सांस्कृतिक कुंभ – कला उत्सव : दिवस-33 : 15 फरवरी 2019

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प्रयागराज ने कुम्भ 2019 का आतिथ्य करके विश्व के इस सर्वोच्च आध्यात्मिक संगम को अपनी धरती का मंच तो दिया ही है साथ ही उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग ने भी इस दिशा में अपनी विशेष भूमिका का निर्वाह किया है.

संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश ने कुम्भ को सांस्कृतिक मंच दिए हैं जो कि देश और प्रदेश की संस्कृति के झरोखे बने हुए हैं. संस्कृति विभाग द्वारा कुम्भ परिसर में तैयार किये गए पाँचों बीस सांस्कृतिक मन्चों पर प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे हैं जिन्हें दर्शकों की भरपूर प्रशंसा प्राप्त हो रही है.

कुम्भ परिसर के सेक्टर ६ स्थित भारद्वाज मंच पर लखनऊ की सपना सिंह ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया वही विनोद द्विवेदी ने ध्रुपद गायन प्रस्तुत किया | प्रयागराज की वर्षा मिश्रा ने कथक नृत्य प्रस्तुत कर तालियों के साथ दर्शकों की सराहना अर्जित की. लखनऊ की नीलम पांडेय ने भोजपुरी लोक गायन प्रस्तुत किया तो बनारस के राकेश तिवारी ने अपने भजनों से सबको भाव-विभोर कर दिया|

सेक्टर १३ स्थित सरस्वती मंच पर आज लखनऊ से आयी लोक-कलाकार आरती ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया | प्रयागराज की कलाकार सुषमा शर्मा ने शबरी की प्रतीक्षा नाटक की सार्थक प्रस्तुति से दर्शकों को प्रभावित किया | लखनऊ से आयी सीमा मोदी ने भी नाटक का मंचन किया | वहीं इस मंच पर सबसे विशेष प्रस्तुति के तौर पर आकलैन्ड से आये प्रवीण कुमार के निर्देशन में न्यूज़ीलैन्ड के कलाकारों ने भारतीय दर्शकों के समक्ष न्यूज़ीलैन्ड की रामलीला प्रस्तुत की.

सेक्टर 17 के यमुना मंच पर चंदौली के कलाकार श्रीराम यादव ने बिरहा गायन प्रस्तुत किया तो वहीं मनोज सिंह ने भजन का कार्यक्रम प्रस्तुत किया | मथुरा की कलाकार बांसुरी ने कृष्ण लीला का मंचन किया तो लखनऊ से आये अंजनी उपाध्याय ने भोजपुरी संगीत प्रस्तुत कर दर्शकों की जमकर वाह-वाही लूटी.

सेक्टर 1 स्थित गंगा मंच पर ब्रह्मकुमारी संस्था की तरफ से एक रशियन बैले – डिवाइन लाइट शो प्रस्तुत किया गया जिसने अपनी अद्भुत कलाकारी के माध्यम से दर्शकों से स्टैंडिंग ओबेशन का सम्मान अर्जित किया.

कुम्भ के सांस्कृतिक मंचों की भाँती संस्कृति विभाग द्वारा प्रयागराज शहर में स्थापित बीसों सांस्कृतिक मन्चों पर भी प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम लगातार चल रहे हैं.

किला चौराहे, अक्षयवट मंच और भारद्वाज मंच के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज लखनऊ की कलाकार रश्मि उपाध्याय ने लोक गीत प्रस्तुत किये. लोक गीत के उपरान्त लखनऊ के ही मोनू नाथ ने नट – नटी का कार्यक्रम प्रस्तुत किया.

केपी इंटर कॉलेज कला-मंच, लेप्रोसी मिशन चौराहे और सरस्वती घाट -नैनी ब्रिज के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज दिल्ली के कलाकार धीरज कुमार नाटक का मंचन प्रस्तुत किया. नाटक के बाद बिहार के रणजीत कुमार राय ने लोक नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया.

संस्कृति ग्राम चौराहे, अरैल सेक्टर 19 और वल्लभाचार्य मोड़ के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज लखनऊ के कलाकार अनुपम बिसारिया के नाटक का मंचन हुआ. नाटक के बाद बिहार के मिथलेश कुमार ने लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना अर्जित की.

बालसन चौराहे, इंद्रमूर्ति चौराहे और बैंक चौराहे (प्रयाग स्टेशन) के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज आज बिहार के अमित कुमार ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया. लोक नृत्य के पश्चात कौशाम्बी के कलाकार प्रीतम चंद्र बिरहा लोक गीत की प्रस्तुति दे कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया.

सुभाष चौराहे, सिविल लाइंस बस स्टॉप और पत्थर वाले चर्च के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर लखनऊ की कामायनी संस्था के कलाकार नवीन श्रीवास्तव ने नाटक का मंचन किया. नाटक के बाद मेरठ के अंकुर कुमार ने जादू का कार्यक्रम का दिल जीत लिया.

विश्वविद्यालय तिराहे और राजापुर ट्रैफिक चौराहे के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज सुल्तानपुर के कलाकार रामबहादुर ने लोक गीत सुनाये तो उनके जवाब में प्रयागराज के कलाकार दिलीप कुमार चौधरी ने लोक नृत्य की ज़ोरदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को तालियां बजाने को विवश कर दिया.

हीरालाल हलवाई चौराहे, हाथी पार्क और प्रयागराज जंक्शन के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज बिहार के कलाकार विकास कुमार ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया. लोक नृत्य के बाद लखनऊ की सुश्री बबली भंडारी ने सुन्दर लोक गीत गाकर समा बाँध दिया. प्रयागराज से न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल के लिये पारिजात त्रिपाठी.

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