अगस्ता वेस्टलैंड : अब आने वाला है जिन्न बोतल से बाहर

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ऑपरेशन यूनीकॉार्न कामयाब हुआ.. अब खुलेंगे सारे राज़..देखते जाइये !!

पीएम मोदी ने कहा कि राजदार आ गया है. अब बहुत जल्दी इस राज़ का पर्दाफ़ाश होगा कि अगस्ता वेस्टलैंड में क्या घोटाला हुआ है. प्रधानमंत्री के अनुसार अगस्ता वेस्टलैंड मामले में कथित दलाल क्रिश्चियन मिशेल राजनेताओं के कई राज़ों से पर्दा हटा सकता है.

राजस्थान चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन था. मोदी ने राजस्थान के पाली में एक चुनाव सभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को लेकर कहा – “वो इंग्लैंड का नागरिक था, दुबई में रहता था, शस्त्रों का सौदागर था, हेलिकॉप्टर ख़रीदने-बेचने में दलाली का काम करता था, दुबई में राजनेताओं के सेवक की भूमिका में था. भारत सरकार उसको दुबई से उठाकर भारत ले आई है. इस बड़े घोटाले का ये राज़दार अब सारे राज़ खोलेगा. अब बात निकलेगी और बहुत दूर तलक जायेगी.”

जैसा कि हम जानते हैं, अगस्ता वेस्टलैंड मामले के बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यार्पण में भारत को सफलता मिली है और कल रात उसे दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है.

जहां तक रहा इस हेलीकाप्टर सौदे का सवाल, कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर ख़रीदने का सौदा किया था.

यहां यह जानकारी भी इतनी ही महत्वपूर्ण है जो कि सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल के माध्यम से सामने आई थी कि अगस्ता वेस्टलैंड को सौदा दिलाने में क्रिश्चियन मिशेल ने कथित तौर पर बिचौलिये की भूमिका निभाई थी और भारतीय अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत दी थी. यह जानकारी वर्ष 2012 में सामने आई थी.

इस मामले की जांच के लिए जब मिशेल को ढूंढा गया तो वे फरार हो गए. इसके बाद पिछले साल सितम्बर में उनके ख़िलाफ चार्जशीट दाख़िल हुई. कानूनी कार्रवाई की इसी शृंखला में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सीबीआई मामले देखने वाले विशेष जज ने 24 सितंबर 2015 को मिशेल के ख़िलाफ ग़ैर ज़मानती गिरफ़्तारी वारंट जारी किया. उसके उपरान्त इस वारंट पर कदम उठाते हुए इंटरपोल ने किश्चियन मिशेल के ख़िलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया. और तब अंततोगत्वा पिछले वर्ष फरवरी माह में मिशेल को दुबई में गिरफ़्तार कर लिया गया. अभी तक मिशेल दुबई की जेल में थे.

मिशेल पर आरोप है कि उन्होंने वायु सेना के तत्कालीन प्रमुख एसपी त्यागी और उनके रिश्तेदारों के साथ मिलकर इस आपराधिक साजिश को अंजाम दिया. कथित तौर पर इन अधिकारियों ने वीवीआईपी लोगों के लिए ख़रीदे जा रहे हेलीकॉप्टर की छत की ऊंचाई छह हज़ार मीटर से घटाकर साढ़े चार हज़ार मीटर करने में अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग किया.

(इन्द्रनील त्रिपाठी)

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