Rakshabandhan poetry: ये दिल के धागों का त्यौहार

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बहन है तो लाड़ दुलार है 
तू हमजोली सदाबहार है 
बंधा हुआ एक एक धागे में
हम भाई बहन का प्यार है
रिश्ता खास बहुत है ये
मन का विश्वास बहुत है है 
लड़ाई झगड़े तो झूठे हैं 
लगाव है आस बहुत है ये
ये दिल के धागों का त्यौहार 
है समझो वादों का त्यौहार!

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