प्रतिभाशाली बालक ने जीता 2.9 करोड़ का पुरस्कार

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    हमारी इस सच्ची भारतीय कहानी का नायक एक बालक है. यह सच भी है और कहानी भी – इस लिये इसे हम सच्ची कहानी कहेंगे. यह कहानी है उन लोगों के लिये जिनके लिये जीत मुश्किल है या असंभव है. किन्तु जो जीतना जानते हैं उन लोगों के लिये ये सच है.

    इस तरह हमारी इस सच्ची कहानी के नायक का नाम है समय गोदिका. समय गोदिका ने ही जीता है 2.9 करोड़ रुपये का इनाम. वह बेंगलुरु का रहने वाला है.

    गोदिका ने एक प्रतियोगिता जीती है जिसका नाम है ‘ब्रेकथ्रू जूनियर चैलेंज’. यह एक अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता है जिसमे गोदिका भारत की तरफ से भाग ले रहे थे. इस पुरस्कार को जीतने पर गोदिका को मिलने वाले पुरस्कार की राशि है चार लाख अमेरिकन डॉलर्स या कहें लगभग तीन करोड़ रुपये.

    ‘ब्रेकथ्रू जूनियर चैलेंज’ विश्व स्तरीय साइंस वीडियो की इयरली कम्पटीशन थी. इस बार इस कम्पेटेशन का यह चौथा संस्करण था. दुनिया भर से इस विज्ञान चुनौती प्रतियोगिता में आठ हज़ार लोगों ने भाग लिया था. इस प्रतियोगिता के फाइनल में कुल तरह लोग पहुंचे थे और गोदिका उनमें से एक था. लेकिन कमाल तो तब हो गया जब उसने सभी बारह फाइनलिस्ट्स को हरा कर प्रथम स्थान अर्जित किया.

    यह विश्वस्तरीय प्रतियोगिता जूनियर तथा सीनियर दोनों ही श्रेणियों में आयोजित की जाती है. गोदिका ने जूनियर चैलेन्ज कम्पटीशन जीती है. इस ब्रैकथ्रू प्राइज जूनियर चैलेंज में दुनिया भर के 13 साल से 18 साल तक के बच्चे भाग लेते हैं. इसमें बच्चों को लाइफ साइंस, फिजिक्स और गणित पर रिसर्च करने के वीडियो देने होते हैं. और इसी दौरान उनका ज्ञान और प्रतिभा की परख की जाती है.

    प्रतियोगिता में बच्चों का चुनाव उनके इनोवेशन, उनकी प्रस्तुति और उनकी रचनात्मकता के अनुसार तय किया जाता है. इसमें पब्लिक वोट भी लिए जाते हैं. इस विजय के उपरान्त विजेता बालक याने कि समय गोदिका को उनके, उनके परिवार और उनके स्कूल के लिए 4,00,000 अमेरिकी डॉलर इनाम में प्रदान किये जाएंगे.

    गोदिका बेंगलुरू के कोरमंगला स्थित ‘नेशनल पब्लिक स्कूल’ का छात्र है. उसने ‘लाइफ साइंस’ श्रेणी में सर्केडियन रिदम पर वीडियो तैयार की थी जो कि दैनिक क्रिया में शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक परिवर्तन होते हैं. गोदिका का मानना है कि इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना और अब ‘ब्रेकथ्रू जूनियर चैलेंज’ जीतना उनके लिए जीवन परिवर्तन करने वाला अनुभव है.

    पुरस्कार की धन राशि में गोदिका को सिर्फ 1.8 करोड़ रुपये मिलेंगे. वहीं कक्षा 9 और कक्षा 10 के साइंस टीचर्स को 36 लाख और आर्ट साइंस लैब को 72 लाख रुपये प्रदान किये जाएंगे.

    (भुवन चन्द्र भट्ट)

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