(Vikas Dubey Encounter)गैंगस्टर विकास दुबे मारा गया, उज्जैन से कानपुर लाते समय STF ने किया एनकाउंटर

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गैंग्स्टर विकास दुबे का यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर एनकाउन्टर कर दिया. उज्जैन से कानपुर लाते समय पनकी के पास एसटीएफ की एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई. जिसके बाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश की तो एसटीएफ ने उसे मार गिराया. यूपी एसटीएफ के मुताबिक विकास ने पुलिस का पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायर किया. जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए विकास दुबे को मार गिराया. कानपुर देहात से कानपुर नगर ले जाते समय गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसके बाद ये एनकाउन्टर हुआ. इसके बाद विकास को गंभीर रूप से जख्मी होने पर लाला लाजपत राय हॉस्पिटल लाया गया जहां उसकी मौत हो गई. इस मुठभेड़ में विकास दुबे को 3 से 4 गोलियां लगीं जबकि 4 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. सड़क हादसे को लेकर यूपी एसटीएफ की तरफ से पहली प्रतिक्रिया आई है कि उसने पुलिस का हथियार छीन कर भागने की कोशिश की और जब उसे आत्मसमर्पण के लिए कहा गया तो उसने फायरिंग की जिस वजह से पुलिस को जवाबी कार्रवाई में गोली चलानी पड़ी और वो मारा गया. पुलिस का कहना है कि रास्ते में एक्सीडेंट हुआ जिसके बाद विकास ने भागने की कोशिश की और मारा गया. बताया जा रहा है कि विकास दुबे जिस गाड़ी में सवार था, वही हादसे का शिकार हुई है. कानपुर में बर्रा थाना क्षेत्र के पास हुई दुर्घटना में कार पलट गई.

जानकारी के मुताबिक सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर विकास एसटीएफ की टीम के साथ कानपुर पहुंचा था. उस दौरान तेज़ बारिश हो रही थी. तेज़ बारिश के समय हाइवे पर गाड़ी पलट गई. जिसके बाद पुलिस के मुताबिक विकास दुबे ने घायल सिपाही की रिवॉल्वर छीन कर भागने की कोशिश की थी.  कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए बताया कि गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे पुलिसवालों का हथियार छीनकर भाग निकला. उसे सरेंडर करने का मौका दिया गया था, लेकिन विकास दुबे ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी फायरिंग में उसे कमर और सीने में गोली लगी और उसकी मौत हो गई है.

3 जुलाई को विकास दुबे को पकड़ने की पुलिस टीम पर विकास दुबे और उसके साथियों ने गोलियां बरसाई थीं जिसमें 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इसके बाद से ही विकास दुबे फरार था. उसके 5 साथियों का अब तक एनकाउंटर हो चुका था.

गुरुवार सुबह ही विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर पुलिस के सामने हाजिर हुआ था. तब पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू कर दी थी. उज्जैन में पुलिस के सामने विकास दुबे पुलिस टीम पर हमले की रात की सारी कहानी बयां की थी. विकास दुबे ने बताया था कि किस निर्मम तरीके से कानपुर के विकरू गांव में सीओ और पुलिसकर्मियों की हत्या की गई. यही नहीं पुलिसकर्मियों के शवों को जलाने की भी साजिश थी ताकि सबूत मिट जाएं. विकरू गांव में इस साजिश के सबूत बिखरे पड़े हैं. वीडियो में पुलिस वालों के पास जो तेल के गैलन और डिब्बे दिख रहे हैं, कहा जा रहा है कि ये विकास दुबे ने पुलिसकर्मियों को जलाने के लिए जुटाए थे.

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