#Accidental Prime Minister : अभिव्यक्ति की आज़ादी मर्जी से पैदा और दफ़न करता है ये ‘हाँथ’

0
565

अनुपम खेर अभिनीत आने वाली फिल्म  ‘Accidental Prime Minister’ से कांग्रेस का डर क्या ज़ाहिर करता है?

‘एक्सीडेन्टल प्राईम मिनिस्टर’ को लेकर कांग्रेस किस बात के बवाल कटने का डर है  — अगर कुछ भेद खुलने का डर है तो वो भेद तो संजय बारू की किताब प्रकाशित होने से ही खुल गए थे –अब तो इस फिल्म में वो ही दिखाया गया है जो किताब में लिखा था.

हाँ, डर इस बात का हो सकता है किअब फिल्म के जरिये लोग वो सब सुन और देख सकेंगे जो तब में नहीं पढ़ा क्यूंकि हर कोई किताब नहीं पढता –वैसे कांग्रेस बहुत सी ओछी-घटिया  बातों को अभिव्यक्ति की आज़ादी की आड़ में समर्थन करती रही है क्यूंकि उससे कांग्रेस को नहीं हिन्दू जनमानस की भावनाओं को ठेस पहुँचती थी –और ऐसा वो इसलिए करती रही है क्यूंकि उससे वो मुस्लिम संप्रदाय के वोटों को खुश करने में सफल होती थी. 

एक चित्रकार हुआ करता था भारत में चिसका नाम मक़बूल फ़िदा हुसैन था. उस चित्रकार की खासियत सारी दुनिया जानती थी कि वह हिन्दू देवी देवताओं की नग्न तस्वीरें बनाता था जिन्हे कांग्रेस का अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर भरपूर समर्थन मिलता था. किन्तु सलमान रुश्दी और तस्लीमा नसरीन की किताबों “सैटेनिक वर्सेज” और “लज्जा” के लिए अभिव्यक्ति की आज़ादी नाम की कोई चीज़ नहीं थी.

अभिव्यक्तिकी आज़ादी कांग्रेस के लिए ऐसा कीड़ा है जिसे वो जब मर्जी अपनीसहूलियत अनुसार पैदा कर लेती है और जब अपने पर बन पड़े तो उसेतुरंत दफ़न कर देती है –JNU में देश के टुकड़े टुकड़े करने के नारे लगाना कन्हैया कुमार और उमर खालिद गिरोह की अभिव्यक्ति की आज़ादी थी, फिल्म पद्मावती, सेक्सी दुर्गा और बहुत सी फिल्म्स भी आज़ादी की श्रेणी में आती थी.

मगरइमरजेंसी में “आंधी” अभी हाल ही की फिल्म “इन्दु सरकार”कांग्रेस कोपसंद नहीं थी और अब अनुपम खेर की Accidental Prime Minister तो गले से ही नहीं उतर रही –जब पर्दे के पीछे मनमोहन सिंह से खेल खेल सकते थे वो अब पर्दे पर भी देख लो भाई लोगों.

पाकिस्तानजिंदाबाद के नारे लगाना और कश्मीर में पाकिस्तान एवं ISIS के झंडे फहराना और सेना पर पत्थरबाज़ी करना अभिव्यक्ति की आज़ादी मानती है कांग्रेस.

कांग्रेसने पहले भी Accidental Prime Minister बनाने का काम किया है या उन्हें समर्थन दिया है, –अगर लोकतान्त्रिक तरीके से प्रधान मंत्री बनते आज़ादी के बाद तो सरदार पटेल बनते मगर Accidental Prime Minister बने जवाहर लाल नेहरू.

इंदिरा गाँधी बनी शास्त्री जी की हत्या के बाद, वो Accidental PM थीं कांग्रेस की, फिर कांग्रेस ने बनाये चौधरी चरण सिंह Accidental PM, और राजीव गाँधी तो पूरी तरह ही Accidental PM थे इंदिरा जी की हत्या के बाद हज़ारों सिक्खों का नरसंहार करवा कर.

फिरअपना हित साधने के लिए कांग्रेस ने Accidental PM बनाया चंद्रशेखर कोऔर उससे भी बड़े इस श्रेणी के जिस पी एम् को कांग्रेस ने समर्थन दिया वो थे देव गौड़ा.

मनमोहन सिंह को तो कांग्रेस ने नहीं सोनिया गाँधी ने बड़े सोच समझ कर पीएम बनाया  था जिससे सत्ता की बागडोर माँ बेटे के हाथ में रहे -अभी कल ही चर्चा में आये मिशेल के एक 2009 के पत्र से साफ़ जाहिर हो गया है कि उन पर हेलीकाप्टर सौदे को ले कर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का दबाब था -कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व माँ बेटे के सिवाय और कौन हो सकता है –मतलब साफ़ है वो केवल
नामके पीएम थे और चाबी माँ-बेटे के हाथ में थी.

(सुभाषचन्द्र)


—————————————————————————————————————— (न्यूज़ इंडिया ग्लोबल पर प्रस्तुत प्रत्येक विचार उसके प्रस्तुतकर्ता का है और इस मंच पर लिखे गए प्रत्येक लेख का उत्तरदायित्व मात्र उसके लेखक का है. मंच हमारा है किन्तु विचार सबकेहैं.)                                                                                                                               ——————————————————————————————————————

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here