शुभ दीपावली !! – अपना-पराया बना चुनावी सवाल : वसुंधरा और सचिन लाजवाब

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(सभी सम्मानित पाठकों को दीपमालिका पर्व पर न्यूज़ इंडिया ग्लोबल की हार्दिक शुभकामनायें !!)

आखिर वह मुद्दा सामने आ ही गया जिसका डर था दोनों ही बड़ी पार्टियों को राजस्थान में. वैसे तो दबी छुपी जुबान में तो ये मुद्दा पहले से ही था लेकिन अब इसके सामने आ जाने से खतरा भी उतना ही विशालकाय हो गया है.

जब बात अपनों की हो तो परायों को निगाहों से लाइन हाज़िर कर दिया जाता है. परायों ने भले ही अपनों से ज्यादा वफ़ा निभाई हो, पर अपने तो अपने होते हैं. ब्लड इज़ ऑलवेज थिकर दैन वाटर! अब यह मनोविज्ञान राजस्थान चुनावों में भी अपना प्रभाव दिखा सकता है.

बाहर के लोग अर्थात बाहर से आये हुए लोग अपने लोग नहीं हैं, ये सोच सामने आ रही है एक आम वोटर की. राजस्थान में ज़मीन सोच भले ही अब तक वास्तविक रूप से ये न रही हो मगर इसको बार बार ईको करने से ये ज़मीनी सोच में ज़ोरदार तरीके से बदल सकती है. इस दृष्टि से वसुंधरा बाहर की हैं, ग्वालियर से आई हैं. सचिन पायलट भी बाहरी हैं क्योंकि मध्यप्रदेश से आये हैं.

दोनो ही पार्टियां चाहे भाजपा हों या कांग्रेस, नहीं चाहते थे कि यह जिन्न बोतल से बाहर आये.. लेकिन जब दुनिया जोर लगा कर इस जिन्न को बाहर निकाल देगी तो फिर तो कोई कुछ नहीं कर सकता, सिवाये अपनी वफा की कसमें खाने के या बाहरी होने का परिणाम भुगतने के.

और मज़े की बात दोनों ही पार्टियों ने अपने पराये का ये राग अलापा है एक दूसरे का नुक्सान करने के इरादे से. कांग्रेस पूछ रही है कि वसुंधरा कहाँ से आई हैं? तो भाजपा पूछ रही है कि सचिन पायलट का घर कहाँ का है, उनके ननिहाल का पता क्या है?

सच ये नहीं है कि आज कौन कहाँ है, सच ये बनाया जा रहा है कि कौन कहाँ से आया है. भाजपा का नेतृत्व कर रहीं वसुंधरा राजे और प्रदेश में कांग्रेस के मुखिया सचिन पायलट दोनों ही मूलरूप से राजस्थान के नहीं हैं. वसुंधरा मूलत: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से हैं जबकि उनका विवाह धौलपुर राजघराने में हुआ है.

दूसरी तरफ पूर्व कांग्रेसी नेता राजेश पायलट के पुत्र सचिन पायलट का मूल जन्मस्थान भी राजस्थान नहीं है. यद्यपि राजेश पायलट राजनीतिक तौर पर राजस्थान में ही काम करते रहे हैं और उनकी मृत्यु के बाद उनकी मां रमा पायलट भी राजस्थान के दौसा से ही सांसद रही हैं. फिर भी सवाल अगर है तो जवाब भी चाहिए. कहाँ जन्म हुआ है सचिन पायलट का, कांग्रेस लाजवाब है.

वसुंधर राजे इस सवाल से अत्यंत रुष्ट प्रतीत होती हैं. उन्होंने भी प्रहार करने वाली शैली में ही इस प्रश्न का उत्तर दिया – जो लोग मुझे बाहरी बता रहे हैं, उन्हें मैं बताना चाहती हूं कि राजशतान मेरा घर है, यहां मेरी डोली आई थी और अब यहीं से मेरी अर्थी जाएगी!

भले ही सचिन पायलट की पार्टी इस प्रश्न का माकूल उत्तर ढूंढ न पाई हो, सचिन ने अपने स्तर पर उत्तर देने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि मेरे पिता राजेश पायलट की नौकरी ही ऐसी थी कि उनका जन्म राजस्थान से बाहर हुआ, अन्यथा मेरा तो ढाई साल की आयु से ही राजस्थान से लेनादेना रहा है. आप यह प्रश्न वसुंधरा जी से कीजिये. वे तो शादी के बाद ही यहां आई हैं.

(पारिजात त्रिपाठी)

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