Maharashtra: राणे का नहले पे देहला

ये कोई ट्रैप नहीं था उद्धव ठाकरे का.. ये ट्रैप दरअसल नारायण राणे का था जिसमें बड़े आराम से मुख्यमंत्री जी आ फंसे और बना दिया था राणे जी को नायक लोगों के दिलों में..

0
81
केंद्रीय मंत्री नारायण राणा की देर रात कुछ घंटों की गिरफ्तारी और फिर मिली बेल ने उन्हें तो देश की नज़रों में एक नायक बना दिया.  उनके उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने के बयान पर यह हंगामा हुआ. क्या महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के द्वारा दिये गये विवादित बयान कि “योगी जी को उन्हीं की चप्पल से मारने” पर कोई कार्यवाही नही होनी चाहिए.  इसी मामले में बीज़ेपी के  नेता बीजेपी के यवतमाल जिले के अध्यक्ष नितिन भुटाडा ने पुलिस स्टेशन में उद्धव ठाकरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की.
नितिन भुटाडा ने शिवसेना प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के विरूद्ध FIR दर्ज की और नारायण राणे के खिलाफ ‘भड़काऊ’  बयान देने के लिए कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है . उन्होंने उमेरखेड़ पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज की है. रिपोर्ट मे दर्ज है कि “25 अक्टूबर 2020 को दशहरा भाषण के दौरान उद्धव ठाकरे ने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ ‘भड़काऊ और गंदी भाषा’ का इस्तेमाल किया था”.
पुलिस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे की ऐसी निम्न स्तरीय बयान बाज़ी से समाज में अशांति और बवाल हो सकता था. नितिन भुटाडा ने यह भी दावा  किया है कि बीजेपी महाराष्ट्र के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ और भी कम्प्लेन लिखवाएगी.  यह शिकायत  केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद नारायण राणे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर की गई .
अर्जी में यह लिखित रूप से कहा गया है कि ”ठाकरे ने कहा था कि एक योगी कैसे मुख्यमंत्री बन सकता है? उसे एक गुफा में जाकर बैठना चाहिए उसकी चप्पल से उसे मारना चाहिए. योगी ने शिवाजी महाराज का अपमान किया है. योगी की शिवाजी के पास जाने की हैसियत नहीं थी. योगी जब महाराष्ट्र आएं तो उन्हें उनके चप्पल से पीटना चाहिए”.
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को रायगढ़ जिले में सोमवार को उनकी ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के दौरान उनके द्वारा की गई आक्रामक बयानबाज़ी के पश्चात गिरफ्तार किया गया था.  राणे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए ये कहा कि महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे स्वतंत्रता दिवस के सुअवसर पर यह भी भूल गए कि भारतवर्ष को आजाद हुए कितने वर्ष हुए हैं. 
राणे ने बताया कि ”यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हो गए हैं.  भाषण के दौरान वह पीछे मुड़कर इस बारे में पूछते नजर आए थे. अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता.” नारायण राणे के इस बयान पर  शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने  हंगामा  खड़ा  कर दिया और महाराष्ट्र के कई शहरों में विरोध का प्रदर्शन भी किया.
नासिक से बीजेपी विधायक देवयानी फरांदना ने दावा किया कि भाजपा नासिक महानगर की ओर से महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे  तथा  ‘सामना’ के संपादक संजय राउत के विरूद्ध दो याचिका दर्ज करने की अर्जी पुलिस आयुक्त के पास जमा करवाई गई है.  सूत्रों के अनुसार नारायण राणे के लिये “सामना” के संपादक ने अपमानजनक बातें कहीं.  विधायक ने बताया कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के लिये महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था “ये योगी नहीं भोगी है और योगी जी को चप्पल से मारना चाहिए.”  “ये उचित नहीं है. इसीलिए हमारी आशा है कि उनके ख़िलाफ सख़्त कार्रवाई होगी.”
