मंदिर वहीं बनेगा!- रवि किशन

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(बॉलीवुड और भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय सितारे रवि किशन से बात की न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल के एक्ज़ीक्यूटिव एडीटर पारिजात त्रिपाठी ने)

पारिजात : कुम्भ २०१९ इस अवसर पर  इस पुण्य धरा से मै परिजात त्रिपाठी आपके साथ और हमारे साथ है बॉलीवुड के विशेष कलाकार जो अत्यंत लोक प्रिये है “रवि किशन जी” जो इस धरा से जुड़े हुए है और आज इस प्रोग्राम में इनका विशेष प्रोग्राम हो रहा है शिव तांडव उसपर हम इनसे बात करेंगे की शिव तांडव है क्या ? आपका सोलो प्रेजेंटेशन है या गीत नाटिका है ?

रविकिशन  : पहले तो मै प्रणाम करूँगा कुम्भ के इस अद्धभुत जो पर्व चल रहा है जहा अब तक १५ करोड़ लोग स्नान कर चुके है | मै संस्कृति  विभाग को धन्यवाद दूंगा की उन्होंने कहा की आप कुछ करिये तो शिव तांडव हमारे जेहन में आया क्योकि मै शिव भक्त हूँ | हमारा पूरा एक बैंड आया है और शिव के ऊपर तांडव दर्शाया जायेगा और वो औघड़ रूप होगा अन कर चुके है आज की तारीख तक | आज ८ तारीख है और न जाने कितने लोग आएंगे , मै सभी को साधुवाद देता हूँ न्योता देता हूँ | मै अभी डुबकी लगा के त्रिपाठी जी के साथ बैठा हूँ , बड़ा अच्छा लग रहा है यहाँ पर और इतना आनंद में हूँ की आपको बता नहीं सकता | ये शिव तांडव मै पहली बार कर रहा हूँ मुझे आपने ६०० फिल्मो में हर भाषा में देखा है | मै हर भाषा में काम करता हूँ | यहाँ तक की साउथ की फिल्मो में भी और भोजपुरी पहचान है मेरी | मातृभाषा है मेरी , आज मै संद्भुत रूप होगा जो मै स्वयं इस समय बात करते हुए नहीं बता पाउँगा | मुझे भी नहीं पता क्या रूप धारण करूँगा , अभी से २-३ घंटे बाद तो वो एक अलग महिमा है इस कुम्भ की इस ऊर्जा  की जो इतनी अच्छी ऊर्जा में हम लोग प्रयागराज में हम सभी  है |

पारिजात त्रिपाठी : इस  मौके पर आपने कैसा महसूस किया जब आप अंदर गए?

रविकिशन  : मै जब अंदर गया तब काफी भीड़ उमड़ी पड़ी थी मै इत्मीनान से स्नान नहीं कर पाया फिर भी उसमे मै उसमे ईश्वर से , गंगा मैया से महादेव से सबसे कुछ माँगा है | धरती और सबकी शांति के लिए और जैसे ही मैंने गंगा में डुबकी लगाई और जब निकले तो ऐसा लगा की इतना आनंद प्राप्त हुआ और ऐसा लगा की वयक्ति की जब सारी पीड़ा , दुःख , दर्द , चिंता सब समाप्त हो गया और लगा जैसे सब शांत कर दिया गंगा मैया ने और जीवित मोक्ष की प्राप्ति हो गयी | यहाँ मृत्यु  के बाद की मोक्ष की बात नहीं कर रहा |

पारिजात : आप जो बॉलीवुड और भोजपुरी के बिच जो संतुलन स्थापित करना चाह रहे है उसके बारे में हमे बताइये |

रविकिशन  : देखिये अभी तक मैंने ६०० फिल्मे की है उसमे मैंने भोजपुरी की भी काफी फिल्मे की है | भोजपुरी इंडस्ट्री में महारथ रचने में महादेव जी ने जो हमारा साथ दिया है इससे मैंने सारे देश को जनवाया और विदेश को भी जनवाया | इस भाषा को आज ५०००० से भी ज्यादा परिवार का चूल्हा जलता हो | इस भोजपुरी को हम जनवाये इस भोजपुरी ने हमे जनवाया तभी मैंने बोलै ” जिंदगी झंड बा फिर भी घमंड बा ” | भोजपुरी इतनी मीठी भाषा है की अब हर हिंदी फिल्मो में इसका इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है | भोजपुरी को लोग पसंद कर रहे है | पहले भोजपुरी एक गाली थी आज इसको सम्मान से देखा जा रहा है | ये हमारी मातृभाषा है जो करीब ३० करोड़ लोग बोलते और समझते है पुरे विश्व में जो की बहुत बड़ी  जनसंख्या है | भोजपुरी एक बड़ा पावर है जिसकी वजह से मै अभी यहाँ हूँ और उनलोगो की वजह से जिन्होंने मुझे इतना प्यार दिया और स्टार मेगा स्टार  जैसा शब्द दिया गया | अमिताभ बच्चन साहब ने महानायक साहब ने मुझे महानायक की उपाधि दी और दिलीप कुमार साहब ने हमारे साथ भोजपुरी फिल्म बनाई | मुझे ऐसे ऐसे दिग्गजों से आशीर्वाद मिला है और देश प्यार करता है और देश के लोग तमिल फिल्मे भी देखते है तेलगु फिल्मे भी देखते है भोजपुरी और हिंदी फिल्मे भी देखते है | अभी एक वेब सीरीज “रंगबाज़” बहुत चल रहा है | मुझे देश ने टेलीविशन पर देखा है , बिग बॉस में देखा है रियलिटी शो में देखा है पर आज पूरा कुम्भ आज पूरा देश शिव तांडव करते हुए देखेगा | आज की रात अगर महादेव चाहेंगे तो ऐतिहासिक रात होगी और सुनहरे पन्नो पर इस प्रयागराज की धरती पर महादेव स्वयं लिखेंगे |

