कुम्भ के पाँच शानदार सांस्कृतिक मन्च

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प्रयागराज कुम्भ 2019 के अवसर पर संस्कृति विभाग उत्तरप्रदेश द्वारा निर्मित किये गए सांस्कृतिक मंचों पर भी आज से कार्यक्रमों का श्रीगणेश हो गया.

52 किलोमीटर के कुम्भ परिसर के भीतर ही इन पांच कला मंचों की स्थापना के लिए पांच विशाल भवनों का निर्माण किया गया है. इन मंचों में देश विदेश के चुनिंदा कलाकार अपनी कला के विभिन्न आयाम प्रस्तुत करेंगे. गंगा मंच, सरस्वती मंच, त्रिवेणी मंच, अक्षयवट मंच एवं भारद्वाज मंच नामक इन मंचों के नामों में भी प्रदेश के पुण्य सलिला नदियों, ऋषियों तथा अहम वृक्ष सम्मिलित किये गए हैं. आज इन पाँचों मंचों पर विभिन्न कला प्रस्तुतियां हुईं जिन्होंने दर्शकों की भरपूर सराहना अर्जित की.

सर्वप्रमुख गंगा मंच पर सुरीले संगीत का जादू बिखेरा पद्मश्री गायिका अनुराधा पौड़वाल ने. भगवान शंकर के भजन ” मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा ” से अनुराधा पौडवाल ने अपने गायन की प्रारम्भि की. उसके बाद लोकप्रिय भजन ‘ठुमक चलत राम चंद्र बाजत पैजनियाँ’ की सम्मोहक सांगीतिक प्रस्तुति के माध्यम से अनुराधा पौडवाल ने हज़ारों दर्शकों का मन मोह लिया. इतना ही नहीं “पायो जी मैंने राम रतन धन पायो ” , “तूने मुझे बुलाया शेरा वालिये “, ” मेरी झोली छोटी पड़ गई रे इतना दिया रे मेरी माता”, “पार करो मेरा डेरा भवानी” जैसे धर्म-गीतों से हाल में सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. उन्होंने विष्णु स्तुति और सरस्वती माँ की वंदना का भी गायन किया और उसके बाद गायत्री मंत्र की संगीतमय प्रस्तुति दी. अनुराधा पौडवाल के गायन के दौरान राजीव चोपड़ा और लक्ष्मण पांडेय आदि ने विभिन्न वाद्य यंत्रों पर संगत की |

सरस्वती मंच पर कवि सम्मलेन का आयोजन हुआ जिसका शुभारम्भ वरिष्ठ कवि कमलेश मौर्या ‘मृदु’ द्वारा प्रधानमंत्री योगी को धन्यवाद देने के साथ हुआ. कवि सम्मेलन में दर्शकों की विशेष रूचि देखी गई. भाग लेने वाले कवियों में थे विनीत चौहान (राजस्थान), वागीश दिनकर (दिल्ली), अर्जुन सिसौदिया (मध्यप्रदेश), संजय सवेरा (उत्तरप्रदेश), राजकुमार तिवारी (सीतापुर), संदीप अनुरागी (उत्तरप्रदेश), दिनेश मिश्रा ‘रही’ (उत्तरप्रदेश) , तथा रजनीश मिश्र (उत्तरप्रदेश). इसके पूर्व सरस्वती मंच पर माँ गंगा के सम्पूर्ण इतिहास का मंचन हुआ. विशेष बात ये थी कि इस नाट्य-मंचन की प्रस्तुति बच्चों द्वारा की गई. साकेत गर्ल्स पीजी कॉलेज के कुल ८७ बच्चों ने इस प्रस्तुति में विभिन्न भूमिकाएं निभाईं.

कुम्भ परिसर के सेक्टर १७ स्थित त्रिवेणी मंच पर वाराणसी के पं० रवि शंकर मिश्र घराने के गौरव- सौरभ मिश्र ने अपने नृत्य के माध्यम से भगवान शिव की आराधना करके अपनी प्रस्तुति का श्रीगणेश किया. मुख्य अतिथि श्री गौतम कुमार बनर्जी प्रदेश सचिव, एंटी करप्शन समिति ऑफ़ इंडिया, ने सम्मानित कर इन प्रतिभा-सम्पन्न जन-कलाकारों का उत्साह वर्धन किया. कार्यक्रम के अंत में बस्तर बैंड जो आदिवासियों को समर्पित बस्तरिया समुदाय की गाथा जो नृत्य नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया गया. मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा इन्हे भी प्रमाणपत्र देकर संम्मानित किया गया. कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री सुदीपा मित्रा द्वारा किया गया.

सांस्कृतिक मंच के चौथे दिन के कार्यक्रम में अक्षयवट सांस्कृतिक मंच पर आज दो कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए. प्रथम सांगीतिक प्रस्तुति उप-शास्त्रीय संगीत पर आधारित थी जो बनारस से आये हुए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया. द्वितीय कार्यक्रम में दर्शकों ने श्रीराम भारतीय कला केंद्र (दिल्ली) के द्वारा दी गई प्रस्तुति का आनंद लिया. कार्यक्रम की प्रारम्भि शास्त्रीय गायिका शारदा वेलंकर की प्रस्तुति से हुआ. उन्होंने दादरा शैली में शास्त्रीय भजन प्रस्तुत किया और बनारस की पारंपरिक गायन संस्कृति का सुन्दर झलक दिखाई. श्रीराम भारतीय कला केंद्र दिल्ली द्वारा श्री राम जन्म से लेकर रामराज्य के विस्तार और राजतिलक तक की नाट्य-प्रस्तुति दी गई, शोभा दीपक सिंह द्वारा निर्देशित इस नाट्य-प्रस्तुति ने दर्शकों की हार्दिक सराहना अर्जित की.

ऋषि भारद्वाज मंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रारम्भि सितार व संतूर की जुगलबंदी से हुई जिसमें संगीत के दो सितारे मंच पर दिखाई दिए. सितार पर डॉ नवीन तथा उनके पिता पंडित सिद्धनाथ मिश्रा संतूर के सुरीले माध्यम से दर्शकों का अभिवादन किया. फिर प्रस्तुत हुए मध्य ले के भजनों के दौरान राज किरवानी ने आलाप के स्तर पर इस जुगल जोड़ी का साथ दिया.

इन सभी कार्यक्रमों के दौरान लगभग 10000 की क्षमता वाले पंडाल खचा खच भरे हुए थे. पंडालों के अंदर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, सभी प्रवेश द्वारों पर पैरामिलिट्री ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली थी. न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल के लिये प्रयागराज से पारिजात त्रिपाठी.

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