सांस्कृतिक कुंभ – कला उत्सव : दिवस-27 : 13 फरवरी 2019

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कुम्भ में श्रद्धालु एक तरफ जहां मेले का आनंद ले रहे हैं वहीं वे सांस्कृतिक मेले में भी सम्मिलित हो रहे हैं. यह सांस्कृतिक मेला उत्तरप्रदेश संस्कृति विभाग के सौजन्य से कुम्भ परिसर में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इसके अंतर्गत विभाग द्वारा कुम्भ में स्थापित सांस्कृतिक मन्चों पर प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं.

सेक्टर ४ के अक्षयवट मंच पर आज बांदा के कलाकारों ने प्रस्तुत किया दीवारी पाई डंडा की प्रस्तुति. दीवारी पाई डंडा के उपरान्त मध्यप्रदेश की श्वेता जोशी ने उपशास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया. उपशास्त्रीय गायन के पश्चात इंदौर के बाबा सत्य नारायण मौर्य की भारतीय प्रस्तुति हुई.  इस के बाद इस मंच की जो सबसे ख़ास पेशकश दर्शकों ने देखी वह थी बांग्लादेश की रामलीला जिसे खासतौर पर कुम्भ के लिए लेकर आये हैं विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, बांग्लादेश के कलाकार. लगातार बजती तालियों के बीच चली बांग्लादेश की रामलीला का दर्शकों ने हार्दिक अभिनंदन किया.

सेक्टर 6 के भारद्वाज मंच पर आज लखनऊ की गायिका पूरम शुभम ने उपशास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया.  उपशास्त्रीय गायन के बाद लखनऊ के ही कलाकार डॉक्टर लाल जी मौर्या का लोकगायन हुआ.  लोकगायन के बाद इस मंच पर वाराणसी के पंडित विकास महाराज ने सरोद वादन प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया.

सेक्टर 17 के यमुना मंच पर आज लखनऊ के गौरव वाजपेयी के लोकगीत एवं लोक नृत्य का कार्यक्रम हुआ. लोकगीत एवं लोक नृत्य के बाद मऊ के कलाकार राजनाथ जोशी का लोकगायन सुना गया. लोकगायन के उपरान्त दिल्ली के देवेंद्र शर्मा ने गंगा पुत्र नृत्य नाटिका का मंचन किया. गंगा पुत्र नृत्य नाटिका के बाद बरेली की कलाकार अंजलि द्विवेदी का गायन हुआ. 

सेक्टर 13 के सरस्वती मंच पर बलरामपुर के प्रभुदास पांडेय ने भजनों की प्रस्तुति दी. भजनों के बाद प्रयागराज की लोक कलाकार रंजना त्रिपाठी ने लोकगीत प्रस्तुत किये. लोकगीतों के बाद उड़ीसा की कलाकार सम्पत राय संजोज ने उड़िया लोक नृत्य प्रस्तुत किये. लोक नृत्य के उपरान्त लखनऊ के कलाकार श्रीकांत शुक्ल के सोलो तबला और पखावज वादन का कार्यक्रम प्रस्तुत हुआ. संगीत की इस प्रस्तुति के बाद बहराइच के कलाकार रत्नाकर द्विवेदी ने लिल्ली घोड़ी कार्यक्रम प्रस्तुत किया. लिल्ली घोड़ी के बाद लखनऊ के कलाकार जितेंद्र मित्तल के नाटकों ने दर्शकों का जमकर मनोरंजन किया. 

किला चौराहे, अक्षयवट मंच और  भारद्वाज मंच के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज मध्यप्रदेश के मध्यप्रदेश के लोक रंग दर्पण कला केन्द्र द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया. लोक नृत्य के उपरान्त मध्यप्रदेश के ही जादूगर शिवा राणा ने जादू का कार्यक्रम प्रस्तुत करके दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया.

केपी इंटर कॉलेज कला-मंच, लेप्रोसी मिशन चौराहे और हाथी पार्क के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर बिहार के कलाकार पुष्कर कुमार ने कठपुतली शो प्रस्तुत किया. कठपुतली शो के बाद कानपुर के दि वीनस क्लब ऑफ कानपुर ने नाटक की प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को सार्थक संदेश दिया. 

संस्कृति ग्राम चौराहे, अरैल सेक्टर 19 और वल्लभाचार्य मोड़  के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज हाथरस के पन्डित नथाराम लोक साहित्य शोध संस्थान ने नाटक का मन्चन किया. नाटक के बाद फैजाबाद की आराधना पांडेय ने कजरी, चैती और भजन प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना अर्जित की.

 बैंक चौराहे, सिविल लाइंस बस स्टॉप और पत्थर वाले चर्च के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज दिल्ली के गौरव प्रकाश ने नाटक का मन्चन किया. नाटक के पश्चात प्रयागराज के कृष्ण कुमार पटेल ने बिरहा गायन की प्रस्तुति दे कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया.

बालसन चौराहे, इंद्रमूर्ति चौराहे और सुभाष चौराहे के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज मिर्जापुर के कलाकार कमलेश कुमार यादव ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया. लोकनृत्य के बाद फैजाबाद के जय नारायण पटेल ने सुन्दर अवधी-भोजपुरी लोकगीत प्रस्तुत करके दर्शकों का दिल जीत लिया.

विश्वविद्यालय तिराहे और राजापुर ट्रैफिक चौराहे के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज महाराजगंज के कलाकार राजाराम भारती के भोजपुरी लोकगीतों का कार्यक्रम हुआ. लोकगीतों के उपरान्त घाटसागर के नवल प्रयांश कला केन्द्र के द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य का दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया. 

हीरालाल हलवाई, सरस्वती घाट-नैनी ब्रिज और प्रयागराज जंक्शन के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज मध्यप्रदेश  के लोक-कलाकार आतिश नेमा का लोक नृत्य हुआ. आतिश नेमा के बाद मध्यप्रदेश के ही राधेश्याम ने भी लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना अर्जित की. प्रयागराज से न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल के लिये पारिजात त्रिपाठी.

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