अब Switzerland ने भी बैन कर दिया बुर्का

यूरोप में बुर्का बैन करने स्विट्ज़रलैंड वाला पहला ऐसा देश नहीं है, इससे पहले फ्रांस बेल्जियम और ऑस्ट्रिया के बाद स्विट्जरलैंड ने भी सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओँ के बुर्का और नकाब पहनने पर रोक लगा दी है..

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दुनिया में नई ज़रूरतों ने नए हालात पैदा किये हैं और पुराने दौर की पुरानी बातों को अब धीरे-धीरे नकारा जा रहा है. दुनिया में फ़ैल रहे आतंकवाद ने पैदा किये हैं ये नए हालात और अब बुर्के का फायदा उठा कर आतंकी गतिविधि कर रहे आतंकियों की खैर नहीं क्योंकि उनके लिए एक के बाद एक सारे रास्ते बंद किये जा रहे हैं. अब बुर्के की आड़ में छुपे अंतर्राष्ट्रीय अपराध के चेहरे छुप नहीं पाएंगे और इसके लिए ज़रूरी कदम उठाते हुए यूरोप के कई देश बुर्के पर बैन लगा रहे हैं.

मामूली अन्तर से पास हुआ बिल

स्विट्ज़रलैंड की राजधानी ज्यूरिख से आई है ये खबर. एक बड़ा कदम उठाते हुए स्विट्जरलैंड की सरकार ने में सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और नकाब पहनने पर बैन लगा दिया गया. संसद में इस विषय पर पेश किये गए प्रस्ताव को जनादेश में मामूली अंतर से स्वीकार कर लिया गया है. और ऐसा करने वाला यूरोप का पहला देश नहीं है स्विट्ज़रलैंड, इसके पहले इससे पहले यूरोप के कई देश जैसे- फ्रांस, बेल्जियम और ऑस्ट्रिया आदि, बुर्के पर प्रतिबंध लगा चुके हैं.

बुरका पहन कर घूम नहीं पाएंगी खवातीन

स्विट्ज़रलैंड में इस कानून के लागू होने के बाद अब चेहरा ढंककर मुस्लिम औरतें सार्वजनिक स्थानों, रेस्टोरेंट, स्टेडियम, पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम और सड़क पर नहीं चल पाएंगी. किन्तु सरकार ने उनको थोड़ी छूट अवश्य दी है और वे धार्मिक स्थलों पर, स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से अपना चेहरा ढंक सकती हैं. उनको कोविड महामारी के इस दौर में संक्रमण से बचाव के लिए भी चेहरा ढंकने की छूट दे दी गई है.

बुरकापोश हिंसक प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे

आतंकी गतिविधियों से देश की सुरक्षा के अतिरिक्त सरकार ने ये इस कानून को इसलिए भी लागू किया है ताकि चेहरा ढंककर सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन भी रोका जा सके. इस तरह नकाब या बुर्के का इस्तेमाल करने वालों पर रोक लगाकर स्विट्ज़रलैंड ने अपनी मुस्तैदी दुनिया के सामने ज़ाहिर कर दी है. सरकार की सतर्कता की इस मंशा को नकारते हुए स्विट्जरलैंड की सेंट्रल काउंसिल ऑफ मुस्लिम ने इस निर्णय को समुदाय के लिए काला दिन करार दिया है.

बढ़ रहे हैं आतंकी हमले

सरकार की इस मंशा के पीछे की वजह यूरोप में बढ़ रहे आतंकी हमलों की संख्या है सब जानते हैं की फ्रांस इस तरह के हमलों के निशाने पर है. इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए देश की संसद में स्विस पीपुल्स पार्टी के सदस्य और जनादेश समिति की प्रमुख वाल्टर वॉबमान ने कहा- ‘हमारे देश में चेहरा ढंकने की परंपरा नहीं है. हम अपना चेहरा दिखाना पसंद करते हैं. यह विषय हमारी स्वतंत्रता से संबंधित है. उन्होंने कहा कि हम मानते हैं की चेहरा ढंकना अतिवादी और इस्लाम का राजनीतिकरण करने का मसला है और हमारे देश स्विट्जरलैंड में इसके लिए कोई स्थान नहीं है.

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