खुशहाल गृहस्थ जीवन

0
107
आपके प्रयत्न केवल आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिये न हों, बल्कि परिवार में विवेक जागृत  करने के लिये भी हों।
परिवार के सुखी गृहस्थ जीवन के लिए केवल यही पर्याप्त नहीं कि आपकी आर्थिक स्थिति ठीक हो अपितु यह भी आवश्यक है कि आपकी मनस्थिति भी ठीक हो। जिंदगी में खुशियाँ आपके पास पैसा कितना है इस बात पर कम व आपके पास धैर्य कितना है, इस बात पर ज्यादा निर्भर करती है।
महत्वपूर्ण यह नहीं कि आपके पास धन  कितना है ? अपितु यह है कि आपकी समझ कैसी है,त्याग भाव कितना है  तथा घृणा ,ईर्ष्या, क्रोध, दुराचार, अहंकार , लोभ, डर ,असत्य जैसे विकारों का अभाव कितना है ।
आप में परिवार के अन्दर की समस्याओं और बाहरी द्वेष से विवेकपूर्ण ढंग से निपटने की तथा गलत को गलत कहने की  क्षमता कितनी हैI संपत्ति के अभाव में तो समझ और त्याग से भी गृहस्थी चल जाती है मगर समझ और त्याग के अभाव में केवल संपत्ति से जिंदगी चलना संभव ही नहीं है।
अत: आपके प्रयत्न केवल आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिये न हों अपितु परिवार में विवेक जागृत  करने के लिये भी हों ताकि एक खुशहाल गृहस्थ जीवन का निर्वाहन किया जा सके।
(सुशील जालान)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here