समय बताएगा – कांग्रेस की अंतिम उड़ान – राफेल में होगी या आगस्ता हेलीकाप्टर में ?

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कांग्रेस के लिये “झूठ की फैक्ट्री” का उपनाम निरर्थक नहीं है. इस फैक्ट्री का सबसे घटिया उत्पाद, आज राहुल गाँधी ने लोकसभा में पेश किया जिसका कोई खरीददार नहीं था –और परिणाम ये हुआ कि वो उत्पाद फर्जी साबित हो गया -जेटली ने राहुल के झूठ का पर्दाफाश करते हुए उसकी धज्जियाँ बिखेर कर रख दी.

राहुल गाँधी ने नियमों के विरुद्ध जा कर गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर और मंत्री विश्वजीत राणे के संवाद का कथित ऑडियो टेप लोकसभा में चलाने की मांग की. इस टेप में पर्रिकर जी को कथित तौर पर राहुल ने कहते हुए बताया कि रफाल की फाइल्स उनके पास उनके घर में हैं.

याद रहे, मनोहर पर्रिकर जी कैंसर से ग्रस्त हैं और बावजूद उसके वो ऑफिस कार्य कर रहे हैं मगर कांग्रेस उन्हें निशाना बना रही है. कुछ दिन पहले जयपाल रेड्डी ने उनके लिए घटिया शब्द प्रयोग करते हुए कहा था कि वो “जोक” बन कर कुर्सी से चिपके हैं और आज राहुल ने उन पर हमला किया जो शर्मनाक था.

जेटली ने व्यवस्था का प्रश्न उठा कर कहा कि राहुल को टेप और उसमे कही गई बातों को सत्यापित करना होगा और इस पर स्पीकर सुमित्रा महाजन ने 15 बार राहुल से कहा कि वो टेप को सत्यापित करें मगर उन्होंने नहीं किया और अपनी खीज मिटाने के लिए वे कहते रहे –आप इज़ाज़त नहीं देंगी तो मैं ये टेप नहीं चलाऊंगा.

साँच को आंच नहीं होती, अगर टेप की बातों में सच होता तो स्पीकर महोदया के एक बार कहने पर ही उसे राहुल सत्यापित  कर देते, लेकिन जेटली की सख्त चेतावनी थी कि अगर टेप की बाते गलत साबित होती हैं तो उन्हें सदन से निष्काषित भी किया जा सकता है. जेटली ने राहुल के उस झूठ को भी संसद में दोहराया जिसमे उसने फ्रांस के राष्ट्रपति से अपनी बातचीत का उल्लेख किया था और फ्रांस के राष्ट्रपति ने तुरंत कह दिया था कि उनकी राहुल से कोई बात ही नहीं हुई.

झूठ के पिटारे रोज कुछ नया खोलते हैं राहुल और उसके सहयोगी चाटुकार मगर न तो सत्य सुनना चाहते हैं और न सत्य के दीदार करना चाहते हैं –और इसलिए जेटली जब राहुल और कांग्रेस की कलई खोल रहे थे तो कांग्रेस  सांसद बराबर शोर मचा रहे थे. परन्तु माँ बेटे ने एक बार भी किसी को चुप रहने के लिए नहीं कहा जिसका मतलब साफ़ है दोनों के इशारे पर हल्ला मचाया जा रहा था –
ऐसा शोर शराबा, हल्ला और सदनों की कार्रवाई में व्यवधान डालना साढ़े चार साल से लगातार चल रहा है.

अभी राफेल का विमान रोज उड़ाया जाता है और रोज वो क्रैश हो जाता है लेकिन दूसरी तरफ अभी आगस्ता हेलीकॉपटर पर मिशेल नई-नई बातें बता रहा है परन्तु राहुल और कांग्रेस केवल “लापेल लापेल” का राग अलाप रहे हैं -अब ये तो समय ही बताएगा कि कांग्रेस की “अंतिम उड़ान”  राफेल में होगी या अगस्ता हेलीकॉप्टर में होगी.

राफेल में राहुल को सुप्रीम कोर्ट झटका दे चुका है मगर राहुल हैं कि बाज़ नहीं आ रहे –अब जब अदालत से हेराल्ड और हेलीकाप्टर का फैसला भी आएगा –तब क्या होगा ?

(सुभाष चन्द्र)

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