पश्चिम बंगाल में आखिरी चरण में 9 सीटों पर मतदान होना है. ये सारी सीटें तृणमूल कांग्रेस का गढ़ मानी जाती हैं. लेकिन इन सीटों पर बीजेपी के प्रचार को रोकने के लिए हर गणित लगाया जा रहा है. उत्तरी कोलकाता में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो और रैली से पहले ही बीजेपी का मंच तोड़ने के लिए कोलकाता पुलिस ही पहुंच गई. वहीं पीएम मोदी के पोस्टर हटा दिए गए.कैलाश विजयवर्गीय ने कहा,‘मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गुंडों और पुलिस ने पोस्टर और झंडे निकाल दिए. जैसे ही हम लोग पहुंचे वे यहां से भाग गए.’

बीजेपी का का आरोप है कि कोलकाता पुलिस और राज्य चुनाव आयोग टीएमसी समर्थकों की तरह बीजेपी के साथ बर्ताव कर रही है और मंच तोड़ने पर आमादा है. कोलकाता पुलिस ने अमित शाह की रैली के लिए बने स्टेज को लेकर परमिशन के पेपर मांगे हैं और पेपर न देने पर मंच तोड़ने को कहा है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि, ‘हमारे पास रोड शो के लिए जरूरी कागजात एवं अनुमति है. उसके बाद भी पुलिस रूकावट खड़ी कर रही है और झंडे-पोस्टर नहीं लगाने दे रही है.’

बढ़ते विवाद के बीच बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय धरने पर बैठ गए हैं तो वहीं बीजेपी कार्यकर्ता रैली स्थल पर डटे हुए हैं.

बीजेपी बनाम पश्चिम बंगाल की सरकारी मशीनरी की सियासी कार्रवाई के चलते हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. बीजेपी कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और कोलकाता पुलिस के घेरेबंदी के बीच सवाल ममता सरकार पर उठता है जो कि अपने गढ़ में बीजेपी की एन्ट्री को लेकर अलोकतांत्रिक रवैया लगातार अख्तियार किए हुए हैं.

सोमवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की यहां चुनावी रैलियां थीं लेकिन उन्हें रद्द करना पड़ा था क्योंकि स्थानीय प्रशासन ने खास इशारा पाने के बाद शाह के हैलिकॉप्टर को जादवपुर उतरने से रोक दिया.  इससे पहले भी ममता सरकार अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के हैलिकॉप्टर की लैंडिंग को पश्चि बंगाल में उतरने से रोक चुकी हैं. इस पूरे मामले को लेकर अब बीजेपी चुनाव आयोग से शिकायत करने जा रही है और बीजेपी ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

क्या इंच-इंच का बदला ले रही हैं ममता?

ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि वो इंच-इंच बदला लेंगीं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये ममता का मिशन बदला शुरू हो गया है? कोलकाता में शाह के रोड शो में उमड़ी भीड़ को देखकर क्या टीएमसी डर गई जो उसने शाह की रैली से पहले ही मंच से पोस्टर और झंडे हटा दिए?

बड़ा सवाल ये है कि ममता बनर्जी बीजेपी को लगातार उन जगहों पर रोकने की कोशिश कर रही हैं जो उसके गढ़ हैं. अमित शाह का हैलिकॉप्टर लैंड न करने देने के पीछे बड़ी वजह ये थी कि एक सीट पर ममता बनर्जी के भतीजे उम्मीदवार थे और ममता नहीं चाहती थीं कि वहां पर अमित शाह प्रचार करें. इसी तरह जादवपुर से ममता बनर्जी साल 1984 में पहली दफे इंदिरा गांधी की लहर पर कांग्रेस के टिकट से सहानुभूति की वजह से चुनाव जीती थीं. अब ममता बनर्जी को जादवपुर में बीजेपी की दस्तक शायद धमक के रूप में सुनाई दे रही है.

कोलकाता पुलिस कमिश्नर विवाद का बदला?

बहरहाल, अब अमित शाह के रोड शो से पहले बीजेपी के चुनावी मंच को लेकर कोलकाता पुलिस का वर्दी में आकर आचार संहिता का हवाला देना कई सवाल खड़े करता है. कोलकाता प्रशासन का ये दखल राज्य बनाम केंद्र के बीच के संघर्ष का रूप ले चुका है. इससे पहले शारदा घोटाले के मामले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर की गिरफ्तारी को लेकर सीबीआई के साथ कोलकाता पुलिस की भिड़ंत पूरा देश देख चुका है.

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