चीनी वीडियो एप्लिकेशन (टिक टॉक) TikTok को भारत में बड़ा झटका लगा है. भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद  Google और Apple को अपने ऐप स्टोर से TikTok को हटाने के लिए कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. इस फैसले के बाद केंद्र सरकार ने Google और Apple को अपने ऐप स्टोर से TikTok को हटाने के निर्देश दे दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ टिकटॉक की मालिकाना कंपनी बाइट डांस की याचिका को खारिज कर दिया. चीनी कंपनी बाइट डांस ने याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि मद्रास की मदुरै पीठ ने कंपनी के पक्ष की मौजूदगी के बिना ही प्रतिबंध का एकतरफा फैसला सुनाया है.

दरअसल, 3 अप्रैल को मद्रास हाईकोर्ट ने टिक-टॉक (Tik-Tok) के ऐप के जरिए आपत्तिजनक कंटेंट डाउनलोड होने का अंदेशा जताया था. जिसके बाद केंद्र सरकार को देश में TikTok के डाउनलोड पर रोक लगाने का निर्देश दिया था. TikTok के मामले में अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी.

अब तक सोशल मीडिया पर यूजर्स की निजी जानकारियों की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ी हुई थी तो अब ऐप में मौजूद कंटेंट को लेकर सवाल उठ रहे हैं. TikTok ऐप बनाने वाली चीनी कंपनी बाइटडांस (Bytedance) को दुनिया की सबसे ज्यादा वैल्यू वाली स्टार्टअप कंपनी माना जाता है. बाइटडांस की दलील है कि TikTok  पर डाउनलोड होने वाले उन वीडियो के लिए कंपनी जिम्मेदार नहीं है जिन्हें थर्ड पार्टी अपलोड करती है.

TikTok ऐप को दुनियाभर में तकरीबन 100 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है. खास बात ये है कि देश में प्रतिबंध करने से पहले ही इसे 9 करोड़ नए यूज़र्स डाउनलोड कर चुके थे. पिछले एक साल में टिक टॉक (Tik Tok) की लोकप्रियता में बड़ी तेजी से इज़ाफ़ा हुआ. शुरुआत में इस ऐप का नाम म्यूज़िकली था जिसे बाद में बदलकर टिक टॉक (TikTok) रख दिया गया. इस ऐप के जरिए यूजर्स अपने छोटे-छोटे वीडियो बना कर शेयर करते हैं जिसमें फिल्मों के डायलॉग, गानों पर एक्टिंग या जोक्स शामिल होते हैं. यूजर्स लिप सिंक कर डायलॉग को अपने चेहरे पर रिकॉर्ड करते तो हिट फिल्मी गानों पर डांस भी करके रिकॉर्ड करते हैं.

मद्रास हाईकोर्ट ने चिंता जताई थी कि टिक-टॉक में पॉर्न वीडियो या अश्लील सामग्री अपलोड की जा सकती है जिसका बच्चों पर गलत असर पड़ सकता है. फिलहाल, टिक-टॉक (Tik Tok) को प्लेस्टोर से डिलीट करने के सरकार ने आदेश दिए हैं. लेकिन टिक-टॉक पर बैन होगा या नहीं इसका पता 22 अप्रैल को होने वाली सुनवाई के बाद ही पता चलेगा.

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