प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय सीट बनारस में आखिरी चरण में चुनाव 19 मई को होगा. मतदान से ठीक एक दिन पहले बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सवालिया निशान लगाते हुए ट्वीट कर एक भविष्यवाणी की है.

मायावती ने ट्वीट किया है कि क्या क्या वाराणसी 1977 में रायबरेली में को दोहराएगा, जब राज नारायण ने इंदिरा गांधी को हरा दिया था.

मायावती ने साथ ही विकास के मामले में पूर्वांचलियों  के साथ धोखा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जैसे इंदिरा गांधी रायबरेली से चुनाव हारी थीं वैसे ही पीएम मोदी बनारस से हार सकते हैं.

मायावती का पूरा ट्वीट सवालिया निशान के साथ भविष्यवाणी कर रहा है. ट्वीट में लिखा है कि “पूर्वांचल के साथ यह वादाखिलाफी और विश्वासघात तब हुआ है जब पीएम व यूपी के सीएम इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. योगी को तो गोरखपुर ने ठुकरा दिया है तो क्या ऐसे में पीएम श्री मोदी की जीत से ज्यादा वाराणसी में उनकी हार ऐतिहासिक नहीं होगी? क्या वाराणसी 1977 का रायबरेली दोहराएगा?”

इस बार उन्होंने मोदी के गुजरात मॉडल पर भी सवाल उठाया. मायावती ने ट्वीट कर कहा कि  ” पीएम मोदी का गुजरात मॉडल यूपी के पूर्वांचल की अति-गरीबी, बेरोजगारी व पिछड़ेपन को दूर करने में थोड़ा भी सफल नहीं हो सका, जो घोर वादाखिलाफी है. मोदी-योगी की डबल इंजन वाली सरकार ने विकास के बजाए केवल जाति व साम्प्रदायिक उन्माद, घृणा व हिंसा ही देश को दिया है, जो अति-दुःखद है.”

मायावती लगातार पीएम मोदी पर तीखे हमले कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने एक विवादास्पद बयान दिया था कि बीजेपी नेताओं की पत्नियां मोदी की वजह से खुद को सुरक्षित नहीं समझती हैं जिस पर बीजेपी ने जोरदार विरोध जताया था.

बीेजेपी ने मायावती के खिलाफ लखनऊ में चुनाव आयोग से शिकायत की है. बीजेपी ने कहा है कि मायावती ने प्रचार बंद होने के बाद और वोटिंग से ऐन पहले बनारस में वोटरों के प्रभावित करने के लिए ट्वीट किया है.

सियासत की दूसरी तस्वीर ये है कि बनारस के मतदान से दूर पीएम मोदी केदारनाथ की एक गुफा में ध्यानमग्न हैं. बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर मोदी भोले की नगरी बनारस में जीत का आशीर्वाद मांग रहे हैं.

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