पारिजात  : जी मै महसूस कर सकता हूँ की क्योकि जब आपने ऐसा कहा तब आपके शब्दों में ऐसा भाव है की जब आप प्रस्तुत करेंगे मंच पर तब आप उस भाव में डूब जायेंगे और लोग आपका एक अलग ही रूप देखेंगे | आपने भोजपुरी को विश्व स्तर पर ले जाने का अथक प्रयास किया है और आज आप एकलौते सुपर स्टार है भोजपुरी सिनेमा के और आपके समकक्ष है एक  “manoj tiwari जी जो अभी राजनीती में प्रवेश कर गए है तो आपका क्या उद्देश्य रहेगा भारतीय राजनीती को लेकर ?

रविकिशन  : मनोज देखिये हमारे छोटे भाई है और आज बड़ी उचाई पर है भगवान और ऊंचाई पर पहुंचाए तो बड़ी ख़ुशी होगी पर हम प्रचार करेंगे और हम भारतीय जनता पार्टी का प्रचार करेंगे | देश में प्रचारक की भूमिका होगी और मै प्रचार में बड़ा मस्त हूँ | एम्. पी , एम् .एल. ऐ और मंत्री वाले लालच से शयद परे जा रहा हूँ और वो लालच बड़ा अच्छा लगता है और बड़ा भौकाल है और भौकाल में सब रहना चाहते है | शयद इसीलिए सब हमको औघड़ बोलता है पर हम प्रचार करेंगे और इस चुनाव में भी देश भर घूमेंगे और चाहने वाले चीज़ो से अब परे है | मस्त राजा वाली जिंदगी भगवान ने दी है और राजा की तरह रह रहे है और मेहनत कर के देश को आनंद देंगे |

पारिजात : अंग्रेजी फिल्मो के बारे में क्या सोच रहे है ?

रविकिशन  : जी बिलकुल हम जायेंगे और अंग्रेजी फिल्मो के तरफ भी जायेंगे , मुझे दिख रहा है मेरा आने वाला भविष्य | वहा भी जाकर हम देश को आनंद देंगे और देश का नाम ऊँचा करेंगे | वहा भोजपुरी भाषा को और उंचाई पर ले जाने की कोशिश करूँगा | हमारी संस्कृति हमारे संस्कार का जीवित होना जीवित इस मातृभाषा का इस पहचान का बचा हुआ रहना बहुत बहुत जरुरी है | इस हिंदुत्व का इस नाश करने के लिए कई सौ साल से लोग पीछे पड़े है | कई बार हिन्दुओ को मारा गया खतम करने की कोशिश की गयी परिवर्तन करने की कोशिश की गयी | हम लोगो का काम है हिंदुत्व को जीवित रखने का सम्मान के साथ | संस्कार, राम मंदिर , महादेव, कुम्भ  ये सब बहुत जरुरी है क्योकि ये हमारी पहचान है ये हमारी जड़े है और हमे अपनी जड़ो को सम्मान देना है प्रेम करना है | हर धर्म के लोग अपने जड़ो को सम्मान देते है और हम हिन्दुओ को भी चाहिए की हम अपनी जड़ो को सम्मान दे और सीना चौड़ा कर के बोले “हम हिन्दू है ”  |

पारिजात : छोटा सा एक गैर जरुरी सवाल पर हिन्दुओ के लिए  जरुरी है , आपने अभी कहा राम मंदिर बनना चाहिए |

रविकिशन  : ओफ़्कौर्स बनना चाहिए , मेरे बाप दादा की जमीन जौनपुर गांव में अधिया पर थी मतलब गिरवी थी तो हम उसको छुड़ाने के लिए जान लगा दिए क्युकी मेरे पुर्खो की पहचान चली जाती | मै दिन रात मेहनत करने लगा पैसे कमाने के लिए और मैंने उसको छुड़वा लिया और वो ज़मीं वापस खरीद ली ताकि मेरे बाप दादा मेरे पुर्खो की पहचान जीवित रहे | भगवान रामचंद्र जहा जन्म लिए वह भूमि पर उनका मंदिर होना जरुरी है | उनको भी अच्छा लगेगा और हम लोगो को भी अच्छा लगेगा की यहाँ वो पैदा हुए थे | वह पर उनका झंडा लगना है वो तय है |

पारिजात : मतलब टकराव का कोई कारण नहीं है ?

रविकिशन  : किसलिए ? भाई उनका यहाँ जन्म हुआ था और हर जगह इसका प्रमाण मिलता है | इतिहास में दर्ज़ है की यही मंदिर पाया गया , जब जमीन की खुदाई हुई तो नीचे मंदिर के अवशेष मिले | अब ये सब सब विवाद खत्म हो चुका है , अब समय की मंदिर बन कर तैयार हो जाये |

पारिजात : बहुत सुन्दर , आपकी सादगी आपकी सरलता आपका हिन्दुतत्व आपका राष्ट्र प्रेम और सबसे बढ़कर भोजपुरी भाषा से जो आपका प्रेम है वो प्रभवित करता है | आपने हमसे बात की , आपने हमे समय दिया आपका बहुत बहुत आभार |            

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