प्रयागराज से बनारस, हल्दिया होते हुए बांग्लादेश, म्यानमार तक बनेगा जलमार्ग

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केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने प्रेस वार्ता कर राष्ट्रीय राजमार्गों, जलमार्गों एवं नमामि गंगे के तहत गंगा की सफाई के विषय में दी जानकारी..

कुम्भ/प्रयागराज/08 फरवरी 2019/भारत सरकार के केन्द्रीय मंत्री सड़क, परिवहन, जहाजरानी, जलमार्ग, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण श्री नितिन गडकरी जी ने अपने प्रयागराज भ्रमण के दौरान कई कार्यक्रमों में भाग लिये। उ.प्र. के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने उनकी अगवानी एवं स्वागत किया। श्री गडकरी ने संगम पर आकर पवित्र त्रिवेंणी में स्नान कर पूजा-अर्चना की। केन्द्रीय मंत्री के साथ श्री हंसराज गंगाराम अहिर मा० राज्य मंत्री गृह मंत्रालय तथा उ.प्र. सरकार के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी स्नान किया।

श्री नितिन गडकरी प्रयागराज के संगम क्षेत्र में किला घाट के समीप अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के कार्यक्रम पहुंचे, जहां पर उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस कार्यक्रम में उनके साथ उत्तर प्रदेश के मा. उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य भी उपस्थित रहें। मा. मंत्री जी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रयागराज में चार रिवर पोर्ट बना रहें है, उसमें आज इस रिवर पोर्ट का उद्घाटन भी किया जा रहा है।  उन्होंने उम्मीद जतायी कि माह फरवरी के अन्त या माह मार्च के प्रथम सप्ताह में एयर बोट से वाराणसी से प्रयागराज आवागमन शुभारम्भ किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस एयर बोट मे अधिकतम 14 लोग बैठ सकेंगे तथा उसकी स्पीड 80 किलोमीटर/घंटा  होगी। उन्होंने बताया कि सड़क व रेल व जहाज से वस्तुओं की ढुलाई की अपेक्षा जल मार्ग से सामनो को भिजवाने में लागत कम आती है। उन्होंने जलमार्ग से जुड़ने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि प्रयागराज जलमार्ग से जुडने पर यहां पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा प्रयागराज विकास के पथ और बढ़ेगा। 

श्री नितिन गडकरी ने कहा कि फरक्का से पटना तक रिवर ट्राफिक कन्ट्रोल सिस्टम का शुभारम्भ किया गया है। इस सिस्टम के द्वारा जलमार्ग पर चलने वाली बोट की मानिटरिंग भी की जा सकेगी। उन्होंने अन्तर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण की तरफ से 5500 करोड़ की परियोजना के कार्य कराये जायेंगे। उन्होंने बताया कि जलमार्ग विकसित होने से अब उत्तर प्रदेश का आम और आलू, गुड़, चीनी आदि वस्तुएं दूर-दूराज इलाकों तक निर्यात किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली से प्रयागराज तक जलमार्ग से आने का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। आने वाले समय मे लोग प्रयागराज से दिल्ली जलमार्ग से आया-जाया करेंगे।  प्रयागराज में आधुनिक तकनीक की नावों का संचालन किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि संगम स्नान के समय बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि गंगा की अविरलता एवं निर्मलता बनाये रखने के अनेक कार्य किये जा रहे है और कुछ ही महीनों में पूरे कर लिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि वाराणसी से हल्दिया और हल्दिया से फरक्का तक रिवर फ्रंट तक का विस्तार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रयाग से वाराणसी, हल्दिया, बांग्लादेश और म्यांमार तक का जलमार्ग बनाये जाने की कार्यवाही चल रही है।

श्री नितिन गडकरी ने आज सेक्टर-1 में आम जनमानस की जानकारी एवं जागरुकता के लिए बनाये गये नमामि गंगे पंण्डाल की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न स्टॉलों पर लगाये गये गंगा संरक्षण के कार्यक्रमों की जानकारी की। इस मौके पर क्लीन गंगा फंड में उन्होंने 1 लाख रुपये की धनराशि का दान भी किया। उन्होंने गंगा संरक्षण के कार्यक्रम से जुड़े गंगा प्रहरी तथा गंगा विचार मंच के सदस्यों से चर्चा की और उनका मनोबल भी बढ़ाया।

