आर्थिक आरक्षण –शत्रु पर सर्जिकल स्ट्राइक बता कर नहीं करते !!

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मोदी सरकार के 10% आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के प्रस्ताव पर सारा विपक्ष हिल गया क्यूंकि उसे उम्मीद नहीं थी कि मोदी इस तरह चौका नहीं सीधा छक्का मार देंगे. कुछ विपक्षी दल तो खुल कर विरोध में थे और जो समर्थन कर रहे थे उनके भाषणों में प्रस्ताव का प्रबल विरोध ही झलक रहा था. सभी को बस एक शिकायत थी कि ये बिल का समय सही नहीं है और केवल चुनाव जीतना ही इसका मकसद है.

इस आरक्षण के प्रस्ताव ने विपक्ष पर सर्जिकल स्ट्राइक का काम किया मगर इसके समय को चुनौती देते हुए विपक्ष भूल गया कि शत्रु पर सर्जिकल स्ट्राइक उसे बता कर नहीं की जाती, वो अपने ही अनुकूल  समय के अनुसार की जाती है.

कांग्रेस ने लोकसभा में वोट नहीं किया मगर कपिल सिब्बल ने राज्यसभा में कहा कि एक तरफ 2.5 लाख की इनकम वाला टैक्स देता है और दूसरी तरफ 8 लाख  की इनकम वाला आरक्षण लेगा –गोरी चमड़ी के सिब्बल साहब की जुबान को काली न कहें तो क्या कहें जिससे वे सफ़ेद झूठ बोल गये.

ढाई लाख इनकम पर कौन सा टैक्स लगता है, या देश की जनता मूर्ख है? –ये इनकम तो आयकर से मुक्त है –और फिर 8 लाख पारिवारिक इनकम है ना कि आरक्षण पाने वाली की. फिर कहते हैं सिब्बल कि अब सरकार को 8 लाख तक की आय आयकर से मुक्त कर देनी चाहिए –बस एक ये सिब्बल जी ही तो बुद्धिमान हैं बाकी सब बुद्धूराम हैं ना –जब 2008  में इनकी सरकार ने OBC के लिए Creamy Layer 4.5  लाख, और 2013 में 6 लाख की थी तब आयकर सीमा 4.5 और 6 लाख क्यों नहीं की जो आज मांग कर रहे हैं.

अब कांग्रेस शासित कुछ राज्यों और ममता ने इस आरक्षण और आयुष्मान भारत योजना (गरीबों के लिए हेल्थ इन्श्योरेन्स) को लागू करने में कुछ आनाकानी जाहिर की है –अच्छा है किये जाओ –इससे ही गरीब वर्ग मोदी की योजनाओं से वंचित रह जायेगा जिसका नतीजा इन सरकारों को लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा.

एक बकवास और की गई इस आरक्षण के विरोध में कई दलों द्वारा कि जब नौकरियां ही नहीं हैं तो आरक्षण देने का का क्या फायदा होगा –तो भाई लोगों, जब फायदा होगा ही नहीं तो तुम्हारे पेट में मरोड़ काहे लग रहे हैं -और अगर नौकरियां ना होने से कोई आरक्षण का फायदा नहीं है तो हिम्मत करो और उन सभी आरक्षणों को ख़तम करने के लिए मांग उठाओ जो 60 साल से चल रहे हैं –उनके लिए भी नौकरियां नहीं हैं तो फिर कागज पर आरक्षण क्यों?

मोदी अभी और भी सर्जिकल स्ट्राइक करेंगे इस आरक्षण की तरह, झेलने के लिए तैयार रहना — ऐसा इशारा रवि शंकर प्रसाद ने किया है राज्य सभा में -चुनाव जीतने के लिए हर दल काम करता है तो मोदी क्या तुम्हे अपनी हार प्लेट में रख कर दे दें? –तुम अपनी जीत के लिए “गठबंधन”करते फिर रहे हो और मोदी आरक्षण भी ना लागू करे –क्या तमाशा बना रखा है!

वैसे कांग्रेस को याद करा दूँ कि उसने 2009 चुनाव से पहले मनरेगा सभी राज्यों के सभी जिलों में लागू की थी और 2014 चुनाव से पहले सितम्बर, 2013 में खाद्य सुरक्षा प्रोग्राम शुरू किया जिसका सालाना खर्च 1लाख 80 हज़ार करोड़ रुपये था मगर बजट में एक पैसे का प्रावधान नहीं किया –ये दोनों काम चुनाव जीतने के लिए किये थे, फिर अब क्यों तकलीफ है?

(सुभाष चन्द्र)18/01/2019

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