MSD Retirement: महेंद्र सिंह धोनी का इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास, मायूस हुए फैन्स

4 मिनट 7 सेकंड के वीडियो में माही ने अपने 16 साल के सफर को सिमटा कर इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया

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Dhoni retires from international cricket

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 16 साल के इंटरनेशनल क्रिकेट सफर को अलविदा कह दिया है. उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. क्रिकेट के इस महान खिलाड़ी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर अपने लाखों क्रिकेट प्रेमियों को निराश कर दिया है. हालांकि धोनी आईपीएल खेलते रहेंगे.

Instagram पर एक वीडियो शेयर करते हुए धोनी ने संन्यास की घोषणा की. इस वीडियो में धोनी के पूरे सफर को दिखाया गया है. हालांकि माही आईपीएल खेलते रहेंगे. वो चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान हैं और आईपीएल 2020 और 2021 में खेलते दिखाई देंगे. हाल ही में उनका कोरोना टेस्ट किया गया था जो कि नेगेटिव आया था.

माही की कप्तानी में टीम इंडिया का स्वर्णिम सफर रहा है. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने कई मौकों पर अनहोनी को होनी में बदला है. साल 2007 में 20-20 का क्रिकेट का वर्ल्ड कप जीतने के बाद 2010 का वर्ल्ड कप जीतकर धोनी ने करोड़ों हिंदुस्तानियों का सपना पूरा किया था. माही के पास देश को गौरव देने के इतने लम्हें हैं जो बेशकीमती हैं.

महान खिलाड़ी माही की यादगार पारियां

देश को दो-दो वर्ल्ड कप दिलाने वाले माही के पास शानदार और यादगार पारियों का इतिहास है. 2010 के वर्ल्ड कप के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ माही ने नाबाद पारी खेलकर देश के विश्व कप दिलाया था. इस पारी में उन्होंने 91 रन बनाए थे और सिक्स मारकर वर्ल्ड कप जिताया था. धोनी की लाजवाब और यादगार पारियां आंकड़ों के साथ यादों में दर्ज हैं. जब कभी उनकी पारियों का जिक्र होगा तो पाकिस्तान के फैसलाबाद टेस्ट में उनके पहले शतक का भी जिक होगा. इस टेस्ट में माही ने करियर का पहला टेस्ट शतक लगाया था और 148 रनों की शानदारी पारी खेली थी. माही की बैटिंग से तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख्तर इस कदर बौखला गए थे कि उन्होंने जानबूझकर माही पर बीमर तक फेंक डाली थी. हालांकि इसके लिए उन्होंने माफी भी मांगी थी.

माही ने 5 अप्रैल 2005 को पाकिस्तान के खिलाफ ही वन डे का पहला शतक जड़ा था. उन्होंने 15 चौके और 4 छक्कों की मदद से 148 रनों की शानदार पारी खेली थी. माही का पहला शतक मात्र 88 गेंदों में पूरा हो गया था.

टीम इंडिया में माही ने 23 दिसंबर 2004 को बांग्लादेश के खिलाफ मैच से टीम इंडिया में डेब्यू किया था. लेकिन उन्होंने इंग्लैंड में हुए वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी इंटरनेशनल वन डे मैच खेला. जबकि दिसंबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आखिरी टेस्ट खेला था. वन डे में माही ने 10773 रन बनाए और विकेट के पीछे 444 शिकार बनाए. जबकि टेस्ट में उन्होंने 4876 रन बनाए और 294 विकेट के पीछे शिकार लिए. जबकि टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में माही ने 1617 रन बनाए और विकेट के पीछे 91 शिकार लिए.

भारत के लिए माही ने 350 वन डे मैच खेले जिसमें 10 शतक और 73 अर्धशतक लगाए. 183 रन उनका उच्चतम स्कोर है. वहीं टेस्ट में उन्होंने 6 शतक और 33 अर्धशतक लगाए.

आज माही के पास आईसीसी की 3 बड़ी ट्रॉफियां हैं जो उन्होंने अनहोनी को होनी में तब्दील करते हुए जीतीं. दो वर्ल्ड कप के अलावा 2013 की आईसीसी चैम्पियन्स ट्रॉफी भी माही ने देश को दिलाई.

ये माही की कप्तानी का ही अंदाज़ था जिसने टीम इंडिया को टेस्ट में दुनिया की नंबर वन टीम बनाया था. विकेट के पीछे का ये जादुगर बल्ले से जौहर दिखाता रहा तो अपनी कीपिंग के करिश्मे से अंपायर, थर्ड अंपायर, बैट्समैन और बाकी खिलाड़ियों को भी अचंभित करता रहा. DRS को तो बाकायदा धोनी रिव्यू सिस्टम का ही नाम दे दिया गया था.

आईपीएल खेलते रहेंगे माही

महेंद्र सिंह धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया है लेकिन आईपीएल में वो पहले की ही तरह एक्टिव रहेंगे. अब तक हुए देश में आईपीएल मुकाबले में माही 3 बार खिताब अपनी कप्तानी में चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए जीत चुके हैं.

इंटरनेशनल क्रिकेट में माही के संन्यास के साथ ही वो युग समाप्त हो गया जिसमें एक महान विकेटकीपर-बल्लेबाज ने देश के लिए यादगार उपलब्धियों का अंबार लगा दिया था.

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