इस बार भी हर बार भी : करवा चौथ के डूज़ और डोन्ट्स

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सुहागिनों का सबसे बड़ा त्यौहार है करवा चौथ. पतियों के लिए प्रेम प्रदर्शित करने का यह सर्वोत्तम धार्मिक अवसर है. चंद्र देव का आशीर्वाद ले कर अपने पतियों की दीर्घ आयु की कामना करती हैं सुहागनें. यह व्रत पति के प्रति सच्चे प्रेम की एक निशानी भी है जब पत्नी दिन भर निराहार और निर्जल रह कर संध्या काल में पति का चेहरा देख कर अपना व्रत तोड़ती हैं तो यह एक औपचारिकता नहीं होती, यह दिन भर की तपस्या पारस्परिक हार्दिक संबंध का परिचायक होती है जिसकी प्रसन्नता पत्नी के चेहरे पर और गौरव पति के चेहरे पर देखा जा सकता है.

इस बार 27 अक्टूबर को पड़ रहा है करवा चौथ. करवा चौथ पूजा का मुहूर्त नोट कर लीजिये : 5:40 से 6:47 बजे तक. करवा चौथ चंद्रोदय का समय भी ध्यान रखें : 7 बजकर 55 मिनट

कुछ नियम कायदे भी इस दिन करवा चौथ के साथ आते हैं जिन्हें सुहागनों को ध्यान रखना चाहिए.

1. संध्या काल को सोलह श्रृंगार करके ही चंद्रदेव को अर्घ्य दें.
2. दिन भर बच्चों को न डाटें और सास, बहू या पड़ोसन से न झगड़ें.
3. करवा चौथ के दिन पति की सभी पुरानी गलतियों को क्षमा कर दें.
4. अपना मूड अच्छा बनाये रखें और हो सके तो सारा दिन मुस्कान अपने चेहरे पर बनाये रखें
5. इस दिन घर में सफाई स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें
6. पति के हाथ से जल ग्रहण करने के बाद ही व्रत पूर्ण करें.
7. करवा चौथ में दिन घर में ही व्यतीत करें, फिल्म देखने, शॉपिंग करने या घूमने का कार्यक्रम किसी और दिन के लिए पोस्टपोन्ड कर दें.
8. इस दिन अच्छा देखें, अच्छा बोलें, अच्छा सुनें और अच्छा ही करें, फिर देखिये आपके साथ भी सब अच्छा ही होगा क्योंकि यह एक सबसे अच्छा दिन है आपके लिए!
9. करवा चौथ के दिन दान अवश्य करें. दान के लिए कहीं जा न सकें तो कम से कम द्वार पर आये याचक को ना नहीं कहें.
10. इस दिन यदि पति से आपको कोई उपहार मिलता है तो आप भी पति को कोई उपहार अवश्य दें..अपनी कोई एक ऐसी आदत ही छोड़ दें जो पति को पसंद न हो. और व्रत तोड़ते समय पति से यह वादा करना न भूलें.

(अर्चना शैरी)

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