Courtesy-twitter
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साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर हिंदू आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्हें मालेगांव ब्लास्ट केस के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था. जांच एजेंसियों का दावा था कि साध्वी पज्ञा ठाकुर मालेगांव ब्लास्ट में शामिल हैं. महाराष्ट्र एटीएस ने सबूत के तौर पर उस मोटरसाइकिल को सामने रखा था जिसे साध्वी प्रज्ञा ने बहुत पहले बेचने का दावा किया था. लेकिन उनके दावों को खारिज कर महाराष्ट्र एटीएस ने साध्वी पर वो सितम किए जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए.

2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में एटीएस ने साध्वी प्रज्ञा को साजिश रचने का आरोपी बनाया था. साध्वी प्रज्ञा ने आरोपों से इनकार भी किया था. लेकिन उनकी बार-बार जमानत याचिका खारिज होती रही और वो कुल 9 साल भगवा आतंकवाद के आरोप के चलते जेल में रहीं.   आखिरकार दो साल पहले साल 2017 को साध्वी प्रज्ञा को बॉम्बे हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी. साथ ही कोर्ट ने साध्वी को जांच में सहयोग करने, पासपोर्ट जमा करने और गवाहों को प्रभावित न करने का भी निर्देश दिया था. जेल से बाहर आने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने खुलकर कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि तुष्टिकरण की राजनीति के चलते हिंदू आतंकवाद शब्द का तत्कालीन यूपीए सरकार के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इस्तेमाल किया. मालेगांव ब्लास्ट में साध्वी प्रज्ञा, असीमानंद और कर्नल पुरोहि‍त का नाम सामने आने के बाद कांग्रेस ने हिंदू आतंकवाद’ शब्द का इस्तेमाल किया था. जबकि तत्कालीन कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने संघी आतंकवाद का भी इस्तेमाल करते हुए संघ पर निशाना साधा था. अब साध्वी प्रज्ञा ठाकुर भोपाल सीट से कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के सामने हैं और चुनावी नतीजे जाहिर तौर पर लोकसभा चुनाव को रोमांचक बनाने का काम करेंगे.

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