कश्मीर में क्या कुछ बड़ा होने वाला है? अमरनाथ यात्रा को बंद कर पर्यटकों को वापस जाने की एडवाइज़री

एडवाइज़री में कहा गया है कि घाटी में बड़े आतंकी हमले के इनपुट हैं इसलिए यात्री जल्द से जल्द अपनी यात्रा को खत्म कर लौट जाएं.

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जम्मू-कश्मीर में सरकार का एक बड़ा कदम दिखाई दे रहा है. जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी कर अमरनाथ यात्रा को रोक दिया है.
एडवाइजरी में कहा गया है कि घाटी में बड़े आतंकी हमले के इनपुट हैं इसलिए जल्द से जल्द अपनी यात्रा को खत्म कर लौट जाएं.

Courtesy-Twitter

जम्मू-कश्मीर सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी की गई एडवाइजरी में कहा गया है कि अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमलों के इनपुट मिलने और कश्मीर की सुरक्षा बढ़ाने के मकसद से अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए घाटी में तत्काल प्रभाव से सभी तरह की यात्रा पर रोक लगाई जा रही है.

इस एडवायज़री को जारी करने से पहले ही सुरक्षा बलों ने अमरनाथ यात्रा के रूट से एक अमेरिकन स्नाइपर राइफल एम-24 बरामद की है. सुरक्षा बलों के सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकी ठिकाने से ये स्नाइपर राइफल बरामद कर बड़े आतंकी हमले की साज़िश को नाकाम किया गया है. साथ ही पाकिस्तान में बनी बारूदी माइन और दूसरे विस्फोटक बरामद हुए हैं जिनका इस्तेमाल खासतौर से पाकिस्तानी सेना करती है.

हाल ही में जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 10 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई थी. जिस पर पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अबदुल्ला  ने सवाल उठाए थे. गृह मंत्रालय के जवानों की तैनाती के कदम को कश्मीर में आर्टिकल 35 ए से जोड़ कर देखा जा रहा था. वहीं पूर्व आईएएस अधिकारी और जम्मू-कश्मीर पीपल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) के अध्यक्ष शाह फैसल ने कश्मीर घाटी में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती पर कहा था कि इस बात की अफवाह है कि घाटी में कुछ बड़ा भयानक होने वाला है. लेकिन जिस तरह से सरकार ने एडवायज़री जारी कर पर्यटकों को वापस बुलाया उससे कश्मीर में कुछ बड़ा होने की सुगबुगाहट दिखाई दे रही है.

इससे पहले जम्मू कश्मीर को लेकर समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से दूसरी बड़ी खबर ये आई कि कश्मीर में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 280 कंपनियां यानी 28 हजार जवानों की तैनाती हो रही है. इससे पहले 10 हजार जवानों की तैनाती की खबर पर घाटी मे सियासी कोहराम मच गया था.

सूत्रों के मुताबिक कश्मीर में महत्वपूर्ण जगहों पर सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती होगी. श्रीनगर के एंट्री प्वाइंट पर सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती देखी जा सकती है. उसी दौरान जम्मू-कश्मीर के बडगाम में आरपीएफ अधिकारी के एक लेटर के वायरल होने से विवाद हो गया था जिसमें उन्होंने आने वाले दिनों में कश्मीर में तनाव और हिंसा की आशंका जाहिर की थी. चिट्ठी में कर्मचारियों से चार महीने का राशन खरीदने और परिवार को घाटी से  बाहर भेजने की बात लिखी थी. बहरहाल, अब घाटी में एडवायज़री के बाद जो सुरक्षा बलों का मूवमेंट दिखाई देगा उससे कहीं न कहीं कुछ उथल-पुथल की आशंका तो गहरा रही है क्योंकि पाकिस्तान की सेना की तरफ से लगातार सीज़फायर का उल्लंघन हो रहा है.

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