प्रयागराज के 20 नये कला-कुम्भ-मन्च

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प्रयागराज में कुम्भ के विशेष अवसर पर सांस्कृतक कार्यक्रमों की ज़ोरदार शुरुआत हो चुकी है. आज से शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने कुम्भ नगरी को कला-संस्कृति के खुले मंच की शोभा प्रदान की है. सारे शहर में विभिन्न मंचों पर इन कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है. प्रयागराज में इस तरह के कुल बीस मंच निर्मित हुए हैं जहां ये सांस्कृतिक उत्सव देखे जा रहे हैं. आम जनता के लिए और कुम्भ में आये देश विदेश के अतिथियों के लिए ये मंच उत्तरप्रदेश की संस्कृति के जीवंत प्रतिबिम्ब बन कर लोगों का मन लुभा रहे हैं.

३५ दिवसों तक चलने वाले इन मंचों ने प्रयागराज को सांस्कृतिक कुम्भ का विशेष सौंदर्य प्रदान किया है. इन २० मंचों पर लगभग ५०० कलाकार करीब २००० प्रस्तुतियां देंगे. इस तरह उत्तरप्रदेश संस्कृति विभाग ने इन मंचों को माध्यम बना कर लगभग ४००० कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुति का विशेष अवसर प्रदान किया है.

आज की प्रस्तुतियों इस प्रकार रहीं :

कार्यक्रम स्थल (मंच) – कला प्रस्तुति (कलाकार)

रीवा-मिर्जापुर-प्रयागराज मंच –
गऊ घाट मंच – फरवाही नृत्य (मुकेश कुमार) एवं जादू (रामानंद पाठक)
नैनी ब्रिज-कीटगंज मंच – लिल्ली घोड़ी (आनंद) एवं आल्हा गायन (अनुज सिंह)
किला चौराहा मंच – लोक गायन (मनीषा पाठक) एवं नटवरी (अशोक त्रिपाठी)
दरभंगा चौराहा मंच – लोक गायन (ब्रजेश पांडेय) एवं राजस्थानी लोक नृत्य (अर्चना पांडेय)
बालसन चौराहा मंच – लिल्ली घोड़ी (आनंद) एवं आल्हा गायन (अनुज सिंह)
प्रयागराज जंक्शन -खुसरोबाग मंच – फरवाही नृत्य (मुकेश कुमार) एवं जादू (रामानंद पाठक)
लेटे हुए हनुमान जी मंदिर – पुराना किला मंच – लोक गायन (मनीषा पाठक) एवं नटवरी (अशोक त्रिपाठी)
लोकसेवा आयोग मंच -लोक गायन (ब्रजेश पांडेय) एवं राजस्थानी लोक नृत्य (अर्चना पांडेय)
यूनिवर्सिटी रोड चौराहा मंच – लिल्ली घोड़ी (आनंद) एवं आल्हा गायन (अनुज सिंह)
अरैल मंच – पाई डंडा (रामचरन यादव) एवं नौटंकी (हरीश चंद्र)
केपी इंटर कॉलेज मंच – लोक गायन (मनीषा पाठक) एवं नटवरी (अशोक त्रिपाठी)
ट्रैफिक चौराहा मंच – लोक गायन (ब्रजेश पांडेय) एवं राजस्थानी लोक नृत्य (अर्चना पांडेय)
मेडिकल चौराहा मंच – फरवाही नृत्य (मुकेश कुमार) एवं जादू (रामानंद पाठक)
लेप्रोसी मिशन चौराहा मंच – पाई डंडा (रामचरन यादव) एवं नौटंकी (हरीश चंद्र)
झूसी मंच – पाई डंडा (रामचरन यादव) एवं नौटंकी (हरीश चंद्र)
वल्लभाचार्य मोड़ मंच – करमा नृत्य (गजाधर) एवं जादू (अरुण एस. रत्नाकर)
बहुगुणा चौराहा-डीपीएस मंच – करमा नृत्य (गजाधर) एवं जादू (अरुण एस. रत्नाकर)
बिशप जॉनसन कॉलेज-चर्च मंच – धोबिया नृत्य (सुधाकर यादव), नाटक (चन्द्रभाष) एवं जादू (अरुण एस. रत्नाकर)
प्रयाग बस स्टैंड-हिन्दू महिला कॉलेज मंच – धोबिया नृत्य (सुधाकर यादव), नाटक (चन्द्रभाष) एवं करमा नृत्य (गजाधर)
काली मंदिर-एपी कॉलेज मंच – धोबिया नृत्य (सुधाकर यादव) एवं नाटक (चन्द्रभाष)

इन बीस मंचों के अतिरिक्त कुम्भ में भी पांच प्रमुख सांस्कृतिक मंचों में भी बड़ी संख्या में दर्शक नज़र आये. इस कला कुम्भ में उत्तरप्रदेश संस्कृति विभाग के सौजन्य से राज्य ललित कला अकादमी की कलात्मक उपस्थिति दर्ज हुई है. अकादमी ने संस्कृति और कला को केन्द्र में रख कर एक विशेष प्रदर्शनी का यहाँ आयोजन किया है. ललित कला अकादमी की इस प्रदर्शनी ने दर्शकों का खासा ध्यान आकर्षित किया.

उत्तरप्रदेश संस्कृति विभाग के इस विशेष प्रयास ने प्रयागराज में प्रदेश की संस्कृति की छटा बिखेर दी है. शहर के विभिन्न स्थलों में आयोजित हो रहे इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ रही है. सभी मंचीय कार्यक्रम लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं. देखने वालों की वाहवाही लूटने वाले इन कार्यक्रमों के प्रस्तुतकर्ता प्रदेश के कोने कोने से यहां आमंत्रित किये गए हैं. ये कार्यक्रम मार्च के प्रथम सप्ताह तक प्रदर्शित किये जाएंगे. कला के सौंदर्य का यह मंचीय स्वरुप इसी तरह प्रयागराज को आगे भी कलामय बनाये रखेगा. न्यूज़ इिन्डया गलोबल के लिये प्रयागराज से पारिजात त्रिपाठी

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