राष्ट्रीय मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में केन्द्रीय सड़क, परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश मे बनाई जा रही राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रयागराज जिले व आस-पास के क्षेत्र के चहुमुखी विकास के लिए विभिन्न सड़क निर्माण परियोजनाओं का कार्य शुरु हो चुका है। कुछ परियोजनाओं का कार्य जल्द ही शुरु हो जायेगा। उन्होंने बताया कि एन.एच.-76 (ई) के प्रयागराज से मिर्जापुर तक की 50 किमी. लम्बी 240 करोड़ रुपयों की लागत की सड़क का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। उसी मार्ग के दूसरे चरण के 228 करोड़ रुपये लागत की 37 किमी. सड़क का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय सड़क निधि के अन्तर्गत 398 करोड़ रुपये की लागत से 337 किमी. के 23 मार्गां का निर्माण कराया जा रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान प्रयागराज में नमामि गंगे परियोजना के विषय में केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने बताया कि प्रयागराज को ए. से जी. तक के 7 सीवरेज श्रेणीं में और 1 उपनगरीय टाउनशिप में बॉटा गया है। नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत 779 किमी. सीवरेज प्रणाली सृजित करने और 191 एम.एल.डी. क्षमता के 8 एस.टी.पी. के निर्माण की 10 परियोजनाएं मंजूर की गयी हैं जिनकी अनुमानित लागत 2915.78 करोड़ रुपये है। 6 परियोजनाएं पूर्ण हो गयी हैं, 2 परियोजनाएं मार्च 2019 तक पूर्ण होंगी। उन्होंने बताया कि नैनी, फाफामउ एवं झूॅसी क्षेत्र के लिए 72 एम.एल.डी. एस.टी.पी. क्षमता सहित 16.41 किमी सीवरेज प्रणाली का अवरोधन एवं डायवर्जन कार्य का हाल ही में कन्शेसन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए हैं।

घाट और मोक्षधाम के विषय में उन्हों ने बताया कि 88.03 करोड़ रुपये की लागत वाले 6 घाट और 3 मोक्षधाम प्रयागराज में मंजूर किये गये हैं। 3.3 करोड़ रुपये की लागत से 21 घाटों की नियमित सफाई के लिए एक परियोजना मंजूर की गयी है। प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी में 167 करोड़ रुपये की लागत से गंगा कार्यबल तैनात किया गया है। जिसका मुख्यालय प्रयागराज में है। इस कार्यबल का कार्य वृक्षारोपण, घाटों व किनारों पर गश्त लगाना, नदी प्रदूषण की निगरानी, जनजागरण कार्यक्रम आयोजित कराना आदि है। उन्होंने बाताया कि प्रयागराज में कुम्भ-2019 के लिए उनके विभाग द्वारा 27500 शौचालय और 20000 यूरिनल के लिए 113 करोड़ रुपये, कूड़ा निस्तारण हेतु 16 हजार डस्टबिन और लाइनिंग बैग के लिए 3.6 करोड़ की सहायता तथा सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों के लिए 16.68 करोड़ रुपये दिये गये हैं। कुम्भ के मद्देनजर 53 नालों के जैविक उपचार की परियोजना 109.71 करोड़ रुपये के लागत की 6 माह के लिए स्वीकृत की गयी हैं जो कार्यान्वित हो रही हैं। यह जैविक उपचार गंगा में तुरंत सफाई कराने के लिए किया जाता है जिससे गंगा जी में निर्मलता देखी जा सके।

श्री गडकरी जी ने बताया कि गंगा बेसिन में 11 राज्य हैं। भारतीय जल संसाधनों में इसका 28 प्रतिशत योगदान है। गंगा नदी पर 43 प्रतिशत आबादी निर्भर है। इससे 1.3 करोड़ लोगों को जीविका मिलती है। इसमें 378 जीव-जन्तुओं की प्रजातियॉ पायी जाती हैं। गंगा भारत के 57 प्रतिशत भू-भाग को उपजाऊ बनाती है। उन्होंने बताया कि निर्मलता के प्रयास में हमने 25563 करोड़ रुपये की लागत से गंगा पर 261 परियोजनाएँ संचालित की हैं जिनमें जैविक उपचार, ग्रामीण स्वच्छता, औद्योगिक प्रदूषण में कमी, घाट और मोक्षधामों का विकास, नदी सतह सफाई, नदी तट विकास, घाट सफाई, जैव विविधता संरक्षण, वनीकरण, गंगा टास्क फोर्स आदि प्रमुख हैं। 70 शहरो में सीवरेज से सम्बन्धित 136 परियोजनाएॅ मंजूर की गयी हैं। इनमें 31 परियोजनाएॅ पूरी हुयी हैं, 64 पर कार्य चल रहा है और 41 परियोजनाएॅ निविदा प्रक्रिया के तहत हैं। गंगा किनारे के 5 बेसिन राज्यों के गॉवों में 1 लाख 34 हजार हेक्टेयर भूमि में वृक्षारोपण किये जा रहे हैं। गंगा को निर्मल बनाने के लिए, गंगा के किनारे बसे गॉवों को खुले में शौच से मुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि गंगा की अविरलता और निर्मलता बनाये रखने के लिए समाज के सभी वर्गों को इस मुहीम से जोड़ा गया है।

श्री गडकरी ने कहा कि इस कुम्भ में आज स्नान करके उन्होंने पाया कि संगम का पानी साफ है। अगले मार्च तक शत् प्रतिशत गंगा साफ हो जायेगी। उन्होंने कहा कि जलमार्ग फिर से शुरु होगा। उन्होंने बताया कि 12 सौ करोड़ रुपये देकर गंगोत्री, यमुनोत्री हेतु सड़का बनवाया जा रहा है। प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य की मांग के अनुसार यहॉ कई पुल एवं सड़कों का निर्माण कराया गया है।

उक्त अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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