बैडमिंडन की ‘गोल्डन गर्ल’ पी वी सिंधु ने रचा इतिहास, वर्ल्ड खिताब पर किया कब्जा

सिंधु ने इससे पहले वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में साल 2017 और 2018 में रजत पदक और 2013-14 में कांस्य पदक जीता था.

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भारत की नंबर 1 बैडमिंटन प्लेयर पी. वी. सिंधु ने इतिहास रच दिया. ओलंपिक रजत पदक विजेता पी.वी. सिंधु ने बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप का खिताब जीत लिया. उन्होंने रविवार को स्विट्जरलैंड में बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप-2019 के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को मात देकर खिताब पर कब्जा किया. ऐसा करने वाली वो पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं. इससे पहले बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भारत के लिए महिला और पुरुष वर्गों में से अब तक किसी ने गोल्ड मेडल नहीं जीता है.

रविवार का दिन भारत के बैडमिंटन इतिहास का स्वर्णिम दिन था. सिंधु ने फाइनल में दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे गेमों में 21-7, 21-7 से हराया. 37 मिनट तक चले इस मुकाबले में सिंधु ने ओकुहारा से खिलाफ अपना करियर रिकॉर्ड 9-7 का कर लिया.

सिंधु ने अच्छी शुरुआत की और 16-2 की लीड लेने के बाद 21-7 से पहला गेम जीत लिया. दूसरे गेम में सिंधु ने 2-0 की बढ़त के साथ शुरुआत करते हुए अगले कुछ मिनटों में 8-2 की लीड कायम कर ली. इसके बाद उन्होंने लगातार अंक लेते हुए 21-7 से गेम और मैच समाप्त करके बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार स्वर्ण पदक जीत लिया.

पीवी सिंधु की इस ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने बधाई संदेश दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सिंधु की जीत से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी.

सिंधु ने इससे पहले वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में साल 2017 और 2018 में रजत पदक और 2013 और 2014 में कांस्य पदक जीता था.

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