पतंजलि ने तैयार की कोरोना के इलाज की संजीवनी बूटी, संक्रमित मरीज़ों के इलाज में मिली 100 फीसदी सफलता

स्वामी रामदेव के पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने कोरोना की बूटी बनाने का दावा किया है

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पतंजलि ने कोरोना के इलाज के लिए ढूंढ निकाली संजीवनी

स्वामी रामदेव के पतंजलि ने दावा किया है कि उसने कोरोना महामारी से निपटने की संजीवनी ढूंढ निकाली है. पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने दावा किया कि पतंजलि के प्रयासों से कोरोना वायरस से लड़ने वाली आयुर्वैदिक दवा खोज निकाली गई है. आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि पतंजलि के वैज्ञानिकों ने ऐसे कंपाउंड ढूंढ निकाले हैं जो कि कोरोना वायरस से मुकाबला करने में सक्षम हैं. उन्होने बताया कि दवा के पहले चरण के ट्रॉयल में सौ मरीज़ पूरी तरह ठीक हो गए और नतीजे सौ फीसदी आए. आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि उनकी दवा से कोरोना मरीज़ 5 से 14 दिनों में पूरी तरह ठीक हुए हैं.

आचार्य बालकृष्ण का ये दावा कोरोना महामारी के कहर से जूझ रही दुनिया के लिए एक राहत जगाने वाली खबर है क्योंकि इस दवा का अब तक कोई इलाज नहीं मिल सका है. हालांकि तमाम दवाइयों के दावे किये जा रहे हैं लेकिन पहली दफे आयुर्वैदिक दवा से कोरोना के इलाज का दावा महामारी की सूरत बदल सकता है. आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि सैकड़ों मरीज़ अब तक इस दवा से ठीक हुए हैं और आने वाले तीन से चार दिनों में वो इस बारे में पूरे डेटा के साथ दुनिया को जानकारी देंगे.

बालकृष्ण ने बताया कि कोरोना महामारी की शुरआत के समय ही पतंजलि के वैज्ञानिक इस बीमारी के अध्ययन और दवा की जड़ी-बूटियों की पहचान में जुट गए थे. तमाम कंपाउंड का परीक्षण करने के बाद जो दवा तैयार हुई वो कोरोना मरीज़ों पर इस्तेमाल करने के बाद सौ फीसदी कारगर साबित हुई है. बालकृष्ण ने बताया कि इस दवा के सेवन से कई करोना मरीज़ केवल 5 से 6 दिनों में ही स्वस्थ्य हो गए जबकि गंभीर रूप से बीमार मरीज़ 14 दिनों में ठीक हो गए. बालकृष्ण ने दावा किया कि कोरोना की नई दवा से कफ, सांस लेने में दिक्कत और बुखार जैसी समस्याएं दूर हो गईं. ऐसे में लाइलाज माने जाने वाली कोरोना बीमारी में आयुर्वेद से 100 फीसदी इलाज संभव है.

दुनिया में अब तक तमाम देश कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं लेकिन तमाम दावों के बावजूद किसी भी देश को कामायाबी नहीं मिली है. हालांकि कुछ वैक्सीन के ह्यूमन क्लीनिकल ट्रॉयल शुरू कर दिए गए हैं इसके बावजूद अभी कोई ये पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि कोरोना की कारगर वैक्सीन बन भी पाएगी या नहीं और कब तक दुनिया के बाज़ार में आ सकेगी. ऐसे में भारत में पतंजलि की तरफ से कोरोना के इलाज में संजीवनी बूटी का दावा दुनिया में गेमचेंजर साबित हो सकता है.

दो दिन पहले ही योगगुरू स्वामी रामदेव ने बताया था कि गिलोय वटी और अश्वगंधा से कोरोना के संक्रमित मरीज़ों के इलाज में कामयाबी मिली है. उन्होंने दावा किया था कि गिलोय और  अश्वगंधा से मौत की आशंका ज़ीरो हो जाती है.

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