सांस्कृतिक कुंभ – कला उत्सव : दिवस-28 : 14 फरवरी 2019

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सांस्कृतिक कुम्भ अपनी पूरी रवानी पर है,यद्यपि तीन प्रमुख स्नान संपन्न हो चुके हैं किन्तु श्रद्धालु आगंतुकों का तांता बराबर लगा हुआ है..

सुशोभित इस विश्व मेले में उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के सौजन्य से तैयार किये गये मन्चों की धूम है. पाँचों सांस्कृतिक मंचों पर विविध सांस्कृतिक गतिविधियां दर्शकों को लुभा रही हैं और अब तो दिन-प्रतिदिन यहाँ आ रहे दर्शकों की संख्या बढ़ती जा रही है जो इन मन्चों की शोभा भी बढ़ा रहे हैं और कलाकारों का उत्साह भी.

आज गुरुवार 14 फरवरी 2019 को सेक्टर स्थित अक्षयवट मन्च पर वाराणसी की कलाकार सुप्रिया शाह का सितार वादन सुना गया. फिर जयपुर की लोक कलाकार गुलाबो ने राजस्थान का कालबेलिया लोकनृत्य प्रस्तुत किया. लोकनृत्य के इस कार्यक्रम के उपरान्त मुम्बई के राजेश पान्डेय के भोजपुरी गायन ने दर्शकों का दिल जीत लिया.

स्थित ऋषि भारद्वाज मन्च पर लखनऊ के सत्यप्रकाश साहू ने गायन का कार्यक्रम प्रस्तुत किया. गायन के कार्यक्रम के बाद लखनऊ की कलाकार संगीता श्रीवास्तव ने सुगम संगीत प्रस्तुत किया. सुगम संगीत के बाद दिल्ली की माया निगम ने कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी. कत्थक नृत्य के बाद बोकारो के चंदन तिवारी ने भोजपुरी गायन किया जिसका पान्डाल में उपस्थित दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया.

स्थित यमुना मन्च पर लखनऊ की उत्तरान्चल स्वर संगम संस्था के कलाकार गोपाल गैलाकोटी द्वारा उत्तरान्चल के लोक नृत्य प्रस्तुत किये गए. इन लोक नृत्यों के बाद लखनऊ के ही चन्द्र प्रकाश मिश्रा ने मीठे भजन सुनाये. भजनों के बाद लखनऊ की निधि निगम ने अवधी लोक गायन प्रस्तुत किया. अवधी लोक गायन के बाद देखा गया एक विशेष कार्यक्रम कव्वाली जिसे पेश किया प्रयागराज के गायक यासीन नाजा ने.दर्शकों ने कव्वाली के इस कार्यक्रम का न केवल आनंद लिया बल्कि गाने वाले कलाकारों का तालियों से साथ भी दिया.

सेक्टर १४ स्थित सरस्वती मंच पर गोंडा की कलाकार उर्मिला पांडेय ने अवधि लोकगायन प्रस्तुत किया. उनके शुरूआती गीत कोयल बिन बगिया न सोहे राजा गीत ने दर्शकों को मन्त्रमुग्ध कर दिया. उन्होंने तनी ताका न बलमुआ हमार ओरिया गीत के साथ दर्शको से विदा ली. अवधि लोक गीतों के उपरान्त फैजाबाद की कलाकार संगीता आहूजा ने लोक नृत्य का कार्यक्रम प्रस्तुत किया. दिल्ली की नलिनी कमलिनी का कत्थक नृत्य ने दर्शकों की भरपूर सराहना अर्जित की.

लखनऊ के नाटककारों दबीर सिद्दीकी और विजय तिवारी ने नाटक प्रस्तुत किये और दर्शकों का न केवल मनोरंजन किया बल्कि उन्हें अपनी नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सकारात्मक सन्देश भी दिए.

आज प्रयागराज स्थित संस्कृति विभाग द्वारा कुम्भ के लिये तैयार किये गये बीस लघु कला-मंचों पर विभिन्न मंचों पर नाटकों एवं भजनों की धूम रही. देश भर से आये लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से मेले में आये श्रद्धालुओं का खूब मनोरंजन किया.

अक्षयवट  मंच के निकट स्थित मंच पर लखनऊ से आई रूचि सिंह ने नाटक का मंचन किया . इसी क्रम में लखनऊ के कलाकार अनादि प्रकाश के मधुर भजन सुने गए. दोनों कलाकारों ने किला चौराहे और भारद्वाज  मंच के पास स्थित मंचों पर भी अपने हुनर का जलवा बिखेरा . प्रयागराज के कलाकार हरविंद कुमार यादव व बलिया के शिवाकांत ने के .पी. इंटर कालेज, सरस्वती घाट नैनी ब्रिज व लेप्रोसी मिशन चौराहे स्थित मंचों पर मनमोहक लोक नृत्य किये.

स्वरांजलि कला केंद्र लखनऊ की संध्या प्रजापति व  प्रयागराज के अलोक कुमार ने संस्कृति ग्राम चौराहे, अरैल सेक्टर 19  और वल्लभाचार्य  मोड़ स्थित मंचों पर लोक नृत्य और जादू के कार्यक्रम दिखाए. 

इसी तरह से लखनऊ से आये लोक कलाकार जगन्नाथ ने सुभाष चौराहे , सिविल  लाइन बस स्टॉप और पत्थर वाले चर्च के निकट स्थित मंचों पर लघु नाटिका नट-नटी का  मंचन किया . इन्ही मंचों पर लखनऊ के भारती मिश्रा एवं पार्टी ने मधुर अवधी लोक गीत प्रस्तुत किये.

लखनऊ की ही संगीता चौबे ने नेहरू पार्क, इंद्रमूर्ति चौराहे व बैंक चौराहे स्थित मंचों पर  लोक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी जबकि इन्ही मंचों पर सूर्या महिला जन कल्याण समिति लखनऊ के कलाकारों ने नाटक का मंचन किया.

प्रयागराज के सत्यवान कुमार ने विश्वविद्यालय तिराहे और राजापुर ट्रैफिक चौराहे स्थित मंचों पर लोक नृत्य प्रस्तुत किया जबकि प्रयागराज के ही पवन कुमार यादव ने बिरहा लोक गायन प्रस्तुत किया.लखनऊ के अंगद राम ओझा ने हीरा  हलवाई चौराहे , हाथी पार्क चौराहे व रेलवे जंक्शन प्रयागराज स्थित मंचों पर लोक गीत के कार्यक्रम प्रस्तुत किये जबकि गाज़ियाबाद की पिंकी पाल ने इन्ही मंचों पर नाटक का मंचन किया.  प्रयागराज से न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल के लिये पारिजात त्रिपाठी.

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