क्या पाकिस्तान भारत पर न्यूक्लिअर अटैक करेगा?

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    इसे संयोग ही कहिये कि कुछ दिनों पहले मेरी मुलाकात एक ख्यातिप्राप्त अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञ से दिल्ली एयरपोर्ट पर हो गई।

    थोड़ी बहुत इधर उधर की चर्चा के बाद मैंने उनसे सकुचाते हुए पूछा, “क्या सर, कभी पाकिस्तान भारत पर न्यूक्लिअर अटैक करेगा?”

    जबाब में वे ठहाका लगाकर हंस पड़े।

    फिर थोड़ा संयत होकर बोले, “तुम्हारे करेगा बोलने का क्या मतलब है?”

    अरे भाई, नफरत की बुनियाद पर टिका राष्ट्र पाकिस्तान, भारत पर हर क्षण न्यूकिलियर अटैक की ताक में रहता है! उसका न्यूक्लिअर बम इंडिया सेंट्रिक ही तो है।”

    “अगर उसने अब तक ऐसा नही किया है, तो उसके केवल 3 कारण है।”

    बेतहाशा बढ़ गई थी मेरी जिज्ञासा तब, “तुरंत पूछ बैठा, कौन सी 3 वजहें?”

    वे बच्चे की तरह खिलखिला उठे। फिर गंभीर होते हुए बोले,”दुश्मन बड़ा हो या छोटा, पर पलटवार का खौफ उसे लगा ही रहता है।”

    “जब तुम पाकिस्तान की नज़र से भारत को देखोगे, तो भारतीय पलटवार के 3 अवयव, पाकिस्तान को पूरे तौर पर मिटा दे सकते हैं।”

    पहला-5000 किलोमीटर मार करने वाली नाभकीय मिसाइल अग्नि फाइव।

    पाकिस्तानी द्वारा भारत पर अचानक न्यूक्लिअर अटैक कर देने के बावजूद उड़ीसा या पूर्वोत्तर का इलाका अक्षुण बना रह सकता है।

    यहाँ से छूटने वाली अग्नि-V, नाभकीय मिसाइल के पलटवार से, पाकिस्तान पूरे तौर पर साफ हो जाएगा।

    दूसरा- मूविंग लांचर या फाइटर एयरक्राफ्ट से छोड़ा जाने वाला नाभकीय सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस

    दुनिया की सबसे उन्नत मिसाइल अवरोधी ढाल, रूसी S-400 भी आज शर्तिया तौर पर ब्रह्मोस को रोक पाने में सक्षम नही है।

    ब्रह्मोस अपनी गति के कारण न केवल अभेद्य है बल्कि यह नाभकीय अस्त्रों को ले जाने में भी पूर्णतः सक्षम है।

    एक बार छूटा- तो फिर “रहा न कोई रोवन हारा!”-पाकिस्तान में कोई रोने वाला भी नही बचेगा। पाक-साफ!

    तीसरा-आण्विक ऊर्जा एवं आण्विक बैलेस्टिक मिसाइल से सुसज़्ज़ित हमारी पनडुब्बियां

    हालांकि भारतीय नेवी में और देशों से ली गई न्यूक्लिअर पनडुब्बियां वर्षों से कार्यरत हैं, फिर भी पाकिस्तान से किसी भी निर्णायक जंग में विदेशी तंत्र पर पूरी निर्भरता अत्यंत खतरनाक होगी। अपना तो अपना ही होता है।

    कदाचित पूरा का पूरा भारतीय भूभाग संयुक्त पाकिस्तानी और चीनी न्यूक्लीयर अटैक में खत्म भी हो जाये,तो भी हमारे सब मरीनस(पनडुब्बियों)के पलटवार से पाकिस्तान और चीन का सफाया होना अब तय है।

    आज जब प्रधानमंत्री राष्ट्र को “नाभकीय ऊर्जा और बैलेस्टिक मिसाइल युक्त अरिहंत पनडुब्बी” सौंप रहे थे, तो सहसा ही मुझे उक्त परिचर्चा का खयाल हो आया।

    (जीपी सिंह)

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