वायू सेना की ताकत होगी घातक.. बेड़े में शामिल हुए 8 अपाचे हेलिकॉप्टर

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अपाचे हेलिकॉप्टर अब भारतीय वायुसेना की ताकत में चार चांद लगाएगे. पंजाब के पठानकोट एयरबेस में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्श बी एस धनोआ की मौजूदगी में दुनिया के सबसे बेहतरीन 8 लडाकू विमानों को वायू सेना के बेड़े में शामिल कराया गया है. एयरबेस पर वायुसेना में अपाचे हेलिकॉप्टर के शामिल होने से पहले उसके सामने नारियल फोड़ा गया.

हिंदुस्तान को आंख दिखाने से पहले अब दुश्मन दस बार सोचेगा. दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक अपाचे हेलिकॉप्टर अब भारतीय वायुसेना का हिस्सा है. ये वही पठानकोट एयरबेस है जहां पर 2016 में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने हमला किया था.

अमेरिका निर्मित ‘अपाचे एएच-64ई लड़ाकू हेलीकॉप्टर को 3 सितम्बर को आईएएफ में शामिल होने से वायू सेना की लड़ाकू क्षमता में इजाफा हो गया है. ये दुनिया के सबसे उन्नत बहु-भूमिका वाले लड़ाकू हेलीकॉप्टर है और अमेरिकी सेना इसका इस्तेमाल करती है.

आपको बता दें कि 60 फुट ऊंचे और 50 फुट चौड़े अपाचे हेलिकॉप्टर को उड़ाने के लिए 2 पायलेट की जरुरत है. अपाचे हेलिकॉप्टर के बड़े विंग को चलाने के लिए 2 इंजन होते हैं, इस वजह से इसकी रफ्तार बहुत ज्यादा है. इस हेलिकॉप्टर की अधिकतम स्पीड 280 किलोमीटर प्रति घंटा है. ये हेलीकॉप्टर एक बार में तीन घंटे तक उड़ान भर सकता है. 2 सीटर इस हेलिकॉप्टर में हेलिफायर और स्ट्रिंगर मिसाइलें लगी हुई हैं. इसमें एक सेंसर भी लगा है, जिसकी वजह से ये हेलिकॉप्टर रात में भी ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है. अपाचे हेलिकॉप्टर को रडार पर पकड़ना भी मुश्किल है.

हथियारों से लैस और तेज गति से उड़ान भरता ‘अपाचे’ हेलिकॉप्टर जमीन से होने वाले तमाम हमलों का जवाब दे सकता है. अपने मिलीमीटर वेव रडार की मदद से यह हथियारों से लैस दुश्मनों की मौजूदगी का पता लगा सकता है और उन्हें लेजर गाइडेड हेलफायर मिसाइल, हाइड्रा-70 एंटी ऑर्मर रॉकेट और 30 मिमी गन से बर्बाद कर सकता है.

यह हेलिकॉप्टर थर्मल इमेजिंग सेंसर का इस्तेमाल करके छिपे हुए आतंकवादियों का भी पता लगा सकता है और आतंकियों से अपनी 30 mm गन या एंटी पर्सनल रॉकेट्स से निपट सकता है.

अमेरिका में निर्मित ये अपाचे हेलिकॉप्टर AH-64E दुनिया का सबसे एडवांस मल्टी रोल कॉम्बेट हेलिकॉप्टर है. सितंबर, 2015 में भारत और अमेरिका के बीच एक बड़ी डील हुई थी,  जिसके तहत 22 हेलिकॉप्टर भारत को मिलने वाले हैं. इससे पहले 27 जुलाई को 4 हेलिकॉप्टर मिल चुके हैं,  अब आठ हेलिकॉप्टर मंगलवार को शामिल हुए.

कई अरब डॉलर का अनुबंध होने के करीब चार वर्ष बाद ‘हिंडन एयर बेस में भारतीय वायुसेना को अपाचे हेलीकॉप्टरों के पहले बैच की डिलीवरी की गई थी. कंपनी ने पूरी दुनिया में अपने उपभोक्ताओं को 2200 से अधिक अपाचे हेलीकाप्टरों की आपूर्ति की है और भारत 14वां देश है जिसने उसे अपनी सेना के लिए चुना है।

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