4 साल का बच्चा भी लगाएगा हेलमेट वर्ना कटेगा चालान, सड़क पर एम्बुलेंस को नहीं दिया रास्ता तो 10 हजार का जुर्माना

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दोपहिया वाहनों में अब सवारी करते समय चार साल के बच्चों को भी हेलमेट लगाना पड़ेगा. दरअसल, देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्ती का रुख अपनाया है. सरकार ने मोटर एक्ट में संशोधन कर नियमों को सख्त बनाने की कोशिश की है. इसी के तहत संसद में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक संशोधन विधेयक पेश किया है. इस विधेयक के तहत न सिर्फ 4 साल के बच्चों के लिए भी दो पहिया वाहनों में हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है बल्कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामले में कठोर सज़ा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया है.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में विधेयक पेश किया जिसमें केंद्रीय मोटर वाहन कानून 1988 में संशोधन कर एक नई धारा 129 जोड़ी गई और ये प्रावधान किया गया है कि दोपहिया वाहन की सवारी करने वाले चार साल से ऊपर के सभी बच्चों को हेलमेट पहनना जरूरी होगा.

हेलमेट भी आईएसआई मार्क होना चाहिए. साफ है कि सरकार क्वालिटी से समझौता नहीं करेगी. वहीं दूसरी बात ये कि सवारी करने वाला बच्चा यदि सिख परिवार का है तो भी उन्हें हेलमेट पहनना पड़ेगा. सिर्फ उसी बच्चे को हेलमेट पहनने से छूट मिलेगी जो पगड़ी बांधे हुए हो.

सड़क दुर्घटना में सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन शिकार होते हैं और उन पर बैठा व्यक्ति कोई भी हो सकता है. सड़क दुर्घटना में हर साल हज़ारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं. ये सारी मौत ड्राइवर की लापरवाही या फिर तेज़ रैश ड्राइविंग की वजह से हुई हैं.

साल 2015 में सड़क दुर्घटनाओं में 146913 लोगों की मौत हुई. साल 2016 में 150785 लोगों ने जान गंवाई तो साल 2017 में 147926 लोगों की सड़क हादसे की वजह से मौत हुई. दुर्घटनाओं पर काबू पाने के लिए कड़े प्रावधान किये जा रहे हैं.

मोटर वाहन एक्ट 1988 में संशोधन बिल की खास बातें :-

  • शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माने की रकम 2000 से बढ़ाकर 10000 करने का प्रावधान है
  • बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर 1000 रूपए का ज़ुर्माना और तीन महीने के लिए लाइसेंस ज़ब्त करने का प्रावधान है फिलहाल ये ज़ुर्माना केवल 100 रूपए है
  • रैश ड्राइविंग करने पर जुर्माना 1000 से बढ़ाकर 5000 करने का प्रस्ताव
  • बिना लाइसेंस के ड्राइविंग करने पर जुर्माना 500 से बढ़ाकर 5000 किया गया
  • तेज गति से गाड़ी चलाने पर जुर्माना 500 से बढ़ाकर अधिकतम 5000 किया गया
  • सीट बेल्ट नहीं लगाने पर भी जुर्माना बढ़ाया गया जिसे 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया
  • साथ ही मोबाइल फोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाने पर पकड़े जाने पर जुर्माना 1000 रुपए से बढ़ाकर 5000 रुपये करने का प्रस्ताव है
  • साथ ही किसी आपातकालीन गाड़ी को रास्ता नहीं देने पर पहली बार 10000 रूपए के ज़ुर्माने का प्रावधान है
  • अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते पकड़ा जाता है तो उसके अभिभावक या गाड़ी के मालिक दोषी माने जाएंगे और 25000 रूपए के ज़ुर्माने के साथ-साथ 3 साल के जेल का प्रावधान है और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द करने का प्रावधान है.
  • सड़क हादसे में मारे गए शख्स के मुआवज़े की रकम बढ़ाकर अब अधिकतम 5 लाख रुपए जबकि गंभीर रूप से घायल होने पर 2.5 लाख का प्रस्ताव
  • लाइसेंस लेने या गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के लिए आधार नंबर अनिवार्य करने का प्रस्ताव है.
  • अब लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद 1 साल तक लाइसेंस को रिन्यू कराया जा सकेगा.
  • यदि कोई एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसी आपात सेवाओं के वाहन को रास्ते में रोकता है तो उस पर 10 हजार के जुर्माने के साथ छह महीने की कैद भी हो सकती है

विधेयक के मुताबिक यदि बच्चे अपने अभिभावक, वैन या रिक्शे से जा रहे हैं तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पैरेंट्स, वैन ड्राइवर या रिक्शे वाले की होगी.ये संशोधन और सुझाव वाकई बहुत जरूरी है. आप देखें कि जब भी बच्चे कोई ऐसा खेल खेलते हैं जिसमें चोट लगने का डर होता है तो वो हेलमेट जरूर लगाते हैं. चाहे क्रिकेट हो या स्केटिंग या फिर ट्रैकिंग. ऐसे में छोटे बच्चों को दोपहिया वाहन चलाते वक्त बिना हेलमेट के गाड़ी में बिठाना समझ से परे हैं. इस तरफ कभी ध्यान नहीं दिया गया.

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