुरा नतीजा,क्यूँ भई चाचा हाँ भतीजा'..

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लालच बुरी बला है|मुंबई पी एन बी बैंक लोन घोटाले में संलग्न हीरे के कारोबारी मेहुल चौकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी ने 13500 करोड़ रूपये का कथित तौर पर गबन किया|कहा जाता है कि नीरव मोदी,चौकसी और अन्य रिश्तेदार बैंक को चूना लगा कर देश से फरार हो गये|
चाचा-भतीजे की इस जोड़ी ने जो काण्ड किया वो देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक है|
मेहुल चौकसी 2018 से नागरिकता लेकर ऐंटीगुुआ में रह रहा था| सूत्रों के अनुसार चौकसी को एन्टीगुआ पुलिस और भारतीय एजेंसियों द्वारा 23 मई को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वो एन्टीगुऑ बीच पर अपनी गर्लफ्रेंड बबारा जबारिका से मिलने गया था| ये हथकंडा बहुत पुराना है मगर  कारगर भी क्यूँकि ये अफवाह भी ग़र्म  है कि उसे पकड़ने के लिये उस तथाकथित महिला “हनी ट्रेप” का जाल बिछाया गया था जहाँ से उसे समुद्री रास्ते से नौका द्वारा डॉमिनिका ले जाया गया|
एन्टीगुआ के पी एम ने ये दावा किया है कि मेहुल चौकसी को वापस एन्टीगुआ न लाकर डॉमिनिका से भारत डिपोर्ट कर दिया जाए|
हालांकि मेहुल के वकीलों ने ये दलील दी थी कि मेहुल के पास  एंटीगुआ की नागरिकता है इसलिए उसके अधिकार हैं|मेहुल के वकीलों ने ये भी कहा कि बबारा जबारिका को एन्टीगुआ एजेंसी ने मेहुल चौकसी से मिलवाया था और कहा कि लग रहा है ये एक ‘हनी ट्रेप’ था|जिसे मेहुल की धर्मपत्नी प्रीती चौकसी मनगढ़ंत कहानी बता रही हैं|
कैरिबियन मीडिया के अनुसार बबारा एक प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट सलाहकार हैं जिसने लंदन ‘स्कूल ऑफ इकोनामिक्स’ से पढ़ाई की है| ध्यान देने वाली बात ये है कि मेहुल चौकसी की गिरफ्तारी के बाद से बबारा भी रहस्यमयी ढ़ंग से गायब हो गई है| इसलिये कोर्ट ने फिलहाल अगली सुनवाई तक भारत ले जाने पर स्टे लगा दिया है| मामले की सुनवाई 2 जून को होनी थी|
डोमिनिका की कोर्ट ने सुनवाई क् बाद भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी को जमानत देने से इन्कार कर दिया है| चौकसी को कैरिबियाई द्वीपीय देश में कथित तौर पर अवैध रूप से प्रवेश करने के लिए 23 मई को अरेस्‍ट किया गया था.। मजिस्‍ट्रेट कोर्ट में व्‍हील चेयर पर पेश हुए चौकसी ने अपने दोषी न होने की बात कही, उसने कहा कि उसे कथित तौर पर अपहरण करके जबरन इस द्वीप में ले जाया गया|
डोमिनिका के उच्च न्यायालय के आदेश के बाद   उच्च न्यायालय की न्यायाधीश बर्नी स्टीफेंसन ने चौकसी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर करीब तीन घंटे तक सुनवाई करने के बाद उसे मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किए जाने का आदेश जारी किया था। चौकसी ने दावा किया था कि उसे एंटीगुआ एंड बारबुडा से अपहरण कर जबरन कैरीबियाई द्वीप देश में लाया गया । डोमिनिका न्यूज ऑनलाइन के अनुसार उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार तक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी|
चौकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा – ‘‘ हमारा मानना है कि मेहुल चौकसी अवैध हिरासत में है क्योंक उसे 72 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना था, जबकि ऐसा नहीं किया गया, इससे उनके रुख की पुष्टि हुई है सुनवाई के बाद अब भी मेहुल चौकसी डॉमिनिका की जेल में है|
भारतीय मीडिया के अनुसार ये बात भी  सामने आई है कि एक 8 सदस्यीय टीम कतर से प्राईवेट जेट द्वारा28 मई को डॉमिनिका पहुँची है|
मेहुल चौकसी को वापस भारत लाने लिए आठ सदस्यों की ये टीम इस वक्त डॉमिनिका में ही है। बैकिंग फ्रॉड मामलों में सीबीआई चीफ शारदा राउत इस टीम की अहम सदस्य हैं। इन्होंने ही पीएनबी धोखाधड़ी मामले की जांच की अगुवाई की थी।मुकदमे की सुनवाई के दौरान ये टीम सरकारी वकील की मदद भी करेगी|ईडी की टीम रिपोर्ट में वो दस्तावेज़ भी पेश करेगी जिससे यह सिद्ध हो जायेगा कि मेहुल चौकसी भारतीय नागरिक है|अनुमान लगाया जा रहा है कि तब चौकसी को भारत लाना आसान हो जायेगा|
वहीं नीरव मोदी के लिये भी भारत प्रत्यर्पण का प्रयास जारी है जो इंग्लैण्ड की जेल में सज़ा काट रहे हैं| विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरविंद बाग़ची ने कहा है कि भारत सभी फरारों को भारत लाने का प्रयास कर रहा है|मेहुल चौकसी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है|
मेहुल चौकसी और नीरव मोदी के जीवन के नाटकीय अंदाज़ को देखते हुए इस परिस्थिति पर एक पुराना लोकप्रिय गीत बिल्कुल सटीक बैठता है| – ‘बुरे काम का बुरा नतीजा,क्यूँ भई चाचा बोल भतीजा’!

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