पूछता है देश: इज़राइल को लेकर मोदी जी को ज्ञान क्यों दे रहे हैं लोग?

इजराइल भारत को समझता है, उसे पता है भारत अरब देशों के खिलाफ क्यों नहीं जा सकता, पर लोग मोदी को ज्ञान दे रहे हैं..

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इजराइल भारत को समझता है, उसे पता है भारत अरब देशों के खिलाफ क्यों नहीं जा सकता, पर लोग मोदी को ज्ञान दे रहे हैं.
आज सुबह से कुछ लोग भारत के प्रतिनिधि का UNSC में दिए बयान के बाद मोदी को ज्ञान दे रहे हैं कि भारत को पूरी तरह इजराइल के साथ खड़ा होना चाहिए.
U-Tube पर एक चैनल ने तो यहां तक कह दिया कि भारत ने बुरी तरह इजराइल को धो दिया और उसकी निंदा की है जबकि सच ये भी है कि भारत ने गाज़ा से होने वाले हमले की निंदा की और उसने इजराइल के आत्मरक्षा के अधिकार को जायज कहा.
जब से मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं, उन्होंने लोगों को इतना जागरूक कर दिया कि वो मोदी को बात बात पर ज्ञान देने के में समर्थ हो गए – परन्तु ऐसा करते हुए वो भूल जाते हैं कि विदेशी नीति भावनाओं पर नहीं चलती और मोदी जी कोई अनाड़ी नहीं हैं.
इजराइल भारत की स्थिति को अच्छी तरह समझता है और भारत के अरब देशों को समर्थन देने पर भी भारत के साथ खड़ा रहता है.
आपको याद करा दूं कि पिछले साल दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने धमकी दे दी थी कि हिन्दुओं को पता होना चाहिए कि सारे अरब देश भारत के मुसलमानों के लिए खड़े हैं.
एक आंकडे के अनुसार करीब सवा करोड़ भारतीय विदेशों में रहते हैं और इसके 70% लोग, यानि,करीब 90 लाख तो 6 इस्लामिक देशों में रहते हैं.
इन 90 लाख में UAE में 34 लाख (सारे NRIs का 27%), सउदी अरब में 26 लाख और क़तर, बहरीन, कुवैत और ओमान में 29 लाख लोग रहते हैं.
भारत और सउदी अरब का द्विपक्षीय व्यापार एक अनुमान के अनुसार 34 बिलियन डॉलर है और वो चीन,अमेरिका, UAE के बाद भारत का चौथा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है.
इसी तरह UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है अमेरिका और चीन के बाद जिसके साथ भारत का व्यापार 2018 -19 में 30 बिलियन डॉलर था जो अब और ज्यादा हो गया होगा.
इसके अलावा अन्य इस्लामिक मुल्कों में भारत का व्यापार कितना फैला है और कितने भारतीय वहां जीवन यापन करते हैं, इसकी जानकारी भी मिल सकती है.
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद अरब देशों के साथ रिश्तों को ऐसे साधा है कि आज एक टर्की को छोड़ कर सब पाकिस्तान से मुंह मोड़ चुके हैं और 4 अरब से देश मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान दे चुके हैं.
UAE में विशाल हिन्दू मंदिर बन रहा है और सउदी अरब में भारतीय ग्रन्थ पढ़ाये जा रहे हैं जबकि एक समय में OIC के रबात सम्मेलन से भारत के प्रतिनिधि को बेइज़्ज़त करके निकाल दिया गया था.
इतना ही नहीं फलस्तीन के राष्ट्रपति की भारत यात्रा मोदी की इजराइल यात्रा से पहले कराई गई 2017 में.
अब बताइये, इस्लामिक देशों में भारतीयों के जीवन को अनदेखा करके और अरब देशों से व्यापारिक रिश्तों को त्याग कर मोदी कैसे पूरी तरह इजराइल के साथ खड़ा हो सकता है.
और ये बात इजराइल समझता है जिसका वो बुरा नहीं मानता – भारत जो भी इजराइल और हमास  टकराव में स्टैंड ले रहा है, वो इजराइल के साथ कूटनीतिक समझ से ही ले रहा है और उसके लिए किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है.
ये भी ध्यान रखिये इजराइल ने भारत की सौम्या संतोष को ऐसा आदर दिया कि अपने फाइटर प्लेन का नाम ही सौम्या रख दिया और उसके परिवार को गोद ले लिया.

(सुभाष चन्द्र)

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