अलका और सोमनाथ : आप से दंड मिला साथ-साथ

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ये गरमागरम खबर दिल्ली से चल कर आई है जो आप के सूत्रों ने बताई है..

दिल्ली विधानसभा में राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने के प्रस्ताव पर हुए विवाद में पार्टी की नेता अलका लांबा की छुट्टी कर दी गई है. अलका लांबा ने इस प्रस्ताव को पास होने की खबर सोशल मीडिया पर शेयर की थी. जिसके बाद यह कदम उठाया गया.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस मामले में प्रवक्ता सोमनाथ भारती पर भी कार्रवाई की गई है. सोमनाथ भारती को पार्टी प्रवक्ता पद से हटा दिया गया है. सोमनाथ भारती ने दावा किया था कि उन्होंने ही यह प्रस्ताव दिया था. इस प्रस्ताव में कहा गया था कि राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिया जाना चाहिए.

आम आदमी पार्टी के सूत्रों के मुताबिक अलका लांबा से इस्तीफा लिया गया है. उनकी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता को रद्द कर दिया गया और विधायक पद से इस्तीफा भी ले लिया गया है. पार्टी राजीव गांधी के खिलाफ रेजोल्यूशन को लेकर अलका लांबा से नाराज थी. अलका लांबा के पार्टी लाइन से अलग जाकर इस मामले को सोशल मीडिया पर तूल देने और इस मामले पर बयान देने से पार्टी का शीर्ष नेतृत्व नाराज था.

आप सूत्रों का दावा है कि सोमनाथ भारती और सौरभ भारद्वाज द्वारा सफाई के बावजूद अलका लांबा ने राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिए जाने वाले प्रस्ताव पर बयान दिया. अलका लांबा ने सोशल मीडिया पर प्रस्ताव की कॉपी भी साझा की.

इस पूरे विवाद में सोमनाथ भारती को भी प्रवक्ता पद से हटाया गया. पार्टी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोमनाथ भारती पर कार्रवाई हो सकती है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले में अलका लांबा सोशल मीडिया पर भ्रम फैला रही हैं.

दिल्ली विधानसभा में पेश किए गए इस प्रस्ताव पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी. दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि राजीव गांधी ने देश के लिए अपना जीवन कुर्बान किया है. लेकिन इस प्रस्ताव से आम आदमी पार्टी का असली रंग खुलकर सामने आ गया है. माकन ने कहा कि हम हमेशा से यह बात कहते रहे हैं कि आम आदमी पार्टी भारतीय जनता पार्टी की बी टीम है

वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट करके मामले पर सफाई दी. उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव पास नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि यह व्यक्तिगत तौर पर पेश किया गया प्रस्ताव था, जिसपर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा है कि विधानसभा में पेश किए गए प्रस्ताव में स्वर्गीय राजीव गांधी के बारे में कुछ नहीं लिखा था. एक विधायक ने इस पर अपने हाथ से कुछ लिखकर दिया था. राजीव गांधी के बारे में लिखी गई लाइन मूल प्रस्ताव का हिस्सा नहीं था. उन्होंने आगे बताया कि उक्त विधायक ने इस प्रस्ताव में अपने हस्तलिखित संशोधन को शामिल करने की प्रार्थना की थी. किसी भी संशोधन को इस तरह शामिल नहीं किया जाता है.

बता दें कि हाल ही में 1984 के सिख विरोधी दंगे के एक मामले में कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी और 31 दिसंबर तक सरेंडर करने को कहा था. कोर्ट के इस फैसले के बाद सिख समुदाय ने एक सुर में कांग्रेस पार्टी की आलोचना की थी.

(साभार)

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