ये हैं आदर्श उम्मीदवार : 1200 रुपये वाले सबसे गरीब प्रत्याशी

0
418

प्रजातंत्र है प्रजा का तंत्र. प्रजातंत्र अमीर तंत्र नहीं है ये सिद्ध किया है छत्तीसगढ़ चुनाव में खड़े हुए एक प्रत्याशी ने. ये वास्तव में प्रजा से जुड़े हुए प्रत्याशी हैं, राजा से जुड़े हुए नहीं.

आप इनको छत्तीसगढ़ का सबसे गरीब प्रत्याशी भी कह सकते हैं. इनके पास कुल जमा एक हज़ार दो सौ रुपये हैं. जो शायद एक अनुकरणीय उदाहरण है चुनाव में योग्यता के साथ उतरने की चाहत रखने वाले प्रत्याशियों के लिए.

जहां चुनाव के मैदान में मुख्यमंत्री रमन सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी जी की भतीजी करुणा शुक्ला जैसे दिग्गज मौजूद हैं – यहीं ऐसा भी एक उम्मीदवार है जिसके पास अपने चुनाव प्रचार के लिए लाखों – करोड़ों क्या हजारों रुपये भी नहीं हैं. राजनीति से भी इनका बहुत लेना देना नहीं हैं क्योंकि इनका नाम भी कोई बड़ा नाम नहीं है. पर हम इनको बड़े प्रत्याशी के रूप में अपने पाठकों के समक्ष गर्व से प्रस्तुत करेंगे. ये हैं एक महिला प्रतयाशी जिनका नाम है प्रतिमा वासनिक.

प्रतिमा वासनिक की आयु सैंतीस वर्ष है और इन्होने रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से नामांकन भरा है. वे अपने अभियान के माध्यम से आम लोगों तक बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों को पहुंचाने का लक्ष्य ले कर चल रही हैं.

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने प्रतिमा से सम्बंधित आंकड़े सार्वजनिक किये हैं और इन आंकड़ों ने मतदाताओं का ध्यान प्रतिमा की तरफ आकर्षित किया है. प्रतिमा के एफिडेविट में उनके पास मात्र रुपये 1200 रुपए की चल संपत्ति का ज़िक्र है है और 20,000 रुपए इलेक्शन के फंड के रूप में नज़र आते हैं.

प्रतिमा की आर्थिक विवशता ही उनकी विशेषता है. वे रैलियां नहीं कर रही हैं उनके रोड शो भी नहीं हो रहे हैं, वे द्वार द्वार जा कर लोगों से संपर्क कर रही हैं. उनका नारा है ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’ .

जहां तक उनके परिवार की बात है, उनके पति एक साधारण शेफ हैं और उनका बेटा अभी स्कूल में है. प्रतिमा ने कहा कि समाज में बदलाव लाने के उद्देश्य से उन्होंने राजनीति में कदम रखने का निर्णय किया है.

(पारिजात त्रिपाठी)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here