ये लीजिये अपनी कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड से जुड़े आपके सारे सवालों के जवाब हैं यहां

देश में कोरोना वैक्सीनेशन शुरू हो रहा है और लोगों के मन के कई तरह के सवाल इस वैक्सीनेशन से जुड़े उठ रहे हो सकते हैं, अपनी हर आशंका को निर्मूल कीजिये और अपने हर सवाल का जवाब पाइये यहां..

0
165

नई दिल्ली. हम जानते हैं कि कोविड-19 क्या है. यह एक संक्रामक रोग है, जो Sars-Cov2 नामक कोरोनावायरस से होता है. कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से यह संक्रमण आपको भी हो सकता है. मुख्य रूप से यह श्वसन प्रणाली से जुड़ा यह रोग हमारे शरीर के अन्य अंगों को भी पीड़ित कर सकता है. वायरस के संपर्क में आने से अगले दो हफ्तों के भीतर बुखार या कंपकंपी, खांसी, सांस फूलना, थकान, मांसपेशियों या शरीर में दर्द, सिरदर्द, स्वाद और गंध महसूस न होना, गले में खराश, बंद नाक या बहती नाक, उल्टी-मतली, दस्त जैसे सामान्य से गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं जो कोरोना बीमारी की पहचान हो सकते हैं.

क्या है कोविशील्ड?

-कोविशील्ड कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए बनी एक वैक्सीन है, जिसे भारत में ड्रग रेगुलेटर ने 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को लगाने की सीमित स्वीकृति प्रदान की है.

ये वैक्सीन लगवाने से पहले डॉक्टर को क्या बताना आवश्यक है?

-याद रखें, कोवीशील्ड वैक्सीन लगवाने से पहले आपको डॉक्टर से मिलना होगा और उसे इन सवालों के उत्तर देने होंगे-
1. क्या आप एलर्जी के शिकार हैं या रहे हैं? क्या आपकी जानकारी में आप किसी दवा, फूड, किसी वैक्सीन या कोवीशील्ड वैक्सीन में शामिल किसी कम्पोनेंट से एलर्जी से पीड़ित हैं?
2. क्या आपको इस समय बुखार है?
3. क्या आपको रक्त स्राव से संबंधित कोई डिसऑर्डर है ? क्या अपने रक्त को पतला करने की कोई दवा ले रहे हैं?
4. क्या आप इम्यून सिस्टम को प्रभावित करने वाली कोई दवा ले रहे हैं?
5. यदि आप महिला हैं तो क्या आप गर्भवती हैं?
6. यदि आप महिला हैं तो क्या आप अपने शिशु को स्तनपान करा रही हैं?
7. इससे पहले क्या आपने कोई कोरोना वैक्सीन लगवाई है?

वे लोग जिनको कोवीशील्ड वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए –

-इन दो दशाओं में आपको कोवीशील्ड वैक्सीन नहीं लगवानी है:
1. यदि आपको इस वैक्सीन के पहले डोज से कोई एलर्जी से संबंधित रिएक्शन हुआ हो
2. यदि आपको इस वैक्सीन में उपयोग के गई किसी सामग्री से पहले कोई गंभीर एलर्जी हुई हो

कोवीशील्ड वैक्सीन में उपयोग किये गए तत्व अर्थात सामग्री क्या हैं?

-कोविशील्ड वैक्सीन में शामिल तत्व हैं – एल-हिस्टिडिन, एल-हिस्टिडिन हाइड्रोक्लोराइड मोनोहाइड्रेट, मैग्नेशियम क्लोराइड हेक्जाहाइड्रेट, पॉलिसॉर्बेट 80, इथेनॉल, सुक्रोज, सोडियम क्लोराइड, डाइसोडियम एडिटेट डाइहाइड्रेट (EDTA) तथा इंजेक्शन हेतु जल.

कोवीशील्ड वैक्सीन कैसे लगाईं जाती है?

