मध्यप्रदेश में तोल मोल के बोल : राहुल को किया शिवराज के बेटे ने अदालत में ट्रोल

0
336

राहुल जब बोलते हैं तो सम्हला नहीं करते..राहुल जब बोलते हैं तो हमला करते हैं! उसके आगे राम जाने..

राहुल गाँधी तो राहुल गाँधी हैं. क्या बोलते हैं और क्या बोल जाते हैं. अपनी ही धुन में रहते हैं. ज्ञान, सामान्य ज्ञान और बुद्धिमानी पर अधिक विश्वास नहीं करते राहुल. जो मन में आता है, वही बोल डालने में विश्वास रखते हैं.

मध्यप्रदेश ने उनकी इसी आदत को एक नसीहत दे दी है. अब तोल के भी बोलेंगे और मोल के भी बोलेंगे राहुल. मध्यप्रदेश दौरे पर आये राहुल गाँधी ने अपनी पिनक में कुछ ऐसा बोल डाला कि बाद में माफ़ी मांगने से भी काम नहीं चलने वाला था.

दरअसल, राहुल गाँधी प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपने जनसम्पर्क के दौरान दिए जाने वाले व्याख्यान में अंधाधुंध बोलते हुए व्यापम से होते हुए पनामा पेपर्स तक पहुँच गए. इससे पहले कि राहुल समझ पाते कि वे क्या बोल गए, प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने परिवार का नाम व्यापम और पनामा पेपर्स में घसीटे जाने पर उन्हें सोमवार 29 अक्टूबर को मानहानि का केस करने की चेतावनी दी. और अगले दिन मंगलवार 30 तारीख को उनके बेटे ने बाकायदा राहुल पर मुकदमा भी कर दिया.

राहुल के भाषण पर भड़के शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि – अब तो पानी सर से ऊपर चला गया है.. झूठे और बचकाने आरोप लगाए हैं राहुल ने!

आजकल राजनैतिक रैलियां अपने मंचों पर खड़े हो कर भाषण देते नेताओं के आरोप भी सुन रही हैं और प्रत्यारोप भी. सभी जानते हैं कि चुनाव के बाद सड़कों और मैदानों में ऐसा ना ही देखा जायगा ना ही सुना जाएगा. कारण स्पष्ट है, उसके बाद नेताओं को पब्लिक से क्या काम. लेकिन इस दौरान विधानसभा चुनाव के पहले एक से बढ़ कर एक दिलचस्प वाकये सामने आएंगे, जो प्रदेश के यादगार वाले इतिहास में अंकित हो जाएंगे.

कल मंगलवार 30 अक्टूबर को भोपाल अदालत के परिसर ने शायद प्रथम बार मुख्यमंत्री के पुत्र कार्तिकेय चौहान को देखा जो कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर करने वहां पहुंचे थे. और इसके उपरान्त कार्तिकेय सिंह चौहान की और से अधिवक्ता शिरीष श्रीवास्तव ने न्यायाधीश सुरेश सिंह की अदालत में राहुल गांधी के विरुद्ध मानहानि का परिवाद प्रस्तुत किया.

परिवार पर कीचड़ उछालने के आरोप में डिफेमेशन के इस प्रकरण पर न्यायाधीश ने गवाही के लिए तीन नवंबर सुबह 11 बजे का समय दिया है. अब इस मामले में कार्तिकेय की गवाही दर्ज होनी है. प्रकरण के प्रथम साक्ष्य के तौर पर अधिवक्ता ने समाचारपत्रों की कटिंग और टीवी न्यूज का हवाला दिया है.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल स्वयं ही कन्फ्यूज्ड हैं.. मेरा बेटा तो पॉलटिक्स में नही है फिर उसका नाम क्यों लिया?

मुख्यमंत्री ने कहा कि गली का कांग्रेसी नेता मुझ पर आरोप लगाये तो अलग बात है लेकिन अगर इस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ही सोचे समझे बिना कुछ भी आरोप लगा देंगे तो यह स्वीकार्य नहीं है. इतनी निम्नस्तरीय राजनीति नहीं करनी चाहिए. मेरे विरोध में कांग्रेस अंधी हो गयी है. अभी हमने डिफेमेशन किया है यदि राहुल क्षमा मांगते हैं तो आगे विचार किया जायेगा.

(पारिजात त्रिपाठी)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here