जॉर्ज फर्नान्डिस से कांग्रेस नफरीले के रिश्ते

0
496

आज राहुल गाँधी ने जॉर्ज फर्नांडिस को श्रद्धांजलि क्यूँ दी – जबकि कांग्रेस उन्हें कथित ताबूत में जलील करती रही ?

आज जॉर्ज फर्नांडेस का 88 वर्ष की आयु में लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया -मजदूर नेता से ले कर सफल मंत्री के रूप में जॉर्ज साहब ने अपनी छाप छोड़ी – प्रधान मंत्री समेत अनेक लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है और देनी भी चाहिए –मैं भी जॉर्ज साहब को नमन करता हूँ!

मगर आज राहुल गाँधी की जॉर्ज को श्रद्धांजलि देने वाले ट्वीट को देख कर मुझे ताज्जुब हुआ –राहुल गांधी भूल गए कि कांग्रेस ने जॉर्ज को कारगिल के कथित ताबूत और अन्य रक्षा सौदों में किस तरह
जलील किया था.

कांग्रेस ने अधिकारिक तौर पर अटल जी और जॉर्ज पर घोटाले में लिप्त होने के आरोप लगाए और पूरे 2 वर्ष से ज्यादा संसद में जॉर्ज का बहिष्कार किया. जब जॉर्ज संसद में आते थे तो कांग्रेस सांसद पहले तो उनके खिलाफ नारे लगाते रहे और फिर उसके बाद उनका बहिष्कार करने के लिए संसद से ही चले जाते थे.

2004 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद तत्कालीन रक्षा मंत्री प्रणब मुख़र्जी ने जॉर्ज साहब को क्लीन चिट दे दी जिसकी वजह से सोनिया गाँधी ने प्रणब दा को जम कर लताड़ लगाई. सोनिया के कहने पर अहमद पटेल से प्रणब दा से अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने की हिदायत दी मगर तब तक नुकसान हो चुका था. कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने भी प्रणब दा पर आरोप लगाया कि सुप्रीमकोर्ट में दिया जाने वाला वकालतनामा उनके मंत्रालय ने अनुमोदित कर दिया था मगर प्रणब ने बदल दिया.

सुप्रीमकोर्ट में किसी धनंजय कुमार ने जनहित याचिका लगा कर जॉर्ज और अन्य के खिलाफ 24000 करोड़ के घोटाले करने का आरोप लगाया. CBI ने भी आरोप पत्र दायर किया मगर ट्रायल कोर्ट ने आरोप सिद्ध नहीं पाए. CBI ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि आरोपियों के खिलाफ 24000 करोड़ के लेनदेन के कोई सबूत नहीं मिले और उन्हें ट्रायल कोर्ट 2013 में डिस्चार्ज कर चुका है —

13 अक्टूबर 2015 की हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस टीएस ठाकुर की बेंच ने जनहित याचिका खारिज कर दी. और इस तरह जॉर्ज फर्नांडेस कांग्रेस के षड्यंत्र के तहत लगाए गए आरोपों से मुक्त हो गए, मगर उनका जीवन जीते जी कांग्रेस ने नरक
बना दिया.

मजे की बात है वी के शुंगलू (जिन्हे इस वर्ष पद्मभूषण मिला है) उस समय CAG रहे थे (1996 से 2002) और उन्होंने भी इस कथित घोटाले की रिपोर्ट दी थी जो एक तरह से सही नहीं पाई गई. CBI के बारे में तो आप समझ सकते हैं क्या किया होगा -एक व्यक्ति और उसके साथ कई अन्य को 12 -14 वर्ष लपेट कर रखा, ये क्या कम था –

तो फिर आज राहुल गाँधी का जॉर्ज साहब को श्रद्धांजलि देने का कोई औचित्य नहीं रह जाता क्यूंकि इन औपचारिकताओं की कोई कीमत नहीं होती –राहुल गाँधी की कांग्रेस और उसके नेता द्रढ़ निश्चय वाले जॉर्ज को झुका नहीं सके.

आज वो ही खेल नरेंद्र मोदी के खिलाफ रफाल में खेलने की कोशिश की है राहुल ने मगर फेल हो गये, लेकिन फिर भी पाकिस्तान और चीन के इशारों पर मोदी को बदनाम करने की कोशिशों में लगे हैं.

एक तरफ कारगिल युद्ध पाकिस्तान से सांठगांठ के तहत कराया कांग्रेस
ने (क्यूंकि उस युद्ध को भाजपा का युद्ध कहा राशिद अल्वी,कांग्रेस के
नेता ने) और दूसरी तरफ “तहलका” में बैठे अपने चमचे पत्रकारों से कथित
घोटाले को उजागर करवाया –ये कितना गहरा षड्यंत्र कर सकते हैं कोई
सोच भी नहीं सकता –मगर “साँच को आंच नहीं” ये नहीं समझते कांग्रेस
के लोग —

(सुभाष चन्द्र)
29/01/2019

NamoAgain2019


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here