पूछता है देश: क्या रफायल और स्टेन स्वामी की भेंट चढ़ जायेगा ये संसद सत्र भी?

क्या देश के पैसे से चल रहे संसद के महंगे सत्र को बरबाद होने से बचाने का कोई तरीका हो सकता है भारतीय संविधान में? ..

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अभी रफाल का भूत उतरा नहीं, एल्गार मामले वाले स्टेन स्वामी का ऊपर से और चढ़ गया -इसका मतलब अब ये संसद सत्र बर्बाद हुए समझो!
राहुल गाँधी और उसके “परम आज्ञाकारी” अनुचरों को बस रफाल के लिए बोलने वाला दुनियां में कोई मिल जाये, बस उन्हें लगने लगता है कोरोना के मरीज को जैसे “ऑक्सीजन” मिल गई हो.
सारे आरोप भारत के सुप्रीम कोर्ट में प्रशांत भूषण, यशवंत सिन्हा और अरुन शौरी ने लगा लिए, द हिन्दू के एन राम भी कूदे झूठ का कचरा ले कर और राहुल ने माफ़ी मांगी अदालत की अवमानना के लिए -मगर फिर भी चैन नहीं है.
अब फ्रांस में एक NGO “शेरपा” ने “आरोप ” लगा दिए और यहां राहुल ने तांडव मचा दिया फिर से जैसे वो NGO “शेरपा” ही केवल हरीश चंद्र की औलाद हो -और कांग्रेस की दुर्दशा सम्हालने में फेल माँ-बेटे को जैसे संजीवनी मिल गई है.
अब NGO “शेरपा” को समझो, इसे 2 संगठनों से फंड मिलते हैं, Sigrid Rausing Trust (SRT) और Charles Leopold Meyer Foundation for Progress of Humankind (FPH) से.
SRT के 2 ट्रस्टी जॉर्ज सोरोस की Open Society Foundation से जुड़े हैं -और जॉर्ज सोरोस ने दावोस में 2020 में नरेंद्र मोदी के खिलाफ युद्ध छेड़ा था.
FPH की वेबसाइट के अनुसार इस संस्था को 3 अन्य NGOs से फंड मिलता है –EDGE Funders, European Foundation Center, (EFC) and Ariadne.
इन तीनों संस्थाओं की वेबसाइट भी जॉर्ज सोरोस की फाउंडेशन से जुड़ी हैं और जॉर्ज की संस्था में मनमोहन सिंह की बेटी जुड़ी हैं और कांग्रेस के समय में रहे NSA शिवशंकर मेनन भी जुड़े हैं –और साथ में सोनिया के करीबी हर्ष मंदर भी जुड़ा है.
NGO शेरपा के संस्थापक William Bourdon पर अतीत में भी बोगस मुक़दमे लगाते रहे हैं जिससे प्रतिष्ठित लोगों के मान-सम्मान को ठेस लग सके –इसस ये बात आसानी से समझ में आती है कि शेरपा के पीछे कौन हो सकता है.
अब खबर है कि फ्रांस सरकार ने स्पष्ट किया है कि फ्रांस में जो राफेल डील की जांच के आदेश दिए गए हैं वह 2013 में मनमोहन सरकार के समय राफेल कंपनी द्वारा मिडल मैन “सुषेन गुप्ता” को दी गई कथित दलाली को लेकर जांच हो रही है.
मगर नहीं, हमारी जेपीसी बिठाओ और मोदी को फांसी लगाओ, ये विलाप जारी है राहुल ब्रिगेड का.
अभी ये भूत नहीं उतरा था कि कल 84 साल के कथित आतंकी स्टेन स्वामी की मौत पर वैसे ही लुटियन के दलाल छातियां पीटने लगे कि उसकी मौत की जांच हो (जो अस्पताल में हुई) जैसे कभी जस्टिस लोया की लिए पीटी थी -यानि स्टेन स्वामी को एक और जस्टिस लोया बनाने की मंशा है इन लोगों की.
संसद के कई दिन बर्बाद करने की पटकथा पहले ही तैयार हो चुकी थी और अब ये 2 केस और भी जुड़ गए हैं लिस्ट में.
(सुभाष चन्द्र)

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