MP BOARD RESULT 2019: इस साल  भी 10वीं और 12वीं की परीक्षा में लाखों छात्र सम्मिलित हुए. बोर्ड की परीक्षा छात्र के करियर के लिए टर्निंग पाइंट होती है. यहीं से छात्र अपने भविष्य की राह चुनते हैं. ऐसे में छात्रों पर पढ़ाई का दबाव बहुत ज्यादा होता है. पढ़ाई के दबाव के साथ-साथ छात्रों पर पैरेंट्स की उम्मीदों का भी दबाव होता है. जबतक रिजल्ट घोषित नहीं होता तबतक छात्रों के भीतर अनजाना डर बना रहता है. इस डर में फेल होने के साथ मां-बाप की डांट का भी भय होता है. कुछ छात्र रिजल्ट खराब होने या फेल होने पर आत्महत्या जैसी गलती कर डालते हैं. लेकिन ऐसा करने वालों के मां-बाप फिर जिंदगी भर दर्द और पछतावे में जीने को मजबूर हो जाते हैं. जबकि एक्जाम में फेल होने पर खुदकुशी के बारे में कतई नहीं सोचना चाहिए. फेल होने से या फिर कम मार्क्स आने से जिंदगी नहीं रुक जाती तो फिर जिंदगी की सांस रोकने का अधिकार किसने किसको दिया?

दुनिया के सबसे अमीर और कामयाब लोग भी अपनी जिंदगी में एक बार फेल हुए हैं. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और प्रयासों से अपनी किस्मत ही बदल डाली. याद रखें कि इस दुनिया में जो भी आया है वो अपनी कामयाबी की इबारत भी खुद लिख सकता है. सिर्फ एक बार रिजल्ट बिगड़ने या कम नंबर आने से करियर खत्म नहीं हो जाता है. याद रखें कि आपके अगर दसवीं में कम मार्क्स आए या फिर फेल हो गए तो आप इसके बाद मेहनत करके 12वीं कक्षा में टॉप कर सकते हैं. इसी तरह अगर 12वीं का नतीजा ठीक नहीं रहा तो सिर्फ 1 साल में दोबारा मेहनत करके टॉप तक किया जा सकता है.

किसी भी करियर को बनाने के लिए जिंदगी के सिर्फ और सिर्फ 3 साल काफी हैं. जिंदगी के उम्र के खजाने से अगर एक-दो साल या तीन साल परिस्थितियों की वजह से बेकार भी चले गए तो बाकी उम्र तो करिश्मा करने और कामयाब बनने के लिए है ना.

 कई दफे बच्चे रिजल्ट खराब होने पर मां-बाप की डांट के डर से गलत कदम उठा लेते हैं. जरा सोचिए क्या किसी के मां-बाप के लिए बच्चों की जिंदगी से ज्यादा रिजल्ट प्रिय हो सकता है? मां-बाप कठोर दिखने के लिए डांटते हैं ताकि बच्चे सीरियसली पढ़ाई करें और एग्जाम में सफल हों. लेकिन वो ये कतई नहीं चाहते कि बच्चे फेल होने पर डांट के डर से घर छोड़कर भाग जाएं.

इसलिए आपसे गुजारिश  है कि रिजल्ट का हिम्मत और तनावमुक्त हो कर इंतजार करें. जब रिजल्ट आए तो गहरी सांस लें और फिर अपना रोल नंबर देखें. चाहे रिजल्ट कुछ भी हो उस वक्त निराश न हों और अगले साल के बारे में सोचें और जो गलतियां हुईं उन्हें सुधारने की कोशिश करें.

अगर किसी सबजेक्ट में डर लग रहा है या फेल होने का डर सता रहा है तो इस बात को अपने मां-बाप या घर में किसी से पहले ही बांट लें और मन में रखकर घुटे नहीं क्योंकि जो होना थो सो हो गया. अब आगे के बारे में सोचना है.

इस बार एमपी बोर्ड मई के दूसरे महीने में 10वीं और 12वीं के रिजल्ट की घोषणा कर सकता है. याद रखिए कि रिजल्ट आप सिर्फ एमपी बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट mpbse.nic.in पर ही देखेंगे.

Archana Sherry (Independent Journalist)

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