बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस के प्रति अपनी निष्ठा की पहली परीक्षा में पास हो गए. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ बिहार के गया में वो पीएम मोदी पर जमकर गरजे. उन्होंने न सिर्फ बीजेपी के संकल्प-पत्र को ढकोसला बताया बल्कि ‘चौकीदार चोर है’ का नारा भी लगाया.

शत्रुघ्न सिन्हा के हाई जोश को देखकर लग रहा था कि जैसे वो बिहार के गया में नहीं बल्कि सियासत के ‘बदलापुर’ में हों और वो चुन चुन कर पीएम मोदी पर हमला करते रहे. उन्होंने नोटबंदी के फैसले पर सवाल उठाए तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की शान में कसीदे भी गढ़े. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि, ‘आप करें तो रासलीला और राहुल करे तो कैरेक्टर ढीला, वाली कहावत नहीं चलेगी.’

पांच साल पहले तक कांग्रेस के कैरेक्टर पर सवाल उठाकर बीजेपी के चाल, चरित्र और चेहरे की तारीफ करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा चुनावी मंच पर राहुल के ‘पॉलिटकिल कैरेक्टर’ पर सवाल उठाने वालों पर निशाना साधते रहे.  

कांग्रेस में शामिल होने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा की यह पहली चुनावी रैली थी और पहली ही रैली में  उन्होंने हिसाब बराबर करने की कोशिश की. वैसे वो बीजेपी में रहकर ही अपने बागी तेवर दिखाकर सुर्खियां बटोरने का काम कर रहे थे. शत्रुघ्न सिन्हा को जब मोदी मंत्रीमंडल में जगह नहीं मिली तो वो तभी ही पार्टी में अपनी राजनीति का भूत,भविष्य और वर्तमान समझ गए थे जिसके बाद दूसरी पार्टियों में अपनी जमीन तलाशने लगे थे. बात वैचारिक जमीन की होती तो शायद शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस या आरजेडी में कभी शरण नहीं लेते लेकिन बात राजनीतिक महत्वाकांक्षा की थी जिस वजह से वैचारिक मतभेद की कोई वजह ही नहीं थी. ऐसे में शत्रुघ्न सिन्हा को जो भी प्यार से मिला वो उसी के हो लिए.  नवजोत सिंह सिद्धू ने ये राह शत्रुघ्न सिन्हा को दिखाई और अब शत्रुघ्न सिन्हा को राहुल में रब दिखता है.

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