बदले में राणे के खिलाफ शिवसेना के विधायक संतोष बतंगड़ ने भी अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि “बीजेपी इनसे बच कर रहे” वे शिवसेना के हुगली जिलाध्यक्ष भी हैं. 
यह मामला “लंकादहन की आग” की तरह विवादित और बढ़ता ही जा रहा है. शिवसेना विधायक ने कहा कि “वो एक दिन अपनी ही पार्टी को काट डालेगें.”  शिवसेना के संतोष बांगड़ ने मंगलवार को राज्य के हिंगोली जिले के कलमनूरी विधानसभा क्षेत्र से अपने गृह जिले में प्रेस से वार्ता के दौरान कहा कि ‘नारायण राणे इंसान नहीं  पग प्रजाति के हैं. कोंकण और मुंबई के लोगों ने उनका तिरस्कार कर दिया था. अब बेईमान बीजेपी ने उन्हें दूसरे पर हमला करने के लिए छोड़ दिया है. लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि बीजेपी को इनसे बचना चाहिए क्योंकि वो एक दिन आपको ही काट लेंगे. वो किसी से ताल्लुक नहीं रखते हैं. फिर वो आपके कैसे हो सकते हैं.”
संतोष बांगड़ ने आगे भी राणे के  खिलाफ  कहा कि “अगर आप सूरज पर थूकते हैं तो भी वो वहां नहीं पहुंच सकता है। सूरज को दोनों हाथों से ढका नहीं जा सका। दुनिया ने देखा है कि हमारे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सबसे अच्छे हैं.” मीडिया से वार्ता के दौरान ये भी कहा कि वो अपनी सुरक्षा हटाएं और सामना करें। उन्होंने बताया कि “हमारे अंदर इतनी ताकत है कि हम आपको घर में आकर आपको मार सकते हैं। आप अपनी पुलिस सुरक्षा हटा कर देखिए, मैं संतोष बांगड़, एक शिवसेना कार्यकर्ता अकेला आऊंगा और अगर मैं आपकी हिम्मत को मिटा नहीं पाया तो मैं अपना नाम दोबारा कभी नहीं लूंगा.”
बेल मिलते ही नारायण राणे ने दूसरा मुद्दा उठाकर शिवसेना की दुखती रग पर हाथ रख दिया.  यह मुद्दा अभिनेता सुशांत राजपूत से जुड़ा है. उन्होंने यह भी कहा कि “सुशांत की मैनेजर दिशा के दोषियों को दिलाकर रहूंगा सज़ा.”
गत वर्ष  8 जून को मुंबई की एक बिल्डिंग के चौदहवें माले से गिरकर  सुशांत राजपूत की मैनेजर दिशा सालियान की मृत्यु हो गई थी. तत्पश्चात केंद्रीय  मंत्री नारायण राणे ने यह दावा किया था कि  प्राइवेट पार्ट्स पर चोट की बात दिशा की बॉडी की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में सामने आई. नारायण राणे ने भी दोषारोपण करते हुए कहा था कि दिशा के बलात्कार के बाद उनकी हत्या को अंजाम दिया गया.  दिशा की मृत्यु के छह दिन के बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी अपने घर पर आत्महत्या की खबर सामने आई थी. यही  कारण हैं कि उन दोनों की मौत के बीच एक अनदेखी कड़ी जुड़ी है. नारायण राणे ने यह भी दावा किया था कि ” इन सबमें महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री संलिप्त हैं.”
बीजेपी राजनेता देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया पर राणे ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ”मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा है। लेकिन यदि देवेंद्र फडणवीस कहते हैं कि यह गलत है तो मैं स्वीकार कर लूंगा, क्योंकि वह हमारे मार्गदर्शक हैं।” हालांकि अपनी बात पर अडिग रहते हुए उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकर द्वारा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को जो चप्पल मारने की अभद्र बयानबाज़ी की थी उस पर क्या कार्रवाई नही होनी चाहिए?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here