-कोवीशील्ड वैक्सीन एक मांसपेशीय इंजेक्शन (इंट्रामस्कुलर) वाली वैक्सीन है. इसलिए यह डेल्टॉइड नामक मांसपेशी में लगाईं जाती है. इस वैक्सीन के कोर्स में 0.5 मिली के दो डोज होते हैं.

पहले के बाद दूसरा डोज कब लेना अच्छा होता है?

-यदि आप पहला डोज ले चुके हैं तो दूसरे डोज के लिए आपको चार से छह हफ्ते का अंतर रखना चाहिए. विदेश में हुई स्टडी के आंकड़ों से पता चलता है कि दोनों डोज में बारह हफ्तों का अंतर भी रखा जा सकता है.

दूसरा डोज लेना भूल जाने की स्थिति में क्या करें?

-यदि आप सही समय पर दूसरा डोज लेना भूल जाते हैं तो आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. आपको दूसरा डोज लेने के लिए जाना जरूरी है.

क्या कोवीशील्ड वैक्सीन किसी को लगाई गई है?

-जी हां. कोवीशील्ड का व्यापक स्तर पर ह्यूमन ट्रायल हुआ है. भारत में और विदेशों में हुए इन ट्रायल्स में कई वॉलंटियर्स को कोवीशील्ड के एक या दो डोज लगाए गए हैं.

कोवीशील्ड लगाने से क्या लाभ है?

-क्लीनिकल ट्रायल्स के परिणामों में देखा गया है कि 4 से 12 हफ्तों के अंतर से यदि इसकी दो डोज ली जाए तो कोरोना से बचा जा सकता है. फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता कि यह सुरक्षा कितने दिन के लिए मिलेगी. कोवीशील्ड के दूसरे डोज के चार हफ्ते बाद आपके शरीर में कोरोना के विरुद्ध एंटीबॉडी का निर्माण होता है.

कोवीशील्ड वैक्सीन से जुड़े साइड इफेक्ट क्या हो सकते हैं?

-कोवीशील्ड वैक्सीन के कुछ साइड इफेक्ट सामने आये हैं, वे इस तरह हैं:

1. सामान्य साइड इफेक्ट (10 में से 1 व्यक्ति में दिखे)

-इंजेक्शन लगाए गए स्थान पर दर्द, गर्माहट, सूजन या घाव या गाँठ बनना, लालिमा, तबीयत ठीक नहीं लगना, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द या मांसपेशियों में दर्द, थकान महसूस होना (कमजोरी), कंपकंपी या बुखार महसूस होना, फ्लू जैसे लक्षण- तेज बुखार, गले में खराश, बहती नाक, खांसी या कंपकंपी होना.

ये लक्षण असामान्य हैं (100 में से 1 व्यक्ति को होते हैं)

-चक्कर आना, भूख कम लगना, पेटदर्द होना, फूले हुए लिम्फ नोड्स दिखाई देना, त्वचा में खुजली या चकत्ते, अत्यधिक पसीना आना, इसके गंभीर और अप्रत्याशित दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं. इसी बात को ध्यान में रख कर कोवीशील्ड वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल्स अब भी चल रहे हैं.

गंभीर लक्षण नज़र आने पर क्या करें?

-अगर आपको गंभीर एलर्जी है तो पास के अस्पताल में डॉक्टर से बात करें. इस हेतु सीरम इंस्टीट्यूट ने दिन रात चलने वाला एक कॉल सेंटर बनाया है, जहां साइड इफेक्ट्स पर बात की जा सकती है – 1800 1200124

कोवीशील्ड वैक्सीन नहीं लेने पर क्या होगा?

-यह तो शुद्ध रूप से आपकी इच्छा है कि आप कोवीशील्ड वैक्सीन लगाना चाहते हैं या नहीं. इस विषय में आप अपने डॉक्टर से भी परामर्श ले सकते हैं.

क्या कोवीशील्ड से कोरोना इंफेक्शन होने की आशंका है?

-जी नहीं. कोवीशील्ड में कोरोनावायरस उपस्थित नहीं है. इस कारण इससे कोरोना इंफेक्शन नहीं हो सकता.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here