राहुल को लेकर सावधान होना होगा बीजेपी को

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सारे अस्त्र-शस्त्र कुंद हो रहे हैं राहुल गाँधी के.. भाजपा के नेता राहुल के साथ भूल कर भी ना बैठें.. और ना प्रियंका वाड्रा पर कोई बयान दें..

मनोहर पर्रिकर के साथ जो राहुल गाँधी ने किया उसके बाद तो किसी भी भाजपा नेता को राहुल गाँधी के साथ बैठने की भूल नहीं करनी चाहिए. राहुल गाँधी के सभी अस्त्र-शस्त्र राफेल को ले कर कुंद होते जा रहे हैं जिसकी वजह से हताशा में वो अब ऐसी हरकतें कर रहे हैं जिससे वो अपनी ही जगहंसाई करवा रहे हैं

लेकिन राफेल को ले कर राहुल गाँधी पाकिस्तान और चीन के इस कदर दबाब में है कि उसे ये भी भान नहीं रहा कि मनोहर पर्रिकर जैसे बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को भी अपने झूठ के लपेटे में ले गया जिससे उसकी अपनी ही पोल खुल गई –इस एपिसोड से पर्रिकर जी की प्रतिष्ठा बढ़ी है और राहुल की थू-थू हुई है.

पाकिस्तान और चीन के राहुल और कांग्रेस को ऐसे निर्देश हैं कि किसी तरह भी राफेल के लिए मोदी और उसके मंत्रियों को बदनाम करते रहो जिससे मोदी को हटाया जा सके और दोनों देशों और कांग्रेस का काँटा दूर हो सके. राफेल की लड़ाई तो राहुल हार चूके हैं लेकिन वो चुनाव तक उसे जिन्दा रखने की कोशिश करते रहेंगे क्यूंकि आकाओं का आदेश है.

फ्रांस के राष्ट्रपति के बयान पर झूठ बोला, संसद में फर्जी ऑडियो टेप चलाने की कोशिश की और अब पर्रिकर जी से 5 मिनट की मुलाकात के लिए भी झूठ बोल गये -एक तरफ कहा था राफेल की फाइलें पर्रिकर के घर में हैं और दूसरी तरफ आरोप लगाया कि पर्रिकर ने कहा सौदा बदलने के लिए मोदी जी ने उनसे पूछा नहीं -दोनों में एक बात तो राहुल की सच होनी चाहिए उनके ही अनुसार जबकि दोनों ही गलत थीं.

खुद अपने और कांग्रेस के नेताओं पर कसते भ्रष्टाचार के शिकंजे से परेशान हैं राहुल जिसकी वजह से मानसिक संतुलन खो रहे हैं. इसी क्रम में राहुल दुबई गये थे (जहां ISI के उच्च अधिकारी कथित तौर पर मौजूद थे) कि पता कर सके कि मिशेल का प्रत्यर्पण कैसे हो गया, अलोक वर्मा का रॉ के अधिकारियों के खिलाफ फैलाया जाल कैसे कट गया और वो ये सुनिश्चित कर सके कि आगे कोई राजदार का प्रत्यर्पण ना हो.

मगर राहुल गाँधी का सारा षड़यंत्र कल चौपट हो गया जब मिशेल के अलावा आगस्ता घोटाले के आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव शमशेर बहादुर सक्सेना और यू पी ए शासन के दौरान रक्षा सौदों में दलाली करने वाले दीपक तलवार को दुबई ने भारत भेज दिया -सोचा था मुस्लिम कार्ड चला कर दुबई के शेखों को मना लेंगे, मगर उल्टा हो गया.

दीपक तलवार को CBI और ED की अपील पर भारत भेजा गया है. उस पर 90.72 करोड़ रुपये के दुरूपयोग का आरोप है और मनमोहन सरकार के दौरान कुछ विमानों के सौदों में उसकी भूमिका भी जांच के दायरे में है.

गणतंत्र दिवस परेड में राहुल गाँधी पूरे समय नितिन गडकरी के साथ बैठे थे और जब-जब भी कैमरा उन पर फोकस हुआ तब तब राहुल गडकरी से बात करते दिखाई दिये. पर्रिकर जी को तो राहुल ने लपेटे में ले लिया, अब ऐसा ना हो गडकरी जी पर भी कुछ आरोप ठोंक दें कि उन्होंने उनको मोदी जी के बारे में या राफेल के बारे में क्या क्या बताया.

इसलिए भाजपा नेता अब सावधान हो जाएँ — राहुल को कोई बीमार भाजपा नेता भी अपने पास ना आने दे और ना कोई भी उनके पास बैठने की गलती करे – मोदी जी से अगर संसद में फिर गले मिलने की कोशिश करे तो उनको वे दूर कर दें या स्वयं दूर हो जाएँ.

दूसरा काम भाजपा नेताओं को करना चाहिए कि वो प्रियंका वाड्रा पर कोई बयान ना दें और कोई कटाक्ष ना करें –उसको कोई तवज्जो देने की जरूरत ही नहीं है –जितना उसके बारे में बोलेंगे, उसकी वैल्यू बढ़ायेंगे जो नुकसान देगा.

(सुभाष चन्द्र)
31/01/2019

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