Nepal: ओली का बजट सत्र या चुनावी घोषणा पत्र?

नेपाल में भी दुनिया के देशों की तरह एक परफेक्ट बजट किसी सपने की तरह ही है जो सच होता कभी नजर नहीं आता चाहे कितना भी लोकलुभावन क्यों न हो..

0
244
शनिवार 29 मई 2021 को नेपाल सरकार ने एक अध्यादेश के ज़रिये आगामी वित्तीय वर्ष के लिये बजट घोषणा पत्र सार्वजनिक कर दिया है|
वित्त मंत्री विष्णु पौडैल से मिली ये जानकारी ये  भी बताती है कि आगामी वर्ष के लिये 1647.64 अरब रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है जो कि गत वर्ष 1474.64 अरब रूपये का था |एक नजर में देखें तो यह एक लोक-लुभावन बजट दिखाई देता है जिसकी पृष्ठभूमि में नेपाल का आगामी चुनावी मैदान दिखाई देता है.
वित्त मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित घरेलू हवाई अड्डों के नव निर्माण हेतु 20 अरब रूपये आवंटित करने का ऐलान किया है|  पर्यटन स्थल की उदासीनता को सकारात्मक बढ़ावा देने के लिये सरकार ने आगामी एक वर्ष तक
पर्यटकों को वीज़ा संबंधित राहत दी जायेगी| देश के भीतर रेल मार्ग विकास हेतु 10 अरब 3 करोड़ बजट विनियोजन की घोषणा भी की गई है।
जहां एक तरफ प्रधानमन्त्री ओली ने काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के मेंटिनेंस के लिये 35 करोड़ रूपये आवंटित किये हैं, वहीं उन्होंने भारत में अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिये भी कुछ राशि आवंटित की है. यद्यपि इस राशि का खुलासा नहीं हुआ है लेकिन इससे समझ में आ रहा है कि आने वाले चुनावी मौसम में राम नाम आयेगा ओली के काम.
कोरोना महामारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिये 37 अरब 57 करोड़ विनियोजन किये जायेगें| डीज़ल और पेट्रोल से चलने वाले सवारी साधन के विस्थापन की रणनीति पर कार्य किया जायेगा| शिक्षा,विज्ञान प्रविधि मन्त्रालय को 1 खरब 80 अरब 4 करोड़ रूपयों का विनियोजन किया जायेगा|
देश में नशे पर लगाम लगाने की कोशिश दिखाते हुए ओली ने मदिरा और सुर्ती (तंबाकू)चीजों पर मूल्य अभिवृद्धि की गई है परन्तु भन्सार कर में सामान्य परिवर्तन ही किये गये हैं| स्वदेशी वस्तुओं के उत्पादर और प्रयोग के लिये ‘मेक इन नेपाल मेड इन नेपाल’ अभियान संचालित करने की जानकारी दी गई|
इसके अतिरक्त नेपाल में कुल तीस स्थानों पर मौसम पूर्वानुमान विभागों को प्रभावी बनाने की योजना भी बजट में शामिल है|
ये बजट किसी अलादीन के चिराग जैसा जान पड़ रहा है जिसकी सफलता पर विपक्ष की तरफ से आशंका जताई जा रही है| इसी बजट पर सभी विभागीय मन्त्रियोंकी प्रतिक्रियाएँ भिन्न-भिन्न देखी जा रही हैं|
पूर्व वित्त मंत्रियों ने टिप्पणी की है कि सरकार चुनाव-उन्मुख बजट को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर ले आई है। वहीं काँग्रेसी नेता और पूर्व वित्त मंत्री राम शरण महत ने इस बात पर असंतोष व्यक्त किया और कह कि पूर्ण आकार का बजट सभी क्षेत्रों और वर्गों के लोगों को खुश करने और राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से लाया गया है| इसे चुनाव प्रचार के लिए लाया गया है। यह बजट, जिसमें एक राजनीतिक एजेंडा शामिल है, चुनावी घोषणापत्र की तरह है। इस साकार की आयु अधिक नहीं है।
इसी प्रकार पूर्व वित्त मंत्री और माओवादी केंद्र के नेता बर्शमन पुन ने कहा कि यह एक गैर-लागू बजट है| विपक्ष की तरफ से ये भी कहा गया है कि कोविड के इलाज के लिए बजट प्रावधान अपर्याप्त है, लेकिन यह सकारात्मक है|
चुनाव के लिए यूएमएल के घोषणापत्र में किसी संरचनात्मक परिवर्तन का कोई संकेत नहीं था, जो कि वित्त मंत्री के माध्यम से नहीं होना चाहिए था|
– अंजू डोकानिया (काठमांडू ब्यूरो प्रमुख, न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here