मुझे शिकायत है तो केवल सुधियों की मनुहार से..

0
452
Good evening wishes and quotes

तुम्हें छिपाने वाले नभ के

झीने बादल जाल से 

मुझे शिकायत है तो केवल

पावस के अंधियार से..

गगन कि जिसमें रूप चांदनी

चंदा काजर आँजता

झुकी पलक पर बूंद शबनमी

मोती तारा साजता

छलक न जाए पलक रेशमी

भीगी पीड़ा भार से

मुझे शिकायत है तो केवल

सुधियों की मनुहार से..

याद कि जैसे नदी किनारे 

भटकी लहर पुकारती

अन-आगत पाहुन के पथ पर

दिपी हुई सी आरती

बरस न जाए घटा साँवरी

मौसम की अनुहार से

मुझे शिकायत है तो केवल

चंचल मलय बयार से..

(प्रभा त्रिपाठी)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here