आपके चलने से सड़क पैदा करेगी बिजली, IIT के शोधकर्ता का अविष्कार

0
329

मंडी (हिमाचल प्रदेश). तकनीक लगातार आपके लिए ज़िन्दगी आसान करती जा रही है. अब बिजली के लिए एक नया स्रोत खुलने जा रहा है जो सामने आया है इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मंडी (IIT Mandi) के एक शोधकर्ता के शोध के माध्यम से. शोधकर्ता ने ऐसी सड़क बनाई है जो पैदल चलने से बिजली पैदा करती है. आइए हम जानते कि कैसे सम्भव हुआ यह अविष्कार.

मैकेनिकल एनर्जी से बनेगी बिजली

आईआईटी मंडी के शोधकर्ता ने टेक्नोलॉजी का सार्थक उपयोग करके सड़क पर चलने से पैदा होने वाली बिजली को सम्भव बना दिया है. इस विदयुग-सड़क को बनाने वालो शोधकर्ताओं के मुखिया डॉक्टर राहुल वैश के अनुसार उन्होंने इस सड़क को बनाने के लिए पीजोइलेक्ट्रिक मटेरियल (Piezoelectric Material) को इस्तेमाल किया है. पीजोइलेक्ट्रिक मटेरियल की विशेषता ये है कि यह मैकेनिकल एनर्जी से इलेक्ट्रिकल एनर्जी का निर्माण करती है.

बढ़ाएंगे इसकी शक्ति

डॉक्टर राहुल वैश ने कहा यह अविष्कार देश की विद्युत् की दिनों दिन बढ़ रही मांग की आपूर्ति करने में मदद करेगा. इसके लिए हमें ऐसे मटेरियल को हर सड़क और गली में लगाना होगा जिससे बिजली की समस्या का सीधा, सहज और सरल समाधान हो सकेगा. उन्होंने कहा कि अभी यह मटेरियल बहुत कम बिजली पैदा कर रहा है, इसलिए हुज्को इसकी शक्ति और मात्रा दोनों में ही वृद्धि करनी होगी.

ये है ग्रेडेड पोलिंग तकनीक

इस अविष्कार में इस्तेमाल होने वाली तकनीक का नाम है -ग्रेडेड पोलिंग तकनीक. इस तकनीकी की मदद से सड़क पर पड़ने वाला दबाव, खिंचाव और घर्षण के साथ मिल कर मैकेनिकल ऊर्जा पैदा करेगी जो कि इलेक्ट्रिकल एनर्जी में बदल जाएगी. डॉक्टर राहुल वैश और उनकी टीम ने पीजोइलेक्ट्रिक मटेरियल से निर्मित होने वाली सड़क में इस नई तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ उसकी क्षमता बढ़ाने में कामयाबी पाई है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here