बड़े काम की बासी रोटी : गाय को दें या खुद खा जाएं

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इसीलिये कहा जाता है – ओल्ड इज़ गोल्ड !!

रात की बासी रोटी सुबह ओल्ड इज़ गोल्ड हो जाती है. इसे फेंकने की गलती कदापि न करें. या तो इसे गाय को खाने के लिए दे दें तो आपको पुण्य मिलेगा और आपकी ज्योतिषीय कुंडली की कई समस्याओं का सुधार होगा. और अगर ऐसा न करना चाहें तो आप इन बासी रोटियों को स्वयं ही ग्रहण कर लें अर्थात खा लें. इनसे आपके शरीर को बहुत तरह का फायदा होगा.

अगर आपको नहीं पता तो अब आज़मा के देखिये. सबसे ख़ास बात तो ये है कि इन बासी रोटियों का स्वाद ताज़ी रोटियों से कहीं अधिक स्वादिष्ट हो जाता है और सोंधा भी हो जाता है. आप बासी रोटियों को मींज कर दूध में डाल कर खाइये तो इसका लाजवाब स्वाद आपको किसी भी खीर से ज्यादा स्वादिष्ट महसूस होगा.

बासी रोटियों में ढेर सारे पोषक तत्व होते हैं जो आपके शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं. सबसे अच्छी बात तो ये है कि यदि आपको मधुमेह की समस्या हो या इसके हो जाने का भय आपको सताता हो तो सुबह बासी रोटियां खाना शुरू कर दें. ऐसा करने से अभी से ही आपके ब्लड का ग्लूकोज़ नियंत्रण में रहने लगेगा.

अगर आपको ब्लड प्रेशर की परेशानी हो तो आप निश्चिन्त हो जाइये. बासी रोटियां आपका पूरा ध्यान रखेंगी. आपका रक्तचाप आपको डरायेगा नहीं क्योंकि बासी रोटी खाने के बाद रक्तचाप नियंत्रण में रहेगा और आप खुश रहेंगे.

बासी रोटियां आपके पेट के लिए भी खुश खबरी हैं. बासी रोटियां आपके पेट में जा कर पेट की तमाम समस्याओं को दूर करती हैं. दो चार दिन खा कर देखिये बासी रोटियां, हो सकता है उसके बाद आप जीवन भर सुबह के नाश्ते में बासी रोटियां ही लें.

बासी रोटियां आपकी मास-पेशियाँ मजबूत करती हैं. अगर आप जिम जाते हैं तो जिमिंग के बाद आपको बासी रोटियां खानी चाहिए. इससे आपकी मांसपेशियों को न सिर्फ पोषण मिलता है बल्कि आपको ऊर्जा भी प्राप्त होती है.

तो अब आप समझे न ओल्ड इज़ गोल्ड क्यों कहा जाता है..चाहे वे हमारे माता-पिता हों या बचपन के मित्र या पुरानी हिंदी फ़िल्में या पुराने गीत – ओल्ड हमेशा गोल्ड ही होता है !!

(पारिजात त्रिपाठी)

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